IAS Subrata Gupta: IAS सुब्रत गुप्ता बने शुभेंदु अधिकारी के सलाहकार, जानें कितनी मिलती है उन्हें सैलरी?

IAS Subrata Gupta: पश्चिम बंगाल की राजनीति में हाल ही में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं. 2026 विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पहली बार राज्य में सरकार बनाई. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शपथ लेने के तुरंत बाद अपने प्रशासनिक कार्यालय में कई जरूरी नियुक्तियां कीं, इस लिस्ट में सबसे चर्चा में आने वाला नाम रिटायर्ड आईएएस अधिकारी डॉ. सुब्रत गुप्ता का है.  डॉ. सुब्रत गुप्ता को अब मुख्यमंत्री का सलाहकार बनाया गया है. उनके पास 35 साल से ज्यादा का प्रशासनिक अनुभव है और वे चुनावी प्रक्रिया, नीति निर्माण और प्रशासनिक मामलों में काफी निपुण माने जाते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि डॉ. सुब्रत गुप्ता कौन हैं, उनकी पिछली सेवाएं क्या रही हैं और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सलाहकार बने को सैलरी कितनी मिलती है.  डॉ. सुब्रत गुप्ता कौन हैं? डॉ. सुब्रत गुप्ता पश्चिम बंगाल के ही रहने वाले हैं और 1990 बैच के बंगाल कैडर के आईएएस अधिकारी रहे हैं. उन्होंने लगभग 35 वर्षों तक अलग-अलग प्रशासनिक पदों पर काम किया और राज्य एवं केंद्र दोनों स्तरों पर जरूरी जिम्मेदारियां निभाई. उन्होंने वाम दलों की सरकार और बाद में तृणमूल कांग्रेस की सरकार में भी जरूरी प्रशासनिक पदों पर काम किया. डॉ. सुब्रत गुप्ता की शिक्षा डॉ. सुब्रत गुप्ता ने तकनीकी क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बी.ई. की डिग्री प्राप्त की, इसके बाद कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में एम.टेक किया और IIT खड़गपुर से इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन में पीएच.डी. पूरी की है.  डॉ. सुब्रत गुप्ता की पिछली जिम्मेदारियां डॉ. सुब्रत गुप्ता ने अपने प्रशासनिक करियर में पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जरूरी पदों पर कार्य किया है. डॉ. सुब्रत गुप्ता बर्धमान और जलपाईगुड़ी जिलों के जिलाधिकारी रह चुके हैं, जहां उन्होंने स्थानीय प्रशासन और विकास कार्यों की निगरानी की, इसके अलावा, डॉ. सुब्रत गुप्ता कोलकाता मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक भी रहे, जहां उन्होंने देश के पहले अंडरग्राउंड वॉटर मेट्रो प्रोजेक्ट की सफल निगरानी की, इसके साथ ही उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और जाति प्रमाण पत्र विभाग जैसे विभागों में सचिव और अपर मुख्य सचिव के पद पर भी जरूरी जिम्मेदारियां निभाईं. अपने पूरे करियर में उन्होंने 27 अलग-अलग प्रशासनिक और नीति निर्माण से जुड़े पदों पर काम किया.  यह भी पढ़ें - JMI PhD Admission 2026: जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने जारी किया पीएचडी एडमिशन शेड्यूल, 11 मई से शुरू होंगे आवेदन डॉ. सुब्रत गुप्ता की चुनावी प्रक्रिया में भूमिका 2026 विधानसभा चुनाव से पहले डॉ. सुब्रत गुप्ता का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में आया. उन्हें निर्वाचन आयोग ने स्पेशल रोल ऑब्जर्वर बनाया था.  इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की निगरानी की, उनके काम से चुनाव प्रक्रिया संपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी बनी. चुनाव के बाद, राज्य में सत्ता परिवर्तन के तुरंत बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने डॉ. सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का सलाहकार नियुक्त किया. जिसमें उनकी जिम्मेदारियां नीतिगत निर्णयों में मदद करना, विभागीय समन्वय और प्रशासनिक सुधार में मार्गदर्शन देना, शासन और सुशासन से जुड़े मामलों पर सलाह देना है. राज्यपाल की मंजूरी के साथ ही यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई.  डॉ. सुब्रत गुप्ता की सैलरी मुख्यमंत्री के सलाहकार के रूप में रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों की सैलरी राज्य सरकार के नियमों के अनुसार तय होती है. आमतौर पर यह 1.5 से 2 लाख रुपए प्रति माह के बीच हो सकती है, जिसमें अलग-अलग भत्ते और सुविधाएं भी शामिल होती हैं. इसके अलावा, इस पद पर रहते हुए उन्हें राजनीतिक और प्रशासनिक निर्णयों में जरूरी भूमिका निभाने का मौका मिलता है.  यह भी पढ़ें - देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू को कितनी मिलती थी सैलरी, तब से अब तक कितना हुआ इजाफा?

May 10, 2026 - 17:30
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IAS Subrata Gupta: IAS सुब्रत गुप्ता बने शुभेंदु अधिकारी के सलाहकार, जानें कितनी मिलती है उन्हें सैलरी?

IAS Subrata Gupta: पश्चिम बंगाल की राजनीति में हाल ही में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं. 2026 विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पहली बार राज्य में सरकार बनाई. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शपथ लेने के तुरंत बाद अपने प्रशासनिक कार्यालय में कई जरूरी नियुक्तियां कीं, इस लिस्ट में सबसे चर्चा में आने वाला नाम रिटायर्ड आईएएस अधिकारी डॉ. सुब्रत गुप्ता का है. 

डॉ. सुब्रत गुप्ता को अब मुख्यमंत्री का सलाहकार बनाया गया है. उनके पास 35 साल से ज्यादा का प्रशासनिक अनुभव है और वे चुनावी प्रक्रिया, नीति निर्माण और प्रशासनिक मामलों में काफी निपुण माने जाते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि डॉ. सुब्रत गुप्ता कौन हैं, उनकी पिछली सेवाएं क्या रही हैं और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सलाहकार बने को सैलरी कितनी मिलती है. 

डॉ. सुब्रत गुप्ता कौन हैं?

डॉ. सुब्रत गुप्ता पश्चिम बंगाल के ही रहने वाले हैं और 1990 बैच के बंगाल कैडर के आईएएस अधिकारी रहे हैं. उन्होंने लगभग 35 वर्षों तक अलग-अलग प्रशासनिक पदों पर काम किया और राज्य एवं केंद्र दोनों स्तरों पर जरूरी जिम्मेदारियां निभाई. उन्होंने वाम दलों की सरकार और बाद में तृणमूल कांग्रेस की सरकार में भी जरूरी प्रशासनिक पदों पर काम किया.

डॉ. सुब्रत गुप्ता की शिक्षा

डॉ. सुब्रत गुप्ता ने तकनीकी क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बी.ई. की डिग्री प्राप्त की, इसके बाद कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में एम.टेक किया और IIT खड़गपुर से इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन में पीएच.डी. पूरी की है. 

डॉ. सुब्रत गुप्ता की पिछली जिम्मेदारियां

डॉ. सुब्रत गुप्ता ने अपने प्रशासनिक करियर में पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जरूरी पदों पर कार्य किया है. डॉ. सुब्रत गुप्ता बर्धमान और जलपाईगुड़ी जिलों के जिलाधिकारी रह चुके हैं, जहां उन्होंने स्थानीय प्रशासन और विकास कार्यों की निगरानी की, इसके अलावा, डॉ. सुब्रत गुप्ता कोलकाता मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक भी रहे, जहां उन्होंने देश के पहले अंडरग्राउंड वॉटर मेट्रो प्रोजेक्ट की सफल निगरानी की, इसके साथ ही उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और जाति प्रमाण पत्र विभाग जैसे विभागों में सचिव और अपर मुख्य सचिव के पद पर भी जरूरी जिम्मेदारियां निभाईं. अपने पूरे करियर में उन्होंने 27 अलग-अलग प्रशासनिक और नीति निर्माण से जुड़े पदों पर काम किया. 

यह भी पढ़ें - JMI PhD Admission 2026: जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने जारी किया पीएचडी एडमिशन शेड्यूल, 11 मई से शुरू होंगे आवेदन

डॉ. सुब्रत गुप्ता की चुनावी प्रक्रिया में भूमिका

2026 विधानसभा चुनाव से पहले डॉ. सुब्रत गुप्ता का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में आया. उन्हें निर्वाचन आयोग ने स्पेशल रोल ऑब्जर्वर बनाया था.  इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की निगरानी की, उनके काम से चुनाव प्रक्रिया संपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी बनी. चुनाव के बाद, राज्य में सत्ता परिवर्तन के तुरंत बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने डॉ. सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का सलाहकार नियुक्त किया. जिसमें उनकी जिम्मेदारियां नीतिगत निर्णयों में मदद करना, विभागीय समन्वय और प्रशासनिक सुधार में मार्गदर्शन देना, शासन और सुशासन से जुड़े मामलों पर सलाह देना है. राज्यपाल की मंजूरी के साथ ही यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई. 

डॉ. सुब्रत गुप्ता की सैलरी

मुख्यमंत्री के सलाहकार के रूप में रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों की सैलरी राज्य सरकार के नियमों के अनुसार तय होती है. आमतौर पर यह 1.5 से 2 लाख रुपए प्रति माह के बीच हो सकती है, जिसमें अलग-अलग भत्ते और सुविधाएं भी शामिल होती हैं. इसके अलावा, इस पद पर रहते हुए उन्हें राजनीतिक और प्रशासनिक निर्णयों में जरूरी भूमिका निभाने का मौका मिलता है. 

यह भी पढ़ें - देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू को कितनी मिलती थी सैलरी, तब से अब तक कितना हुआ इजाफा?

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