Hyderabad: आखिर कब होगी सख्ती? ड्यूटी पर जा रहे ASI का चाइना मांझा से कटा गला, आए कई टांके
Hyderabad News: संक्रांति आते ही जहां एक ओर लोग पतंगबाजी का मजा लेने को उत्साहित होते हैं, वहीं दूसरी ओर दोपहिया वाहन चलाने वालों के लिए यह त्योहार डर का कारण भी बन गया है. चाइना मांझा के खौफ से लोग सड़क पर निकलने से पहले ही सहम जाते हैं. हर साल हादसे बढ़ते हैं, लेकिन इस बार मामला और गंभीर हो गया है, क्योंकि अब एक पुलिस अधिकारी इस घातक मांझे का शिकार बन गया है. एएसआई नागराज की गर्दन कटी तेलंगाना के हैदराबाद के नल्लाकुंटा पुलिस स्टेशन में तैनात एएसआई नागराज संक्रांति ड्यूटी के लिए उप्पल जा रहे थे. शाम करीब साढ़े चार बजे उनका दोपहिया वाहन साउथ स्वरूप नगर क्षेत्र में पहुंचा ही था कि अचानक उनकी गर्दन में चाइना मांझा फंस गया. तेज मांझे ने उनकी गर्दन को काट दिया और खून बहने लगा. वह बाइक रोककर गिर पड़े. स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, नागराज की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है. इस घटना ने पूरे शहर में हलचल मचा दी है और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं. दिसंबर के अंत से ही हैदराबाद में पतंगबाजी शुरू हो जाती है. ऊंची इमारतों से उड़ती पतंगें, बच्चों की भीड़ और त्योहार का मजा, लेकिन इस बीच चाइना मांझा लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है. यह धागा बेहद तेज, मजबूत और खतरनाक होता है. इसकी वजह से हर साल कई लोग घायल होते हैं. बाइक पर सवार एक मां और बेटे भी इस चाइना मांझा की चपेट में आकर घायल हो गए. ऐसे हादसे सिर्फ हैदराबाद में नहीं, बल्कि देश के कई शहरों में चिंता का कारण बन चुके हैं. अन्य राज्यों की पुलिस कर रही सावधानियां गुजरात और कुछ अन्य राज्यों में पुलिस ने दोपहिया वाहनों के लिए विशेष सेफ्टी रॉड लगाने शुरू किए हैं, ताकि गर्दन पर मांझा न फंसे. कुछ जगहों पर लोगों को मोटे कपड़े या बेल्ट भी दिए जा रहे हैं ताकि दुर्घटना का खतरा कम किया जा सके. लेकिन हैदराबाद में स्थिति वैसी नहीं है. पुलिस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जरूर की, दो–चार दुकानों पर छापेमारी भी हुई, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं दिखाई देती. उन्होंने एक या दो दिन दुकानों पर छापेमारी की. उन्होंने चेतावनी दी कि वे बेचने वालों और खरीदने वालों के खिलाफ मामले दर्ज करेंगे. ऐसा लगता नहीं है कि चेतावनी के स्तर पर कार्रवाई की गई है. वे यह पता लगाने में असमर्थ हैं कि बिक्री कैसे हो रही है. वे यह पता लगाने में असमर्थ हैं कि जड़ें कहां हैं. वे उन्हें गर्दन के चारों ओर पहनने के लिए कपड़ा दे रहे हैं. अब एक पुलिस अधिकारी के घायल होने और अस्पताल में भर्ती होने के बाद, लोगों से अनुरोध है कि कड़ी कार्रवाई की जाए और किसी और को घायल होने से बचाया जाए
Hyderabad News: संक्रांति आते ही जहां एक ओर लोग पतंगबाजी का मजा लेने को उत्साहित होते हैं, वहीं दूसरी ओर दोपहिया वाहन चलाने वालों के लिए यह त्योहार डर का कारण भी बन गया है. चाइना मांझा के खौफ से लोग सड़क पर निकलने से पहले ही सहम जाते हैं. हर साल हादसे बढ़ते हैं, लेकिन इस बार मामला और गंभीर हो गया है, क्योंकि अब एक पुलिस अधिकारी इस घातक मांझे का शिकार बन गया है.
एएसआई नागराज की गर्दन कटी
तेलंगाना के हैदराबाद के नल्लाकुंटा पुलिस स्टेशन में तैनात एएसआई नागराज संक्रांति ड्यूटी के लिए उप्पल जा रहे थे. शाम करीब साढ़े चार बजे उनका दोपहिया वाहन साउथ स्वरूप नगर क्षेत्र में पहुंचा ही था कि अचानक उनकी गर्दन में चाइना मांझा फंस गया. तेज मांझे ने उनकी गर्दन को काट दिया और खून बहने लगा. वह बाइक रोककर गिर पड़े. स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, नागराज की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है.
इस घटना ने पूरे शहर में हलचल मचा दी है और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं. दिसंबर के अंत से ही हैदराबाद में पतंगबाजी शुरू हो जाती है. ऊंची इमारतों से उड़ती पतंगें, बच्चों की भीड़ और त्योहार का मजा, लेकिन इस बीच चाइना मांझा लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है. यह धागा बेहद तेज, मजबूत और खतरनाक होता है. इसकी वजह से हर साल कई लोग घायल होते हैं. बाइक पर सवार एक मां और बेटे भी इस चाइना मांझा की चपेट में आकर घायल हो गए. ऐसे हादसे सिर्फ हैदराबाद में नहीं, बल्कि देश के कई शहरों में चिंता का कारण बन चुके हैं.
अन्य राज्यों की पुलिस कर रही सावधानियां
गुजरात और कुछ अन्य राज्यों में पुलिस ने दोपहिया वाहनों के लिए विशेष सेफ्टी रॉड लगाने शुरू किए हैं, ताकि गर्दन पर मांझा न फंसे. कुछ जगहों पर लोगों को मोटे कपड़े या बेल्ट भी दिए जा रहे हैं ताकि दुर्घटना का खतरा कम किया जा सके.
लेकिन हैदराबाद में स्थिति वैसी नहीं है. पुलिस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जरूर की, दो–चार दुकानों पर छापेमारी भी हुई, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं दिखाई देती. उन्होंने एक या दो दिन दुकानों पर छापेमारी की. उन्होंने चेतावनी दी कि वे बेचने वालों और खरीदने वालों के खिलाफ मामले दर्ज करेंगे. ऐसा लगता नहीं है कि चेतावनी के स्तर पर कार्रवाई की गई है. वे यह पता लगाने में असमर्थ हैं कि बिक्री कैसे हो रही है. वे यह पता लगाने में असमर्थ हैं कि जड़ें कहां हैं.
वे उन्हें गर्दन के चारों ओर पहनने के लिए कपड़ा दे रहे हैं. अब एक पुलिस अधिकारी के घायल होने और अस्पताल में भर्ती होने के बाद, लोगों से अनुरोध है कि कड़ी कार्रवाई की जाए और किसी और को घायल होने से बचाया जाए
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