How Cold Is Too Cold: कितनी ठंड सह सकता है हमारा शरीर, ज्यादा सर्दी बढ़ने पर क्या होती हैं दिक्कतें?
How Much Cold Can The Human Body Tolerate: चाहे आपको चिलचिलाती गर्मी पसंद हो या कड़ाके की ठंड, तापमान में अचानक और ज्यादा बदलाव हमारे शरीर के लिए खतरे की घंटी होता है. इंसान का शरीर होमियोथर्मिक होता है, यानी हमारे शरीर का अंदरूनी तापमान लगभग एक-सा बना रहता है. आमतौर पर यह करीब 37 डिग्री सेल्सियस होता है. जब तापमान गिरता है तो शरीर संतुलन बिगड़ने लगता है. चलिए आपको बताते हैं कि इंसान का शरीर कितनी ठंड सह सकता है. ज्यादा ठंड होने पर क्या होती है दिक्कत? जब तापमान गिरता है, तो शरीर पर इसका सीधा असर पड़ता है. ठंड लगने पर शरीर सबसे पहले त्वचा तक जाने वाले खून की मात्रा कम कर देता है, कंपकंपी के जरिए गर्मी पैदा करता है और रोंगटे खड़े कर त्वचा के पास गर्म हवा को फंसाने की कोशिश करता है. लेकिन जब ठंड बहुत ज्यादा हो जाती है, तो शरीर की ये नेचुरल सुरक्षा प्रणालियां काम करना बंद कर देती हैं. अगर शरीर का अंदरूनी तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाए, तो इसे हाइपोथर्मिया कहा जाता है. अब चलिए आपको बताते हैं कि यह स्थिति कितनी खतरनाक हो सकती है. हाइपोथर्मिया कितना खतरनाक है? Medical News Today के अनुसार, हाइपोथर्मिया तीन तरह का होता है. पहले नंबर पर आता है हल्का हाइपोथर्मिया, जिसमें शरीर का तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है. इस स्थिति में लक्षण धीरे-धीरे दिखते हैं. व्यक्ति को भूख, मतली, उलझन या भ्रम महसूस हो सकता है. त्वचा पीली और रूखी दिखने लगती है. दूसरे नंबर पर आता है मध्यम हाइपोथर्मिया, जिसमें शरीर का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ जाता है. इस लेवल पर शरीर सुस्त पड़ने लगता है. दिल की धड़कन और सांसें धीमी हो जाती हैं. ब्रेन का तापमान कंट्रोल करने वाला सिस्टम गड़बड़ा जाता है, जिससे अजीब व्यवहार देखने को मिल सकता है, जैसे बिना वजह कपड़े उतारना. इसके बाद तीसरे नंबर पर आता है गंभीर हाइपोथर्मिया, जिसमें शरीर का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ जाता है. यह सबसे खतरनाक स्थिति होती है. शरीर की एक्टिविटी लगभग बंद होने लगती है, ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट तेजी से गिरते हैं और जान का जोखिम बेहद बढ़ जाता है. इस स्थिति में इंसान बेहोश भी हो सकता है. ज्यादा ठंड होने पर क्या न करें और क्या करें? अगर कड़ाके की सर्दी पड़ रही हो, तो शरीर को ठंड से बचाने के लिए शराब का सेवन करने से बचें. गर्म पानी की बोतल का सीधा इस्तेमाल न करें. इसके साथ ही शरीर को एक्टिव रखने के लिए हल्की-फुल्की हरकत करते रहें और गर्म लेयर वाले कपड़े पहनें. इसे भी पढ़ें- Fainting On Standing: अचानक खड़े होते ही आने लगता है चक्कर, यह किस बीमारी का संकेत? Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
How Much Cold Can The Human Body Tolerate: चाहे आपको चिलचिलाती गर्मी पसंद हो या कड़ाके की ठंड, तापमान में अचानक और ज्यादा बदलाव हमारे शरीर के लिए खतरे की घंटी होता है. इंसान का शरीर होमियोथर्मिक होता है, यानी हमारे शरीर का अंदरूनी तापमान लगभग एक-सा बना रहता है. आमतौर पर यह करीब 37 डिग्री सेल्सियस होता है. जब तापमान गिरता है तो शरीर संतुलन बिगड़ने लगता है. चलिए आपको बताते हैं कि इंसान का शरीर कितनी ठंड सह सकता है.
ज्यादा ठंड होने पर क्या होती है दिक्कत?
जब तापमान गिरता है, तो शरीर पर इसका सीधा असर पड़ता है. ठंड लगने पर शरीर सबसे पहले त्वचा तक जाने वाले खून की मात्रा कम कर देता है, कंपकंपी के जरिए गर्मी पैदा करता है और रोंगटे खड़े कर त्वचा के पास गर्म हवा को फंसाने की कोशिश करता है. लेकिन जब ठंड बहुत ज्यादा हो जाती है, तो शरीर की ये नेचुरल सुरक्षा प्रणालियां काम करना बंद कर देती हैं. अगर शरीर का अंदरूनी तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाए, तो इसे हाइपोथर्मिया कहा जाता है. अब चलिए आपको बताते हैं कि यह स्थिति कितनी खतरनाक हो सकती है.
हाइपोथर्मिया कितना खतरनाक है?
Medical News Today के अनुसार, हाइपोथर्मिया तीन तरह का होता है. पहले नंबर पर आता है हल्का हाइपोथर्मिया, जिसमें शरीर का तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है. इस स्थिति में लक्षण धीरे-धीरे दिखते हैं. व्यक्ति को भूख, मतली, उलझन या भ्रम महसूस हो सकता है. त्वचा पीली और रूखी दिखने लगती है.
दूसरे नंबर पर आता है मध्यम हाइपोथर्मिया, जिसमें शरीर का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ जाता है. इस लेवल पर शरीर सुस्त पड़ने लगता है. दिल की धड़कन और सांसें धीमी हो जाती हैं. ब्रेन का तापमान कंट्रोल करने वाला सिस्टम गड़बड़ा जाता है, जिससे अजीब व्यवहार देखने को मिल सकता है, जैसे बिना वजह कपड़े उतारना. इसके बाद तीसरे नंबर पर आता है गंभीर हाइपोथर्मिया, जिसमें शरीर का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ जाता है. यह सबसे खतरनाक स्थिति होती है. शरीर की एक्टिविटी लगभग बंद होने लगती है, ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट तेजी से गिरते हैं और जान का जोखिम बेहद बढ़ जाता है. इस स्थिति में इंसान बेहोश भी हो सकता है.
ज्यादा ठंड होने पर क्या न करें और क्या करें?
अगर कड़ाके की सर्दी पड़ रही हो, तो शरीर को ठंड से बचाने के लिए शराब का सेवन करने से बचें. गर्म पानी की बोतल का सीधा इस्तेमाल न करें. इसके साथ ही शरीर को एक्टिव रखने के लिए हल्की-फुल्की हरकत करते रहें और गर्म लेयर वाले कपड़े पहनें.
इसे भी पढ़ें- Fainting On Standing: अचानक खड़े होते ही आने लगता है चक्कर, यह किस बीमारी का संकेत?
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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