Herbal Cigarettes: क्या हर्बल सिगरेट से भी हो सकता है कैंसर, जानें कैसे करती है ये नुकसान

Herbal Cigarettes: सिगरेट पीना हेल्थ के लिए बेहद खराब होता है. हर सिगरेट के पैकेट पर साफ लिखा होता है कि सिगरेट पीना कैंसर का कारण बन सकता है. फिर भी, देशभर में लाखों लोग धूम्रपान करते हैं. कई बार लोग तनाव, आदत या दिखावे के कारण सिगरेट पीना शुरू करते हैं और धीरे-धीरे इसकी लत लग जाती है. निकोटीन की यह लत इतनी गहरी होती है कि बहुत से लोग चाहकर भी उसे छोड़ नहीं पाते. कुछ लोग अचानक छोड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ दिनों या हफ्तों बाद फिर से सिगरेट पीना शुरू कर देते हैं.  पिछले कुछ सालों में धूम्रपान छोड़ने की कोशिश करने वाले लोगों के बीच एक नया चलन हर्बल सिगरेट का देखने को मिला है. इन सिगरेटों को तंबाकू-मुक्त या निकोटीन-मुक्त कहा जाता है. लोग यह सोचकर इन्हें अपनाते हैं कि ये सामान्य सिगरेट से ज्यादा सुरक्षित या हेल्थ के लिए सही होती हैं, लेकिन कई लोग इसके बारे में पूरी तरह नहीं जानते हैं. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि क्या हर्बल सिगरेट से भी कैंसर हो सकता है और ये नुकसान कैसे करती है.  हर्बल सिगरेट क्या होती हैं? हर्बल सिगरेट ऐसी सिगरेट होती हैं जिनमें तंबाकू या निकोटीन नहीं होता, बल्कि उनकी जगह पर कई तरह की जड़ी-बूटियों और पौधों की सामग्री का मिश्रण होता है. इनमें अक्सर डैमियाना, मुल्लेन, जिनसेंग, पुदीना, लैवेंडर, थाइम, लौंग, कोल्टस फूट जैसी जड़ी-बूटियां मिलाई जाती हैं. इनका दावा होता है कि ये शरीर को नुकसान नहीं पहुंचातीं और सिगरेट छोड़ने में मदद करती हैं.  कई ब्रांड इन्हें अट्रैक्टिव पैकेटों में पैक करके नेचुरल, सेफ और हेल्दी सिगरेट के रूप में बेचते हैं. इन्हें आप सामान्य दुकानों या ऑनलाइन भी आसानी से खरीद सकते हैं. यहां तक कि ये कई फ्लेवर जैसे चेरी, वेनिला, मेन्थॉल में भी मिलती हैं, लेकिन कोई भी पौधा या जड़ी-बूटी जब जलाई जाती है तो उसका धुआं भी हानिकारक केमिकल पैदा करता है.  क्या हर्बल सिगरेट से भी हो सकता है कैंसर कई लोग यह सोचते हैं कि क्योंकि हर्बल सिगरेट में निकोटीन नहीं है, इसलिए ये कम नुकसानदायक हैं. लेकिन वैज्ञानिक शोध कुछ और ही कहते हैं. अध्ययनों से पता चला है कि हर्बल सिगरेट के धुएं में भी टार, कार्बन मोनोऑक्साइड, फेनोलिक पदार्थ, एरोमेटिक अमीन और बैंजो पाइरीन जैसे केमिकल पाए जाते हैं जो कैंसर पैदा करने वाले तत्वों में गिने जाते हैं. यहां तक कि एक अध्ययन में पाया गया कि हर्बल सिगरेट के धुएं की पोइजनिंग और म्यूटाजेनिक कैपेसिटी  सामान्य सिगरेट से भी ज्यादा थी यानी, इससे डीएनए को नुकसान पहुंचाने और कैंसर का खतरा बढ़ने की संभावना रहती है.  हर्बल सिगरेट से क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं? 1. फेफड़ों को नुकसान -  किसी भी पौधे को जलाने से टार और धुआं बनता है.ये फेफड़ों में जाकर जम जाते हैं और सांस लेने की क्षमता घटाते हैं. 2. कैंसर का खतरा - हर्बल सिगरेट में भी कई कैंसरकारी केमिकल होते हैं जो समय के साथ फेफड़ों, मुंह, और गले के कैंसर का कारण बन सकते हैं. 3. हार्ट और ब्लड प्रेशर की समस्या - धुएं में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइड खून में ऑक्सीजन की मात्रा घटा देती है, जिससे दिल की बीमारियां हो सकती हैं.  4. ब्रोंकाइटिस और सांस की बीमारी - लौंग या अन्य सुगंधित जड़ी-बूटियों का धुआं ब्रोंकाइटिस और निमोनिया जैसी बीमारियों को बढ़ा सकता है.  5. लत का खतरा - भले ही इन सिगरेटों में निकोटीन न हो, लेकिन धूम्रपान की आदत बनी रहती है. धीरे-धीरे व्यक्ति फिर से असली सिगरेट की ओर लौट सकता है.  यह भी पढ़ें सोने से पहले ब्रश नहीं करते? बढ़ सकता है मुंह का इंफेक्शन और दांतों को हो सकते हैं ये नुकसान Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Nov 1, 2025 - 13:30
 0
Herbal Cigarettes: क्या हर्बल सिगरेट से भी हो सकता है कैंसर, जानें कैसे करती है ये नुकसान

Herbal Cigarettes: सिगरेट पीना हेल्थ के लिए बेहद खराब होता है. हर सिगरेट के पैकेट पर साफ लिखा होता है कि सिगरेट पीना कैंसर का कारण बन सकता है. फिर भी, देशभर में लाखों लोग धूम्रपान करते हैं. कई बार लोग तनाव, आदत या दिखावे के कारण सिगरेट पीना शुरू करते हैं और धीरे-धीरे इसकी लत लग जाती है. निकोटीन की यह लत इतनी गहरी होती है कि बहुत से लोग चाहकर भी उसे छोड़ नहीं पाते. कुछ लोग अचानक छोड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ दिनों या हफ्तों बाद फिर से सिगरेट पीना शुरू कर देते हैं. 

पिछले कुछ सालों में धूम्रपान छोड़ने की कोशिश करने वाले लोगों के बीच एक नया चलन हर्बल सिगरेट का देखने को मिला है. इन सिगरेटों को तंबाकू-मुक्त या निकोटीन-मुक्त कहा जाता है. लोग यह सोचकर इन्हें अपनाते हैं कि ये सामान्य सिगरेट से ज्यादा सुरक्षित या हेल्थ के लिए सही होती हैं, लेकिन कई लोग इसके बारे में पूरी तरह नहीं जानते हैं. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि क्या हर्बल सिगरेट से भी कैंसर हो सकता है और ये नुकसान कैसे करती है. 

हर्बल सिगरेट क्या होती हैं?

हर्बल सिगरेट ऐसी सिगरेट होती हैं जिनमें तंबाकू या निकोटीन नहीं होता, बल्कि उनकी जगह पर कई तरह की जड़ी-बूटियों और पौधों की सामग्री का मिश्रण होता है. इनमें अक्सर डैमियाना, मुल्लेन, जिनसेंग, पुदीना, लैवेंडर, थाइम, लौंग, कोल्टस फूट जैसी जड़ी-बूटियां मिलाई जाती हैं. इनका दावा होता है कि ये शरीर को नुकसान नहीं पहुंचातीं और सिगरेट छोड़ने में मदद करती हैं. 

कई ब्रांड इन्हें अट्रैक्टिव पैकेटों में पैक करके नेचुरल, सेफ और हेल्दी सिगरेट के रूप में बेचते हैं. इन्हें आप सामान्य दुकानों या ऑनलाइन भी आसानी से खरीद सकते हैं. यहां तक कि ये कई फ्लेवर जैसे चेरी, वेनिला, मेन्थॉल में भी मिलती हैं, लेकिन कोई भी पौधा या जड़ी-बूटी जब जलाई जाती है तो उसका धुआं भी हानिकारक केमिकल पैदा करता है. 

क्या हर्बल सिगरेट से भी हो सकता है कैंसर

कई लोग यह सोचते हैं कि क्योंकि हर्बल सिगरेट में निकोटीन नहीं है, इसलिए ये कम नुकसानदायक हैं. लेकिन वैज्ञानिक शोध कुछ और ही कहते हैं. अध्ययनों से पता चला है कि हर्बल सिगरेट के धुएं में भी टार, कार्बन मोनोऑक्साइड, फेनोलिक पदार्थ, एरोमेटिक अमीन और बैंजो पाइरीन जैसे केमिकल पाए जाते हैं जो कैंसर पैदा करने वाले तत्वों में गिने जाते हैं. यहां तक कि एक अध्ययन में पाया गया कि हर्बल सिगरेट के धुएं की पोइजनिंग और म्यूटाजेनिक कैपेसिटी  सामान्य सिगरेट से भी ज्यादा थी यानी, इससे डीएनए को नुकसान पहुंचाने और कैंसर का खतरा बढ़ने की संभावना रहती है. 

हर्बल सिगरेट से क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं?

1. फेफड़ों को नुकसान -  किसी भी पौधे को जलाने से टार और धुआं बनता है.ये फेफड़ों में जाकर जम जाते हैं और सांस लेने की क्षमता घटाते हैं.

2. कैंसर का खतरा - हर्बल सिगरेट में भी कई कैंसरकारी केमिकल होते हैं जो समय के साथ फेफड़ों, मुंह, और गले के कैंसर का कारण बन सकते हैं.

3. हार्ट और ब्लड प्रेशर की समस्या - धुएं में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइड खून में ऑक्सीजन की मात्रा घटा देती है, जिससे दिल की बीमारियां हो सकती हैं. 

4. ब्रोंकाइटिस और सांस की बीमारी - लौंग या अन्य सुगंधित जड़ी-बूटियों का धुआं ब्रोंकाइटिस और निमोनिया जैसी बीमारियों को बढ़ा सकता है. 

5. लत का खतरा - भले ही इन सिगरेटों में निकोटीन न हो, लेकिन धूम्रपान की आदत बनी रहती है. धीरे-धीरे व्यक्ति फिर से असली सिगरेट की ओर लौट सकता है. 


यह भी पढ़ें सोने से पहले ब्रश नहीं करते? बढ़ सकता है मुंह का इंफेक्शन और दांतों को हो सकते हैं ये नुकसान

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow