Healthy Cooking Oil: सरसों का तेल या ऑलिव ऑयल... वजन घटा रहे हैं तो क्या है बेस्ट?
Which Oil Is Best For Weight Loss: वजन घटाने और फिट रहने की कोशिश कर रहे लोगों के बीच एक सवाल सबसे ज्यादा सुनने को मिलता है कि खाना बनाने के लिए कौन-सा तेल बेहतर है? कई लोग सोचते हैं कि सिर्फ तेल बदल देने से वजन तेजी से कम हो जाएगा. कुछ लोग सरसों के तेल को सबसे हेल्दी मानते हैं, तो कुछ नारियल के तेल या जैतून के तेल को बेहतर बताते हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि सिर्फ तेल बदलने से वजन कम नहीं होता, बल्कि यह इस बात पर ज्यादा निर्भर करता है कि आप तेल कितना इस्तेमाल कर रहे हैं और आपका पूरा खानपान कैसा है. क्या कैलोरी में फर्क होता है? न्यूट्रिशनिस्ट के मुताबिक लगभग हर खाने वाले तेल में कैलोरी की मात्रा करीब एक जैसी होती है. एक चम्मच सरसों का तेल, नारियल का तेल और जैतून का तेल तीनों में लगभग 120 कैलोरी के आसपास होती है. यानी अगर आपका मकसद सिर्फ कैलोरी कम करना है, तो एक तेल छोड़कर दूसरा अपनाने से बहुत बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा. असली फर्क इस बात से पड़ता है कि तेल में किस तरह की वसा मौजूद है और वह शरीर पर क्या असर डालती है. सरसों के तेल के क्या होते हैं फायदे? भारतीय रसोई में सरसों का तेल सालों से इस्तेमाल होता आ रहा है. इसमें मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट पाए जाते हैं, जिन्हें दिल के लिए बेहतर माना जाता है. इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड भी मौजूद होते हैं. इसकी तेज खुशबू और स्वाद की वजह से लोग इसे कम मात्रा में इस्तेमाल करते हैं, जो अप्रत्यक्ष रूप से कैलोरी कंट्रोल करने में मदद कर सकता है. हालांकि एक्सपर्ट्स कहते हैं कि किसी भी तेल का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर डीप फ्राई करने पर. जैतून के लिए के क्या होते हैं फायदे? जैतून का तेल अक्सर वजन घटाने वाली डाइट और दिल की सेहत से जोड़कर देखा जाता है. इसमें हेल्दी फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर में सूजन कम करने और हार्ट हेल्थ बेहतर रखने में मदद कर सकते हैं. इसका इस्तेमाल सलाद, हल्की सब्जियां या कम आंच पर पकाने में ज्यादा अच्छा माना जाता है. हालांकि यह दूसरे तेलों की तुलना में महंगा होता है और हर तरह की भारतीय कुकिंग के लिए हमेशा सही विकल्प नहीं माना जाता. इसे भी पढ़ें - Summer Fatigue: गर्मियों में बार-बार महसूस हो रही थकान, जान लें यह किस बीमारी का संकेत? वजन घटाने के लिए क्या रखें ध्यान? एक्सपर्ट का कहना है कि वजन घटाने के लिए सबसे जरूरी चीज है पोर्शन कंट्रोल, यानी तेल की मात्रा पर ध्यान देना. अगर आप रोज जरूरत से ज्यादा तेल इस्तेमाल करेंगे, तो कोई भी तेल हेल्दी साबित नहीं होगा. इसके अलावा नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन और सही कुकिंग तरीका वजन कम करने में ज्यादा असरदार होता है. एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि बार-बार डीप फ्राई खाने से बचें, तेल नापकर इस्तेमाल करें और एक ही तेल पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग तेलों को संतुलित तरीके से इस्तेमाल करें. इसे भी पढ़ें- Weak Immunity: खांसी, जुकाम, खराश और थकान? मौसम का बदलाव नहीं, शरीर में है ये कमी, पढ़ें डॉक्टर की चेतावनी Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
Which Oil Is Best For Weight Loss: वजन घटाने और फिट रहने की कोशिश कर रहे लोगों के बीच एक सवाल सबसे ज्यादा सुनने को मिलता है कि खाना बनाने के लिए कौन-सा तेल बेहतर है? कई लोग सोचते हैं कि सिर्फ तेल बदल देने से वजन तेजी से कम हो जाएगा. कुछ लोग सरसों के तेल को सबसे हेल्दी मानते हैं, तो कुछ नारियल के तेल या जैतून के तेल को बेहतर बताते हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि सिर्फ तेल बदलने से वजन कम नहीं होता, बल्कि यह इस बात पर ज्यादा निर्भर करता है कि आप तेल कितना इस्तेमाल कर रहे हैं और आपका पूरा खानपान कैसा है.
क्या कैलोरी में फर्क होता है?
न्यूट्रिशनिस्ट के मुताबिक लगभग हर खाने वाले तेल में कैलोरी की मात्रा करीब एक जैसी होती है. एक चम्मच सरसों का तेल, नारियल का तेल और जैतून का तेल तीनों में लगभग 120 कैलोरी के आसपास होती है. यानी अगर आपका मकसद सिर्फ कैलोरी कम करना है, तो एक तेल छोड़कर दूसरा अपनाने से बहुत बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा. असली फर्क इस बात से पड़ता है कि तेल में किस तरह की वसा मौजूद है और वह शरीर पर क्या असर डालती है.
सरसों के तेल के क्या होते हैं फायदे?
भारतीय रसोई में सरसों का तेल सालों से इस्तेमाल होता आ रहा है. इसमें मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट पाए जाते हैं, जिन्हें दिल के लिए बेहतर माना जाता है. इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड भी मौजूद होते हैं. इसकी तेज खुशबू और स्वाद की वजह से लोग इसे कम मात्रा में इस्तेमाल करते हैं, जो अप्रत्यक्ष रूप से कैलोरी कंट्रोल करने में मदद कर सकता है. हालांकि एक्सपर्ट्स कहते हैं कि किसी भी तेल का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर डीप फ्राई करने पर.
जैतून के लिए के क्या होते हैं फायदे?
जैतून का तेल अक्सर वजन घटाने वाली डाइट और दिल की सेहत से जोड़कर देखा जाता है. इसमें हेल्दी फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर में सूजन कम करने और हार्ट हेल्थ बेहतर रखने में मदद कर सकते हैं. इसका इस्तेमाल सलाद, हल्की सब्जियां या कम आंच पर पकाने में ज्यादा अच्छा माना जाता है. हालांकि यह दूसरे तेलों की तुलना में महंगा होता है और हर तरह की भारतीय कुकिंग के लिए हमेशा सही विकल्प नहीं माना जाता.
इसे भी पढ़ें - Summer Fatigue: गर्मियों में बार-बार महसूस हो रही थकान, जान लें यह किस बीमारी का संकेत?
वजन घटाने के लिए क्या रखें ध्यान?
एक्सपर्ट का कहना है कि वजन घटाने के लिए सबसे जरूरी चीज है पोर्शन कंट्रोल, यानी तेल की मात्रा पर ध्यान देना. अगर आप रोज जरूरत से ज्यादा तेल इस्तेमाल करेंगे, तो कोई भी तेल हेल्दी साबित नहीं होगा. इसके अलावा नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन और सही कुकिंग तरीका वजन कम करने में ज्यादा असरदार होता है. एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि बार-बार डीप फ्राई खाने से बचें, तेल नापकर इस्तेमाल करें और एक ही तेल पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग तेलों को संतुलित तरीके से इस्तेमाल करें.
इसे भी पढ़ें- Weak Immunity: खांसी, जुकाम, खराश और थकान? मौसम का बदलाव नहीं, शरीर में है ये कमी, पढ़ें डॉक्टर की चेतावनी
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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