Harvest Moon 2026: आज पूर्णिमा का चांद क्यों है खास? जानें भाद्रपद पूर्णिमा से क्या है संबंध
Harvest Moon 2026: आज 26 सितंबर की रात पूर्णिमा है. इस बार चांद की चर्चा सिर्फ पूर्णिमा की वजह से नहीं है. इसे Harvest Moon भी कहा जा रहा है. वहीं हिंदू पंचांग में आज भाद्रपद पूर्णिमा है, जिसका पितृ पक्ष से भी खास संबंध है. हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है. Harvest Moon खगोल विज्ञान से जुड़ा नाम है, जबकि भाद्रपद पूर्णिमा हिंदू पंचांग और धार्मिक परंपराओं से जुड़ी है. दोनों का आधार अलग है. Harvest Moon क्यों कहा जाता है? हर साल शरद विषुव यानी Autumn Equinox के सबसे करीब पड़ने वाली पूर्णिमा को Harvest Moon कहा जाता है. इस साल शरद विषुव 23 सितंबर को था और इसके तीन दिन बाद 26 सितंबर को पूर्णिमा पड़ रही है. इसलिए आज दिखाई देने वाला चांद Harvest Moon है. Harvest Moon नाम का रिश्ता खेती से है. पुराने समय में साल के इस हिस्से में किसान फसल काटते थे. पूर्णिमा के आसपास चांद सूर्यास्त के बाद जल्दी निकल आता था और उसकी रोशनी में किसान शाम को भी खेतों में काम कर पाते थे. इसी वजह से इसे ‘फसल का चांद’ कहा जाने लगा. चांद निकलते समय यह सामान्य से ज्यादा पीला या नारंगी भी नजर आ सकता है. इसका मतलब यह नहीं कि Harvest Moon का रंग हमेशा नारंगी होता है. क्षितिज के पास चांद की रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल से ज्यादा दूरी तय करती है, इसलिए उसका रंग बदला हुआ दिखाई दे सकता है. भाद्रपद पूर्णिमा का क्या महत्व है? हिंदू पंचांग के अनुसार आज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा है. धार्मिक मान्यताओं में इस दिन स्नान, दान, व्रत और भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की पूजा का महत्व है. भाद्रपद पूर्णिमा का पितरों से भी संबंध है. इस दिन पूर्णिमा श्राद्ध किया जाता है. खास तौर पर उन पितरों के लिए श्राद्ध करने की परंपरा है जिनकी मृत्यु पूर्णिमा तिथि को हुई हो. इसके बाद कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से पितृ पक्ष की दूसरी श्राद्ध तिथियां आती हैं. इसलिए आज का चांद दो वजहों से चर्चा में है. आसमान की भाषा में यह Harvest Moon है और हिंदू पंचांग में भाद्रपद पूर्णिमा. दोनों आज एक साथ जरूर हैं, लेकिन दोनों को जोड़कर कोई ज्योतिषीय दावा करना सही नहीं होगा. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
Harvest Moon 2026: आज 26 सितंबर की रात पूर्णिमा है. इस बार चांद की चर्चा सिर्फ पूर्णिमा की वजह से नहीं है. इसे Harvest Moon भी कहा जा रहा है. वहीं हिंदू पंचांग में आज भाद्रपद पूर्णिमा है, जिसका पितृ पक्ष से भी खास संबंध है.
हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है. Harvest Moon खगोल विज्ञान से जुड़ा नाम है, जबकि भाद्रपद पूर्णिमा हिंदू पंचांग और धार्मिक परंपराओं से जुड़ी है. दोनों का आधार अलग है.
Harvest Moon क्यों कहा जाता है?
हर साल शरद विषुव यानी Autumn Equinox के सबसे करीब पड़ने वाली पूर्णिमा को Harvest Moon कहा जाता है. इस साल शरद विषुव 23 सितंबर को था और इसके तीन दिन बाद 26 सितंबर को पूर्णिमा पड़ रही है. इसलिए आज दिखाई देने वाला चांद Harvest Moon है.
Harvest Moon नाम का रिश्ता खेती से है. पुराने समय में साल के इस हिस्से में किसान फसल काटते थे. पूर्णिमा के आसपास चांद सूर्यास्त के बाद जल्दी निकल आता था और उसकी रोशनी में किसान शाम को भी खेतों में काम कर पाते थे. इसी वजह से इसे ‘फसल का चांद’ कहा जाने लगा.
चांद निकलते समय यह सामान्य से ज्यादा पीला या नारंगी भी नजर आ सकता है. इसका मतलब यह नहीं कि Harvest Moon का रंग हमेशा नारंगी होता है. क्षितिज के पास चांद की रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल से ज्यादा दूरी तय करती है, इसलिए उसका रंग बदला हुआ दिखाई दे सकता है.
भाद्रपद पूर्णिमा का क्या महत्व है?
हिंदू पंचांग के अनुसार आज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा है. धार्मिक मान्यताओं में इस दिन स्नान, दान, व्रत और भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की पूजा का महत्व है.
भाद्रपद पूर्णिमा का पितरों से भी संबंध है. इस दिन पूर्णिमा श्राद्ध किया जाता है. खास तौर पर उन पितरों के लिए श्राद्ध करने की परंपरा है जिनकी मृत्यु पूर्णिमा तिथि को हुई हो. इसके बाद कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से पितृ पक्ष की दूसरी श्राद्ध तिथियां आती हैं.
इसलिए आज का चांद दो वजहों से चर्चा में है. आसमान की भाषा में यह Harvest Moon है और हिंदू पंचांग में भाद्रपद पूर्णिमा. दोनों आज एक साथ जरूर हैं, लेकिन दोनों को जोड़कर कोई ज्योतिषीय दावा करना सही नहीं होगा.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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