Gulf Countries Fertility Rate: किस गल्फ कंट्री की महिलाएं सबसे कम उम्र में बनती हैं मां? जानें इन आठों देशों का फर्टिलिटी रेट

Which Gulf Country Has the Youngest Mothers: गल्फ कंट्री इस समय एक बड़े युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं. ईरान और अमेरिका- इजरायल के बीच अगर जंग लंबी लड़ी जाती है, तो इन देशों को भी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.  खाड़ी देशों में पिछले कुछ दशकों के दौरान जन्म दर और फर्टिलिटी रेट में लगातार गिरावट देखी जा रही है. हाल ही में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, गल्फ कोऑपरेशन काउंसि के देशों में परिवार का आकार धीरे-धीरे छोटा होता जा रहा है और महिलाओं द्वारा बच्चों को जन्म देने की औसत संख्या भी कम हो रही है. एक्सपर्ट का मानना है कि शिक्षा का बढ़ता स्तर, शहरीकरण, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और बढ़ती जीवन लागत इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं. क्यों कम हो रहा है फर्टिललिटी रेट? एक स्टडी के मुताबिक, 1980 से 2021 के बीच खाड़ी क्षेत्र के छह प्रमुख देशों, बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में कुल प्रजनन दर (टोटल फर्टिलिटी रेट) में स्पष्ट गिरावट दर्ज की गई है. यह दर इस बात को दर्शाती है कि एक महिला अपने जीवनकाल में औसतन कितने बच्चों को जन्म देती है. नए आंकड़ों के अनुसार 2001 से 2021 के बीच बहरीन में प्रति महिला औसतन 2.22 बच्चे, कुवैत में 2.34, ओमान में 2.98, कतर में 2.21, सऊदी अरब में 2.94 और संयुक्त अरब अमीरात में 1.84 बच्चे दर्ज किए गए. इन आंकड़ों से साफ है कि ओमान और सऊदी अरब में अभी भी फर्टिलिटी रेट अपेक्षाकृत अधिक है, जबकि संयुक्त अरब अमीरात में यह सबसे कम पाया गया. इसे भी पढ़ें- Why Hands Go Numb At Night: सोते वक्त हाथ सुन्न हो जाए तो इसे फटाफट कैसे करें ठीक? अधिकतर लोग करते हैं ये मिस्टेक्स अगर पुराने आंकड़ों से तुलना की जाए तो गिरावट और भी स्पष्ट नजर आती है. 1980 से 2000 के बीच बहरीन में औसतन 3.73 बच्चे प्रति महिला, कुवैत में 3.69, ओमान में 6.39, कतर में 4.21, सऊदी अरब में 5.78 और यूएई में 4.34 बच्चे दर्ज किए गए थे. यानी पिछले चार दशकों में इन सभी देशों में बच्चों की संख्या में काफी कमी आई है. एक्सपर्ट का कहना है कि इस बदलाव के पीछे कई सामाजिक और आर्थिक कारण हैं. उच्च शिक्षा का विस्तार, महिलाओं की रोजगार में बढ़ती भागीदारी, शहरी लाइफस्टाइल और परिवार चलाने की बढ़ती लागत के कारण लोग अब शादी और बच्चे की योजना को टालने लगे हैं. यही वजह है कि फर्टिलिटी रेट में गिरावट का ट्रेंड पूरे खाड़ी क्षेत्र में दिखाई दे रहा है. किस खाड़ी देश में सबसे कम उम्र में महिलाएं बनती हैं मां? इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार ओमान में महिलाएं अपेक्षाकृत कम उम्र में मां बन जाती हैं. यहां शादी जल्दी होने और पारिवारिक परंपराओं के कारण मां बनने की औसत उम्र भी अन्य खाड़ी देशों के मुकाबले कम पाई जाती है. हालांकि, नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिपोर्ट के अनुसार, ओमान में अब महिलाओं के बीच पहले बच्चे के जन्म की उम्र धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है और कई मामलों में यह 35 साल या उससे अधिक की उम्र में हो रहा है. इसके पीछे एक बड़ा कारण शादी की बढ़ती औसत उम्र है। आंकड़ों के अनुसार जहां 1988 में महिलाओं की औसत शादी की उम्र करीब 19.2 वर्ष थी, वहीं 2008 तक यह बढ़कर लगभग 26.8 वर्ष हो गई. इसी बदलाव के कारण पहली बार मां बनने की उम्र भी आगे खिसक रही है. इसे भी पढ़ें- ईरान की लड़कियां किस उम्र में बन जाती हैं मां, क्या है वहां का फर्टिलिटी रेट

Mar 13, 2026 - 16:30
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Gulf Countries Fertility Rate: किस गल्फ कंट्री की महिलाएं सबसे कम उम्र में बनती हैं मां? जानें इन आठों देशों का फर्टिलिटी रेट

Which Gulf Country Has the Youngest Mothers: गल्फ कंट्री इस समय एक बड़े युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं. ईरान और अमेरिका- इजरायल के बीच अगर जंग लंबी लड़ी जाती है, तो इन देशों को भी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.  खाड़ी देशों में पिछले कुछ दशकों के दौरान जन्म दर और फर्टिलिटी रेट में लगातार गिरावट देखी जा रही है. हाल ही में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, गल्फ कोऑपरेशन काउंसि के देशों में परिवार का आकार धीरे-धीरे छोटा होता जा रहा है और महिलाओं द्वारा बच्चों को जन्म देने की औसत संख्या भी कम हो रही है. एक्सपर्ट का मानना है कि शिक्षा का बढ़ता स्तर, शहरीकरण, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और बढ़ती जीवन लागत इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं.

क्यों कम हो रहा है फर्टिललिटी रेट?

एक स्टडी के मुताबिक, 1980 से 2021 के बीच खाड़ी क्षेत्र के छह प्रमुख देशों, बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में कुल प्रजनन दर (टोटल फर्टिलिटी रेट) में स्पष्ट गिरावट दर्ज की गई है. यह दर इस बात को दर्शाती है कि एक महिला अपने जीवनकाल में औसतन कितने बच्चों को जन्म देती है. नए आंकड़ों के अनुसार 2001 से 2021 के बीच बहरीन में प्रति महिला औसतन 2.22 बच्चे, कुवैत में 2.34, ओमान में 2.98, कतर में 2.21, सऊदी अरब में 2.94 और संयुक्त अरब अमीरात में 1.84 बच्चे दर्ज किए गए. इन आंकड़ों से साफ है कि ओमान और सऊदी अरब में अभी भी फर्टिलिटी रेट अपेक्षाकृत अधिक है, जबकि संयुक्त अरब अमीरात में यह सबसे कम पाया गया.

इसे भी पढ़ें- Why Hands Go Numb At Night: सोते वक्त हाथ सुन्न हो जाए तो इसे फटाफट कैसे करें ठीक? अधिकतर लोग करते हैं ये मिस्टेक्स

अगर पुराने आंकड़ों से तुलना की जाए तो गिरावट और भी स्पष्ट नजर आती है. 1980 से 2000 के बीच बहरीन में औसतन 3.73 बच्चे प्रति महिला, कुवैत में 3.69, ओमान में 6.39, कतर में 4.21, सऊदी अरब में 5.78 और यूएई में 4.34 बच्चे दर्ज किए गए थे. यानी पिछले चार दशकों में इन सभी देशों में बच्चों की संख्या में काफी कमी आई है. एक्सपर्ट का कहना है कि इस बदलाव के पीछे कई सामाजिक और आर्थिक कारण हैं. उच्च शिक्षा का विस्तार, महिलाओं की रोजगार में बढ़ती भागीदारी, शहरी लाइफस्टाइल और परिवार चलाने की बढ़ती लागत के कारण लोग अब शादी और बच्चे की योजना को टालने लगे हैं. यही वजह है कि फर्टिलिटी रेट में गिरावट का ट्रेंड पूरे खाड़ी क्षेत्र में दिखाई दे रहा है.

किस खाड़ी देश में सबसे कम उम्र में महिलाएं बनती हैं मां?

इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार ओमान में महिलाएं अपेक्षाकृत कम उम्र में मां बन जाती हैं. यहां शादी जल्दी होने और पारिवारिक परंपराओं के कारण मां बनने की औसत उम्र भी अन्य खाड़ी देशों के मुकाबले कम पाई जाती है. हालांकि, नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिपोर्ट के अनुसार, ओमान में अब महिलाओं के बीच पहले बच्चे के जन्म की उम्र धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है और कई मामलों में यह 35 साल या उससे अधिक की उम्र में हो रहा है. इसके पीछे एक बड़ा कारण शादी की बढ़ती औसत उम्र है। आंकड़ों के अनुसार जहां 1988 में महिलाओं की औसत शादी की उम्र करीब 19.2 वर्ष थी, वहीं 2008 तक यह बढ़कर लगभग 26.8 वर्ष हो गई. इसी बदलाव के कारण पहली बार मां बनने की उम्र भी आगे खिसक रही है.

इसे भी पढ़ें- ईरान की लड़कियां किस उम्र में बन जाती हैं मां, क्या है वहां का फर्टिलिटी रेट

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