Google पर कुछ भी Search करने से पहले जान लें ये Privacy Risk
Google Search: गूगल दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन माना जाता है. लोगों को कुछ भी पूछना होता है तो सीधे गूगल का इस्तेमाल करते हैं. खाने की रेसिपी से लेकर मेडिकल जानकारी, बैंकिंग और शॉपिंग तक, लोग हर तरह की जानकारी के लिए Google Search का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं गूगल सर्च से जुड़े कुछ रिस्क भी होते हैं जिसके बारे में ज्यादातर लोगों को नहीं पता होता है. आइए जानते हैं कि आपको किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए. Search History होती है सेव आपको बता दें कि Google आपकी Search Activity को आपके अकाउंट की सेटिंग्स के आधार पर सेव करता है. आपने क्या Search किया, किन वेबसाइट्स पर गए और किन चीजों में इंट्रेस्ट दिखाया, इन सभी चीजों की जानकारी आपकी ऑनलाइन एक्टिविटी की तस्वीर बनाने में मदद करती है. अगर आपका Google Account कई डिवाइस में लॉग-इन है तो आपकी Activity दूसरे डिवाइस पर भी दिखाई देती है. इसलिए प्राइवेट जानकारी Search करते समय सावधानी बरतना जरूरी होता है. Search से सामने आ सकती है आपकी पर्सनल पसंद इसके साथ ही आप Google पर जो चीजें Search करते हैं, उनसे आपकी पसंद और जरूरतों के बारे में जानकारी मिल जाती है. जैसे अगर कोई व्यक्ति लगातार किसी खास बीमारी, नौकरी, प्रोडक्ट या ट्रैवल से जुड़ी जानकारी Search करता है तो उसकी Search Activity उसके बारे में कई चीजें बता सकती है. इसी तरह बार-बार किए गए Searches से आपकी पसंद और ऑनलाइन एक्टिविटी की पूरी एक प्रोफाइल तैयार हो जाती है. Incognito Mode पूरी Privacy नहीं देता इसके अलावा कई लोगों का मानना है कि Incognito Mode इस्तेमाल करने से उनकी Search पूरी तरह Private हो जाती है. लेकिन ऐसा नहीं है. दरअसल, Incognito Mode आपको आपके डिवाइस पर Browsing History और कुछ लोकल डेटा सेव होने से रोकने में मदद करता है. इसीलिए इसका मतलब ये नहीं होता है कि इंटरनेट पर आपकी पहचान पूरी तरह छिपी रहती है. वेबसाइट्स, नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर या इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर इंटरनेट पर आपके द्वारी की जाने वाली सभी एक्टिविटी की जानकारी इकट्ठा करता है. Sensitive जानकारी Search करने से बचें इसीलिए एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि गूगल पर अपना पासवर्ड, OTP, बैंक अकाउंट डिटेल, कार्ड नंबर, Aadhaar जैसी जरूरी जानकारी को सर्च या कहीं भी फिल करने से बचना चाहिए. इसके साथ ही किसी पर्सनल समस्या से जुड़ी जानकारी Search करते समय भी ये ध्यान रखें कि Search Query खुद आपकी पर्सनल जानकारी का हिस्सा बन सकती है. Privacy बढ़ाने के लिए क्या करें? Google Account की Web & App Activity और My Activity जैसी Privacy Settings को समय-समय पर जरूर चेक करें. जरूरत न होने पर Activity Saving को बंद भी किया जा सकता है और पुराने Search Data को भी हटाया जा सकता है. इसके अलावा, किसी दूसरे व्यक्ति के डिवाइस पर अपना Google Account लॉग-इन करने से बचना चाहिए. यह भी पढ़ें: बिना स्क्रीन प्रोटेक्टर के कैसे रखें फोन की डिस्प्ले सुरक्षित? जानें तरीका
Google Search: गूगल दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन माना जाता है. लोगों को कुछ भी पूछना होता है तो सीधे गूगल का इस्तेमाल करते हैं. खाने की रेसिपी से लेकर मेडिकल जानकारी, बैंकिंग और शॉपिंग तक, लोग हर तरह की जानकारी के लिए Google Search का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं गूगल सर्च से जुड़े कुछ रिस्क भी होते हैं जिसके बारे में ज्यादातर लोगों को नहीं पता होता है. आइए जानते हैं कि आपको किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए.
Search History होती है सेव
आपको बता दें कि Google आपकी Search Activity को आपके अकाउंट की सेटिंग्स के आधार पर सेव करता है. आपने क्या Search किया, किन वेबसाइट्स पर गए और किन चीजों में इंट्रेस्ट दिखाया, इन सभी चीजों की जानकारी आपकी ऑनलाइन एक्टिविटी की तस्वीर बनाने में मदद करती है.
अगर आपका Google Account कई डिवाइस में लॉग-इन है तो आपकी Activity दूसरे डिवाइस पर भी दिखाई देती है. इसलिए प्राइवेट जानकारी Search करते समय सावधानी बरतना जरूरी होता है.
Search से सामने आ सकती है आपकी पर्सनल पसंद
इसके साथ ही आप Google पर जो चीजें Search करते हैं, उनसे आपकी पसंद और जरूरतों के बारे में जानकारी मिल जाती है. जैसे अगर कोई व्यक्ति लगातार किसी खास बीमारी, नौकरी, प्रोडक्ट या ट्रैवल से जुड़ी जानकारी Search करता है तो उसकी Search Activity उसके बारे में कई चीजें बता सकती है. इसी तरह बार-बार किए गए Searches से आपकी पसंद और ऑनलाइन एक्टिविटी की पूरी एक प्रोफाइल तैयार हो जाती है.
Incognito Mode पूरी Privacy नहीं देता
इसके अलावा कई लोगों का मानना है कि Incognito Mode इस्तेमाल करने से उनकी Search पूरी तरह Private हो जाती है. लेकिन ऐसा नहीं है. दरअसल, Incognito Mode आपको आपके डिवाइस पर Browsing History और कुछ लोकल डेटा सेव होने से रोकने में मदद करता है.
इसीलिए इसका मतलब ये नहीं होता है कि इंटरनेट पर आपकी पहचान पूरी तरह छिपी रहती है. वेबसाइट्स, नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर या इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर इंटरनेट पर आपके द्वारी की जाने वाली सभी एक्टिविटी की जानकारी इकट्ठा करता है.
Sensitive जानकारी Search करने से बचें
इसीलिए एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि गूगल पर अपना पासवर्ड, OTP, बैंक अकाउंट डिटेल, कार्ड नंबर, Aadhaar जैसी जरूरी जानकारी को सर्च या कहीं भी फिल करने से बचना चाहिए. इसके साथ ही किसी पर्सनल समस्या से जुड़ी जानकारी Search करते समय भी ये ध्यान रखें कि Search Query खुद आपकी पर्सनल जानकारी का हिस्सा बन सकती है.
Privacy बढ़ाने के लिए क्या करें?
Google Account की Web & App Activity और My Activity जैसी Privacy Settings को समय-समय पर जरूर चेक करें. जरूरत न होने पर Activity Saving को बंद भी किया जा सकता है और पुराने Search Data को भी हटाया जा सकता है. इसके अलावा, किसी दूसरे व्यक्ति के डिवाइस पर अपना Google Account लॉग-इन करने से बचना चाहिए.
यह भी पढ़ें:
बिना स्क्रीन प्रोटेक्टर के कैसे रखें फोन की डिस्प्ले सुरक्षित? जानें तरीका
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