Gomed Gemstone: राहु की चाल बन रही है तरक्की में बाधा? गोमेद पहनने से बदल सकती है किस्मत

Gomed gemstone Benefits: ज्योतिष शास्त्र में राहु को छाया ग्रह माना गया है. यह व्यक्ति के जीवन में अचानक उतार-चढ़ाव और रुकावटें पैदा करता है. कई बार मेहनत के बावजूद काम नहीं बनते हैं. निर्णय गलत हो जाते हैं और तरक्की रूक जाती है. ऐसे में ज्योतिषशास्त्र  में गोमेद रत्न को राहु के प्रभाव को संतुलित करने वाला माना गया है. मान्यता है कि सही तरीके से धारण किया गया गोमेद राहु के दोष को कम करता है.   गोमेद क्यों है खास गोमेद को राहु ग्रह का प्रमुख रत्न माना जाता है. इसे हिंदी में गोमेद और अंग्रेजी में हेसोनाइट स्टोन कहा जाता है. यह चमकदार अपारदर्शी रत्न होता है, जो गहरे भूरे, शहद या लालिमा लिए रंग का दिखता है. यह गारनेट समूह का रत्न है और भारत, श्रीलंका, ब्राजील जैसे देशों में पाया जाता है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार गोमेद रुके हुए कार्यों को गति देता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है. गोमेद पहनने से मिलने वाले लाभ ज्योतिषशास्त्र के अनुसार गोमेद धारण करने से राहु की दशा या महादशा के दुष्प्रभाव कम होते हैं. यह व्यक्ति को मानसिक मजबूती देता है और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाता है. कई मान्यताओं में इसे शत्रुओं पर विजय दिलाने वाला रत्न भी कहा गया है. इसके अलावा गोमेद एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है. कुछ परंपराओं में इसे स्वास्थ्य से भी जोड़ा जाता है, हालांकि इसे ज्योतिषीय उपाय के रूप में ही देखना उचित माना गया है. गोमेद पहनने की सही विधि गोमेद कभी भी बिना कुंडली देखे नहीं पहनना चाहिए. इसे कम से कम 6 रत्ती वजन का धारण करने की सलाह दी जाती है. गोमेद को चांदी या अष्टधातु की अंगूठी में जड़वाकर पहनना शुभ माना जाता है. इसे शुक्ल पक्ष के शनिवार को धारण करना अच्छा रहता है. पहनने से पहले अंगूठी को गंगा जल, दूध, शहद और मिश्री के मिश्रण में एक रात रखें. अगले दिन मंत्र का उच्चारण करते हुए कनिष्ठा उंगली में पहनें. कौन पहनें और कौन नहीं पहनें गोमेद गोमेद हर किसी के लिए लाभकारी नहीं होता है. जिन लोगों की कुंडली में राहु अनुकूल स्थिति में हो, उनके लिए यह रत्न विशेष फल देता है. राजनीति, रिसर्च, गुप्त कार्य, तकनीक या जोखिम भरे क्षेत्रों से जुड़े लोग इसे धारण करते हैं. वहीं जिनकी कुंडली में राहु 5वें, 8वें, 9वें, 11वें या 12वें भाव में हो, उन्हें गोमेद पहनने से बचना चाहिए. बिना विशेषज्ञ सलाह के गोमेद पहनना नुकसान भी पहुंचा सकता है. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Dec 29, 2025 - 20:30
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Gomed Gemstone: राहु की चाल बन रही है तरक्की में बाधा? गोमेद पहनने से बदल सकती है किस्मत

Gomed gemstone Benefits: ज्योतिष शास्त्र में राहु को छाया ग्रह माना गया है. यह व्यक्ति के जीवन में अचानक उतार-चढ़ाव और रुकावटें पैदा करता है.

कई बार मेहनत के बावजूद काम नहीं बनते हैं. निर्णय गलत हो जाते हैं और तरक्की रूक जाती है. ऐसे में ज्योतिषशास्त्र  में गोमेद रत्न को राहु के प्रभाव को संतुलित करने वाला माना गया है. मान्यता है कि सही तरीके से धारण किया गया गोमेद राहु के दोष को कम करता है.  

गोमेद क्यों है खास

गोमेद को राहु ग्रह का प्रमुख रत्न माना जाता है. इसे हिंदी में गोमेद और अंग्रेजी में हेसोनाइट स्टोन कहा जाता है. यह चमकदार अपारदर्शी रत्न होता है, जो गहरे भूरे, शहद या लालिमा लिए रंग का दिखता है.

यह गारनेट समूह का रत्न है और भारत, श्रीलंका, ब्राजील जैसे देशों में पाया जाता है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार गोमेद रुके हुए कार्यों को गति देता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है.

गोमेद पहनने से मिलने वाले लाभ

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार गोमेद धारण करने से राहु की दशा या महादशा के दुष्प्रभाव कम होते हैं. यह व्यक्ति को मानसिक मजबूती देता है और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाता है.

कई मान्यताओं में इसे शत्रुओं पर विजय दिलाने वाला रत्न भी कहा गया है. इसके अलावा गोमेद एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है. कुछ परंपराओं में इसे स्वास्थ्य से भी जोड़ा जाता है, हालांकि इसे ज्योतिषीय उपाय के रूप में ही देखना उचित माना गया है.

गोमेद पहनने की सही विधि

गोमेद कभी भी बिना कुंडली देखे नहीं पहनना चाहिए. इसे कम से कम 6 रत्ती वजन का धारण करने की सलाह दी जाती है. गोमेद को चांदी या अष्टधातु की अंगूठी में जड़वाकर पहनना शुभ माना जाता है.

इसे शुक्ल पक्ष के शनिवार को धारण करना अच्छा रहता है. पहनने से पहले अंगूठी को गंगा जल, दूध, शहद और मिश्री के मिश्रण में एक रात रखें. अगले दिन मंत्र का उच्चारण करते हुए कनिष्ठा उंगली में पहनें.

कौन पहनें और कौन नहीं पहनें गोमेद

गोमेद हर किसी के लिए लाभकारी नहीं होता है. जिन लोगों की कुंडली में राहु अनुकूल स्थिति में हो, उनके लिए यह रत्न विशेष फल देता है. राजनीति, रिसर्च, गुप्त कार्य, तकनीक या जोखिम भरे क्षेत्रों से जुड़े लोग इसे धारण करते हैं.

वहीं जिनकी कुंडली में राहु 5वें, 8वें, 9वें, 11वें या 12वें भाव में हो, उन्हें गोमेद पहनने से बचना चाहिए. बिना विशेषज्ञ सलाह के गोमेद पहनना नुकसान भी पहुंचा सकता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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