Gemstone: नीलम हर किसी को नहीं देता फायदा! इन 3 रत्नों के साथ पहनना पड़ सकता है भारी

Ratan Shastra: ज्योतिष में नीलम (Blue Sapphire) को शनि ग्रह का रत्न माना जाता है और इसे सबसे तेज असर दिखाने वाले रत्नों में गिना जाता है. अगर यह किसी व्यक्ति को सूट कर जाए तो करियर, धन और जीवन में तेजी से बदलाव देखने को मिल सकते हैं, लेकिन गलत तरीके से पहनने पर इसका असर उल्टा भी पड़ सकता है. ज्योतिष शास्त्र में नीलम पहनने से पहले कुंडली की जांच और सही सलाह को बेहद जरूरी मानते हैं.  अगर नीलम को ऐसे रत्नों के साथ पहन लिया जाए जिनका संबंध शनि के विरोधी ग्रहों से हो, तो व्यक्ति के जीवन में मानसिक तनाव, अस्थिरता और परेशानियां बढ़ सकती हैं. इसलिए नीलम को केवल फैशन या दूसरों की देखादेखी पहनने के बजाय सही नियम और सावधानियों के साथ धारण करने की सलाह दी जाती है. माणिक (Ruby) के साथ न पहनें नीलम माणिक सूर्य ग्रह का रत्न माना जाता है, जबकि शनि और सूर्य के संबंध ज्योतिष में विरोधी माने जाते हैं. यही कारण है कि नीलम और माणिक को साथ पहनने की सलाह बहुत कम दी जाती है.अगर कोई व्यक्ति इन दोनों रत्नों को बिना सही सलाह के साथ पहन लेता है, तो उसके जीवन में अहंकार, मानसिक तनाव, पारिवारिक टकराव या करियर में अस्थिरता बढ़ सकती है. कुछ लोगों के निर्णय लेने में भ्रम और आत्मविश्वास में भी गलत प्रभाव महसूस होता है. मूंगा (Red Coral) के साथ बन सकता है विरोध मूंगा मंगल ग्रह का रत्न है. मंगल जहां ऊर्जा, आक्रामकता और तेज निर्णय का प्रतीक माना जाता है, वहीं शनि धैर्य और धीमी प्रक्रिया का ग्रह माना जाता है. जब कोई व्यक्ति नीलम और मूंगा एक साथ पहनता है, तो इसे दो विपरीत स्वभाव वाली ऊर्जाओं का मेल मानते हैं. इसका असर व्यक्ति के स्वभाव पर दिखाई देता है. अचानक गुस्सा बढ़ना, रिश्तों में तनाव, काम में रुकावट या मानसिक बेचैनी जैसी स्थितियां देखने को मिलती हैं. मोती (Pearl) के साथ भी सावधानी जरूरी मोती चंद्र ग्रह का रत्न माना जाता है. चंद्रमा भावनाओं और मन का कारक है, जबकि शनि कठोरता और कर्म प्रधान ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है. व्यक्ति जरूरत से ज्यादा संवेदनशील या अकेलापन महसूस करने लगता है. मानसिक तनाव और निर्णय क्षमता पर भी असर पड़ सकता है. नीलम को पहनने के नियम:-  रत्न की शुद्धि: धारण करने से पहले इसे गंगाजल, कच्चे दूध या शुद्ध जल से शुद्ध करें. शुभ दिन: शनिवार, इसका संबंध शनि ग्रह से होता है. इस लिए सुबह शनि होरा या सूर्योदय के बाद शुभ मुहूर्त में पहने. उत्तम धातु: चांदी या लौहे में जड़वाकर मध्यमा उंगली(Middle Finger) में पहने.  मंत्र से करें सिद्ध: “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करके नीलम को सिद्ध करें. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

May 18, 2026 - 19:30
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Gemstone: नीलम हर किसी को नहीं देता फायदा! इन 3 रत्नों के साथ पहनना पड़ सकता है भारी

Ratan Shastra: ज्योतिष में नीलम (Blue Sapphire) को शनि ग्रह का रत्न माना जाता है और इसे सबसे तेज असर दिखाने वाले रत्नों में गिना जाता है. अगर यह किसी व्यक्ति को सूट कर जाए तो करियर, धन और जीवन में तेजी से बदलाव देखने को मिल सकते हैं, लेकिन गलत तरीके से पहनने पर इसका असर उल्टा भी पड़ सकता है. ज्योतिष शास्त्र में नीलम पहनने से पहले कुंडली की जांच और सही सलाह को बेहद जरूरी मानते हैं. 

अगर नीलम को ऐसे रत्नों के साथ पहन लिया जाए जिनका संबंध शनि के विरोधी ग्रहों से हो, तो व्यक्ति के जीवन में मानसिक तनाव, अस्थिरता और परेशानियां बढ़ सकती हैं. इसलिए नीलम को केवल फैशन या दूसरों की देखादेखी पहनने के बजाय सही नियम और सावधानियों के साथ धारण करने की सलाह दी जाती है.

माणिक (Ruby) के साथ न पहनें नीलम

माणिक सूर्य ग्रह का रत्न माना जाता है, जबकि शनि और सूर्य के संबंध ज्योतिष में विरोधी माने जाते हैं. यही कारण है कि नीलम और माणिक को साथ पहनने की सलाह बहुत कम दी जाती है.
अगर कोई व्यक्ति इन दोनों रत्नों को बिना सही सलाह के साथ पहन लेता है, तो उसके जीवन में अहंकार, मानसिक तनाव, पारिवारिक टकराव या करियर में अस्थिरता बढ़ सकती है. कुछ लोगों के निर्णय लेने में भ्रम और आत्मविश्वास में भी गलत प्रभाव महसूस होता है.

मूंगा (Red Coral) के साथ बन सकता है विरोध

मूंगा मंगल ग्रह का रत्न है. मंगल जहां ऊर्जा, आक्रामकता और तेज निर्णय का प्रतीक माना जाता है, वहीं शनि धैर्य और धीमी प्रक्रिया का ग्रह माना जाता है. जब कोई व्यक्ति नीलम और मूंगा एक साथ पहनता है, तो इसे दो विपरीत स्वभाव वाली ऊर्जाओं का मेल मानते हैं. इसका असर व्यक्ति के स्वभाव पर दिखाई देता है. अचानक गुस्सा बढ़ना, रिश्तों में तनाव, काम में रुकावट या मानसिक बेचैनी जैसी स्थितियां देखने को मिलती हैं.

मोती (Pearl) के साथ भी सावधानी जरूरी

मोती चंद्र ग्रह का रत्न माना जाता है. चंद्रमा भावनाओं और मन का कारक है, जबकि शनि कठोरता और कर्म प्रधान ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है. व्यक्ति जरूरत से ज्यादा संवेदनशील या अकेलापन महसूस करने लगता है. मानसिक तनाव और निर्णय क्षमता पर भी असर पड़ सकता है.

नीलम को पहनने के नियम:- 

  • रत्न की शुद्धि: धारण करने से पहले इसे गंगाजल, कच्चे दूध या शुद्ध जल से शुद्ध करें.
  • शुभ दिन: शनिवार, इसका संबंध शनि ग्रह से होता है. इस लिए सुबह शनि होरा या सूर्योदय के बाद शुभ मुहूर्त में पहने.
  • उत्तम धातु: चांदी या लौहे में जड़वाकर मध्यमा उंगली(Middle Finger) में पहने. 
  • मंत्र से करें सिद्ध: “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करके नीलम को सिद्ध करें.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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