Exclusive: दिल्ली धमाके पर बड़ा खुलासा, जैश के लिए काम करते थे आदिल और मुजम्मिल! मसूद अजहर के भाई से था सीधा कनेक्शन
सहारनपुर और फरीदाबाद से पकड़े गए डॉक्टरों के नेक्सस पर बड़ा खुलासा हुआ है. अब तक की जानकारी के मुताबिक, आदिल अहमद और मुजम्मिल आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के लिए काम करते थे और आतंकी मसूद अजहर का भाई मौलाना अम्मार अल्वी उर्फ मोहिउद्दीन अमलगीर सहारनपुर-फरीदाबाद जैश मोड्यूल फिदायीन मोड्यूल का प्रमुख मास्टरमाइंड हो सकता है. इन डॉक्टरों से आतंकी अम्मार अल्वी का कोई हैंडलर बात करता था. जैश से था आदिल और मुजम्मिल का कनेक्शनअब तक की जांच में आदिल अहमद और मुजम्मिल ने स्वीकार किया है कि पाकिस्तान में बैठा जैश ए मोहम्मद का हैंडलर इनके साथ बातचीत करता था. हालांकि एजेंसी के सूत्रों ने अभी इस हैंडलर का नाम नहीं साझा किया है क्योंकि एजेंसी हैंडलर का असली नाम पता करने में जुटी है और उनके मुताबिक पाकिस्तान में बैठा जैश का हैंडलर इनसे छद्म नाम से बात करता था. खुफिया विभाग के सूत्रों के मुताबिक, पकड़े गए दोनों संदिग्धों ने प्राथमिक जानकारी दी है कि इन्हें विस्फोटक इकट्ठा करने का आदेश पाकिस्तान में बैठे जैश ए मोहम्मद के इनके हैंडलर ने दिया था, लेकिन अब तक की पूछताछ में डॉक्टर आदिल और डॉक्टर मुजम्मिल ने किसी भी तरह के टारगेट बताए जाने की बात से इंकार किया है. पाकिस्तान ने फिर चली चालखुफिया विभाग के टॉप अधिकारियों के मुताबिक साल 2016 से जैश ए मोहम्मद के फिदायीन मॉड्यूल का प्रमुख मसूद अजहर का भाई मौलाना अम्मार अल्वी है जो भारत में घुसपैठ के बाद अमोनियम नाइट्रेट से आईईडी बनाने की ट्रेनिंग देता था, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद जैश ए मोहम्मद ने प्लान में तब्दीली की और ऐसे लोगों को चुना जो भारतीय हैं ताकि पाकिस्तान की क्रेडिबिलिटी बनी रहे और इसे दर्शाया जा सके कि फिदायीन हमला कश्मीर की आज़ादी की चाह रखने वालो ने किया है, ना कि किसी पाकिस्तानी नागरिक ने. मौलाना मसूद अजहर उग रहा जहरखुफिया विभाग के सूत्रों के मुताबिक बीते 6 नवंबर से ऐसा ट्रेंड भी दिख रहा है जब हर रोज मौलाना मसूद अजहर कश्मीर में जिहाद को जस्टिफाई करने के लिए नोट जारी कर रहा था और कश्मीरियों को भड़का रहा है कि कश्मीर में आतंक करना मजहब का काम है. कल 11 नवंबर को इस नोट की छठी किश्त जैश ने जारी की थी. ऐसे में भारत की दोनों प्रमुख खुफिया एजेंसियां जैश ए मोहम्मद के इस फिदायीन मॉड्यूल के अन्य सबूत इकट्ठा करने में लगी है और गिरफ्त में आए डॉक्टरों के फोन से जो 30 के आसपास पाकिस्तानी नंबर मिले हैं उनकी शिनाख्त में जुटी हैं. आंतकवादी घोषित है मसूद अजहर का भाई मसूद अजहर का भाई मौलाना अम्मार अल्वी उर्फ मोहिउद्दीन आलमगीर 2019 के पुलवामा फिदायीन हमले का भी प्रमुख मास्टरमाइंड था और साल 2022 से भारत में UAPA के तहत आतंकी घोषित है. ये भी पढ़ें- Delhi Car Blast: पुलिस ने ऐसा क्या लिखा? पैनिक में आ गया उमर, कुछ ही देर में हो गया दिल्ली में बड़ा धमाका
सहारनपुर और फरीदाबाद से पकड़े गए डॉक्टरों के नेक्सस पर बड़ा खुलासा हुआ है. अब तक की जानकारी के मुताबिक, आदिल अहमद और मुजम्मिल आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के लिए काम करते थे और आतंकी मसूद अजहर का भाई मौलाना अम्मार अल्वी उर्फ मोहिउद्दीन अमलगीर सहारनपुर-फरीदाबाद जैश मोड्यूल फिदायीन मोड्यूल का प्रमुख मास्टरमाइंड हो सकता है. इन डॉक्टरों से आतंकी अम्मार अल्वी का कोई हैंडलर बात करता था.
जैश से था आदिल और मुजम्मिल का कनेक्शन
अब तक की जांच में आदिल अहमद और मुजम्मिल ने स्वीकार किया है कि पाकिस्तान में बैठा जैश ए मोहम्मद का हैंडलर इनके साथ बातचीत करता था. हालांकि एजेंसी के सूत्रों ने अभी इस हैंडलर का नाम नहीं साझा किया है क्योंकि एजेंसी हैंडलर का असली नाम पता करने में जुटी है और उनके मुताबिक पाकिस्तान में बैठा जैश का हैंडलर इनसे छद्म नाम से बात करता था.
खुफिया विभाग के सूत्रों के मुताबिक, पकड़े गए दोनों संदिग्धों ने प्राथमिक जानकारी दी है कि इन्हें विस्फोटक इकट्ठा करने का आदेश पाकिस्तान में बैठे जैश ए मोहम्मद के इनके हैंडलर ने दिया था, लेकिन अब तक की पूछताछ में डॉक्टर आदिल और डॉक्टर मुजम्मिल ने किसी भी तरह के टारगेट बताए जाने की बात से इंकार किया है.
पाकिस्तान ने फिर चली चाल
खुफिया विभाग के टॉप अधिकारियों के मुताबिक साल 2016 से जैश ए मोहम्मद के फिदायीन मॉड्यूल का प्रमुख मसूद अजहर का भाई मौलाना अम्मार अल्वी है जो भारत में घुसपैठ के बाद अमोनियम नाइट्रेट से आईईडी बनाने की ट्रेनिंग देता था, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद जैश ए मोहम्मद ने प्लान में तब्दीली की और ऐसे लोगों को चुना जो भारतीय हैं ताकि पाकिस्तान की क्रेडिबिलिटी बनी रहे और इसे दर्शाया जा सके कि फिदायीन हमला कश्मीर की आज़ादी की चाह रखने वालो ने किया है, ना कि किसी पाकिस्तानी नागरिक ने.
मौलाना मसूद अजहर उग रहा जहर
खुफिया विभाग के सूत्रों के मुताबिक बीते 6 नवंबर से ऐसा ट्रेंड भी दिख रहा है जब हर रोज मौलाना मसूद अजहर कश्मीर में जिहाद को जस्टिफाई करने के लिए नोट जारी कर रहा था और कश्मीरियों को भड़का रहा है कि कश्मीर में आतंक करना मजहब का काम है. कल 11 नवंबर को इस नोट की छठी किश्त जैश ने जारी की थी. ऐसे में भारत की दोनों प्रमुख खुफिया एजेंसियां जैश ए मोहम्मद के इस फिदायीन मॉड्यूल के अन्य सबूत इकट्ठा करने में लगी है और गिरफ्त में आए डॉक्टरों के फोन से जो 30 के आसपास पाकिस्तानी नंबर मिले हैं उनकी शिनाख्त में जुटी हैं.
आंतकवादी घोषित है मसूद अजहर का भाई
मसूद अजहर का भाई मौलाना अम्मार अल्वी उर्फ मोहिउद्दीन आलमगीर 2019 के पुलवामा फिदायीन हमले का भी प्रमुख मास्टरमाइंड था और साल 2022 से भारत में UAPA के तहत आतंकी घोषित है.
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