Eid 2026 Moon Sighting: अमावस्या पर आज सऊदी में ईद का चांद दिखने की कितनी संभावना, जानिए पूरा गणित

Eid 2026 Moon Sighting in Saudi Arabia: रमजान के आखिरी दिनों में दुनियाभर की नजरें ईद के चांद पर टिकी होती हैं. आज बुधवार 18 मार्च 2026 को भारत में रमजान का 28वां और सऊदी में 29वां रोजा रखा गया है. सऊदी अरब के सुप्रीम कोर्ट ने आज मुसलमानों से शाम में ईद का चांद देखने की अपील की है. लेकिन आज 18 मार्च को ही चैत्र अमावस्या भी है. अमावस्या पूरे महीने की सबसे काली रात होती है, जिसमें चांद नजर नहीं आता. ऐसे में यह सवाल उठता है कि, अमावस्या के दिन सऊदी अरब में शव्वाल का नया चांद या ईद का चांद दिखाई देने की कितनी संभावना रहगी. आज सऊदी अरब में चांद दिखने की कितनी उम्मीद? खगोल विज्ञान के अनुसार अमावस्या के दिन चांद के दिखने की संभावना बेहद कम हो जाती है. इसका कारण यह है कि, अमावस्या पर चंद्रमा सूर्य के साथ ही आकाश में होता, अमावस की रात चंद्रमा पूरी तरह से अदृश्य होता है क्योंकि वह सूर्य और पृथ्वी के बीच में होता है और उसका प्रकाशित भाग सूर्य की ओर, जबकि अप्रकाशित (काला) भाग पृथ्वी की ओर होता है. इस कारण आकाश में अंधेरा रहता है. अमावस्या पर चांद नजर आने की संभावना 0% (शून्य प्रतिशत) के बराबर होती है. हालांकि न कुछ खास परिस्थितियों में यह संभव भी हो सकता है. वहीं अमावस्या के अगले दिन चंद्रमा की पहली पतली लकीर (चंद्र दर्शन) दिखाई देती है, जिसमें चांद नजर आने की संभावना थोड़ी बढ़ जाती है. खगोलविदों के मुताबिक, अमावस्या तब होती है जब चंद्रमा और सूर्य लगभग एक ही दिशा में होते हैं और पृथ्वी से चंद्रमा का रोशन हिस्सा दिखाई नहीं देता. ऐसे में चांद आसमान में तो होता है, लेकिन वह बहुत पतला, अंधकार और सूर्य के बेहद करीब होता है, इसलिए उसे देख पाना मुश्किल होता है. विशेषज्ञों के अनुसार, नए चांद को आंखों से देखने के लिए उसका कम से कम 18 से 24 घंटे पुराना होना जरूरी है. इसके साथ ही चंद्रमा का क्षितिज से ऊपर पर्याप्त ऊंचाई पर होना और सूर्यास्त के बाद कुछ समय तक आकाश में टिके रहना भी जरूरी है. अगर चांद बहुत कम उम्र का हो या सूर्यास्त के तुरंत बाद डूब जाए तो उसे देख पाना लगभग असंभव है. सऊदी में चांद देखने की अपील सऊदी अरब में आज बुधार 18 मार्च को नया चांद देखने की कोशिश की जाएगी, हालांकि खगोलीय गणनाओं के अनुसार आज चांद की उम्र बहुत कम होने की संभावना है. लेकिन इसके बावजूद मौसम साफ होने और क्षितिज की स्थिति अनुकूल होने पर दूरबीन की मदद से बहुत पतला चांद दिखाई देने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है. सऊदी अरब सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को घोषणा की थी कि बुधवार, 18 मार्च को रमजान 1447 हिजरी का 29वां दिन होगा. इसलिए मुसलमानों से इस दिन चांद देखने की अपील की गई है. अगर चांद दिखाई देता है तो सऊदी में 19 मार्च को ईद होगी और अगर चांद नजर नहीं आता है तो 20 मार्च को सऊदी में ईद-उल-फितर मनाई जाएगी.  ये भी पढ़े: Eid Ul-Fitr 2026 LIVE Updates: सऊदी में आज दिखा चांद तो कल होगी ईद, भारत में आखिरी रोजा कब Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Mar 18, 2026 - 15:30
 0
Eid 2026 Moon Sighting: अमावस्या पर आज सऊदी में ईद का चांद दिखने की कितनी संभावना, जानिए पूरा गणित

Eid 2026 Moon Sighting in Saudi Arabia: रमजान के आखिरी दिनों में दुनियाभर की नजरें ईद के चांद पर टिकी होती हैं. आज बुधवार 18 मार्च 2026 को भारत में रमजान का 28वां और सऊदी में 29वां रोजा रखा गया है. सऊदी अरब के सुप्रीम कोर्ट ने आज मुसलमानों से शाम में ईद का चांद देखने की अपील की है.

लेकिन आज 18 मार्च को ही चैत्र अमावस्या भी है. अमावस्या पूरे महीने की सबसे काली रात होती है, जिसमें चांद नजर नहीं आता. ऐसे में यह सवाल उठता है कि, अमावस्या के दिन सऊदी अरब में शव्वाल का नया चांद या ईद का चांद दिखाई देने की कितनी संभावना रहगी.

आज सऊदी अरब में चांद दिखने की कितनी उम्मीद?

खगोल विज्ञान के अनुसार अमावस्या के दिन चांद के दिखने की संभावना बेहद कम हो जाती है. इसका कारण यह है कि, अमावस्या पर चंद्रमा सूर्य के साथ ही आकाश में होता, अमावस की रात चंद्रमा पूरी तरह से अदृश्य होता है क्योंकि वह सूर्य और पृथ्वी के बीच में होता है और उसका प्रकाशित भाग सूर्य की ओर, जबकि अप्रकाशित (काला) भाग पृथ्वी की ओर होता है. इस कारण आकाश में अंधेरा रहता है. अमावस्या पर चांद नजर आने की संभावना 0% (शून्य प्रतिशत) के बराबर होती है. हालांकि न कुछ खास परिस्थितियों में यह संभव भी हो सकता है. वहीं अमावस्या के अगले दिन चंद्रमा की पहली पतली लकीर (चंद्र दर्शन) दिखाई देती है, जिसमें चांद नजर आने की संभावना थोड़ी बढ़ जाती है.

खगोलविदों के मुताबिक, अमावस्या तब होती है जब चंद्रमा और सूर्य लगभग एक ही दिशा में होते हैं और पृथ्वी से चंद्रमा का रोशन हिस्सा दिखाई नहीं देता. ऐसे में चांद आसमान में तो होता है, लेकिन वह बहुत पतला, अंधकार और सूर्य के बेहद करीब होता है, इसलिए उसे देख पाना मुश्किल होता है.

विशेषज्ञों के अनुसार, नए चांद को आंखों से देखने के लिए उसका कम से कम 18 से 24 घंटे पुराना होना जरूरी है. इसके साथ ही चंद्रमा का क्षितिज से ऊपर पर्याप्त ऊंचाई पर होना और सूर्यास्त के बाद कुछ समय तक आकाश में टिके रहना भी जरूरी है. अगर चांद बहुत कम उम्र का हो या सूर्यास्त के तुरंत बाद डूब जाए तो उसे देख पाना लगभग असंभव है.

सऊदी में चांद देखने की अपील

सऊदी अरब में आज बुधार 18 मार्च को नया चांद देखने की कोशिश की जाएगी, हालांकि खगोलीय गणनाओं के अनुसार आज चांद की उम्र बहुत कम होने की संभावना है. लेकिन इसके बावजूद मौसम साफ होने और क्षितिज की स्थिति अनुकूल होने पर दूरबीन की मदद से बहुत पतला चांद दिखाई देने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है. सऊदी अरब सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को घोषणा की थी कि बुधवार, 18 मार्च को रमजान 1447 हिजरी का 29वां दिन होगा. इसलिए मुसलमानों से इस दिन चांद देखने की अपील की गई है. अगर चांद दिखाई देता है तो सऊदी में 19 मार्च को ईद होगी और अगर चांद नजर नहीं आता है तो 20 मार्च को सऊदी में ईद-उल-फितर मनाई जाएगी.

 ये भी पढ़े: Eid Ul-Fitr 2026 LIVE Updates: सऊदी में आज दिखा चांद तो कल होगी ईद, भारत में आखिरी रोजा कब

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow