ED की जांच के बीच डगमगाया निवेशकों का भरोसा, अनिल अंबानी की कंपनियों में लगा लोअर सर्किट
Reliance Shares: अनिल अंबानी की मुश्किलें इन दिनों कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. एक तरफ 17,000 करोड़ रुपये के लोन फ्रॉड मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूछताछ के लिए तलब किया है. अब ईडी ने 12-13 बैंकों को लेटर भेजकर रिलायंस ग्रुप की कंपनियों को लोन दिए जाने के पूरे प्रॉसेस, चूक की समय-सीमा और लोन वसूली पर की गई कार्रवाई की डिटेल की जानकारी मांगी है. इस खबर का बुरा असर उनकी कंपनियों पर पड़ा. शेयरों में 5 परसेंट का लोअर सर्किट आज शेयर बाजार में कारोबार के दौरान रिलायंस ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में 5 परसेंट तक की गिरावट आई. रिलायंस पावर के शेयर 5 परसेंट गिरकर 47.58 रुपये पर आ गए, जबकि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर 4.98 परसेंट की गिरावट के साथ 296.15 रुपये पर आ गए. 4.84 परसेंट की गिरावट के साथ रिलायंस होम फाइनेंस के शेयर 4.84 रुपये पर कारोबार कर रहे हैं. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी ने पहले अनिल अंबानी को तलब किया है और अब यह समझना चाहती है कि लोन का भुगतान करने से कंपनियों के चूक जाने के बाद बैंकों ने क्या कार्रवाई की. ये भी पढ़ें: 17 हजार करोड़ के लोन फ्रॉड केस में बढ़ती जा रही अनिल अंबानी की मुश्किलें, अब बैंकरों से की जा सकती है पूछताछ
Reliance Shares: अनिल अंबानी की मुश्किलें इन दिनों कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. एक तरफ 17,000 करोड़ रुपये के लोन फ्रॉड मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूछताछ के लिए तलब किया है. अब ईडी ने 12-13 बैंकों को लेटर भेजकर रिलायंस ग्रुप की कंपनियों को लोन दिए जाने के पूरे प्रॉसेस, चूक की समय-सीमा और लोन वसूली पर की गई कार्रवाई की डिटेल की जानकारी मांगी है. इस खबर का बुरा असर उनकी कंपनियों पर पड़ा.
शेयरों में 5 परसेंट का लोअर सर्किट
आज शेयर बाजार में कारोबार के दौरान रिलायंस ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में 5 परसेंट तक की गिरावट आई. रिलायंस पावर के शेयर 5 परसेंट गिरकर 47.58 रुपये पर आ गए, जबकि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर 4.98 परसेंट की गिरावट के साथ 296.15 रुपये पर आ गए. 4.84 परसेंट की गिरावट के साथ रिलायंस होम फाइनेंस के शेयर 4.84 रुपये पर कारोबार कर रहे हैं. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी ने पहले अनिल अंबानी को तलब किया है और अब यह समझना चाहती है कि लोन का भुगतान करने से कंपनियों के चूक जाने के बाद बैंकों ने क्या कार्रवाई की.
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