DU छात्रों को मिलेगी फीस में 100% राहत, जानें योजना से जुड़ें नियम

दिल्ली यूनिवर्सिटी ने 2026-27 एकेडमिक सेशन के लिए फाइनेंस सपोर्ट स्कीम शुरू की है. यूनिवर्सिटी कि इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले छात्रों को फीस में राहत देना है. एलिजिबल छात्रों को उनकी पारिवारिक सालाना आय के आधार पर 50 से 100 प्रतिशत तक फीस में छूट मिल सकती है. इस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करने की आखिरी तारीख 13 अक्टूबर है. यह स्कीम डीयू के ऑफिस ऑफ द डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर की ओर से लागू की गई है. इसमें आवेदन करने से पहले छात्रों को अपनी एलिजिबिलिटी, आय, सीमा और जरूरी डॉक्यूमेंट की जानकारी ध्यान से जांचनी होगी.  आय के हिसाब से मिलेगी फीस में छूट  डीयू ने फाइनेंसियल सपोर्ट स्कीम के तहत छात्रों को दो कैटेगरी में बांटा है. पहली कैटेगरी में ऐसे छात्र आएंगे जिनके परिवार की सालाना आय 4 लाख रुपये तक है. इन्हें फीस में 100 प्रतिशत तक की छूट मिल सकती है. हालांकि यह राहत फीस या 15 हजार रुपये जो भी कम हो तक वहां सीमित रहेगी. दूसरी कैटेगरी में 4,00,001 रुपये से 8 लाख रुपये तक की सालाना पारिवारिक आय वाले छात्र शामिल होंगे. इन्हें फीस में 50 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी. इस कैटेगरी में अधिकतम सहायता वास्तविक फीस या 10 हजार रुपये जो भी कम हो वहां तक रहेगी.  किन छात्रों को मिलेगा योजना का लाभ?  यह योजना दिल्ली यूनिवर्सिटी के विभागों, संस्थाओं और सेंटरों में पढ़ने वाले फुल टाइम यूजी-पीजी छात्रों के लिए हैं. आवेदन करने वाले छात्रों का संबंधित संस्थान में बोनाफाइड स्टूडेंट होना जरूरी है और उसे तय आय सीमा पुरी करनी होगी. हालांकि डीयू ने कुछ छात्रों और कोर्स को इस योजना से बाहर रखा है. घटक कॉलेज, बीटेक प्रोग्राम, 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ प्रोग्राम स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग और NCWEB के छात्र आवेदन नहीं कर सकेंगे. इसके अलावा किसी पिछली परीक्षा में एसेंशियल रिपीट वाले छात्र भी इस योजना के लिए एलिजिबल नहीं होंगे.  आवेदन के लिए कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी? FFS के लिए आवेदन करते समय छात्रों को ईडब्ल्यूएस-ओबीसी प्रमाण पत्र या वित्तीय वर्ष 2025-26 का सक्षम अधिकारी की ओर से जारी आय प्रमाण पत्र देना होगा. इसके साथ ही माता-पिता और एलिजिबल भाई-बहनों के इनकम टैक्स रिटर्न और पैन कार्ड की कॉपी भी मांगी गई है. इसके अलावा निर्धारित अंडरटेकिंग फॉर्म, संबंधित डायरेक्टर के हस्ताक्षरित बोनाफाइड सर्टिफिकेट, पिछली परीक्षा की मार्कशीट, नई फीस रसीद और छात्र के नाम का बैंक, पासबुक या कैंसल्ड चेक देना होगा. डीयू ने स्पष्ट किया है कि नोटरी से जारी आय प्रमाण पत्र एक्सेप्ट नहीं किया जाएगा. बैंक अकाउंट भी छात्र के नाम पर होना चाहिए, किसी दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते की जानकारी मान्य नहीं होगी.  13 अक्टूबर तक करें ऑनलाइन आवेदन  आवेदन के लिए सबसे पहले स्टूडेंट वेलफेयर की वेबसाइट www.dsw.du.ac.in. पर जाएं.  इसके बाद फाइनेंस सपोर्ट स्कीम 2026-27 के लिंक पर क्लिक करें.  अब ऑनलाइन फॉर्म में मांगी गई जानकारी और डॉक्यूमेंट अपलोड करें.  इसके बाद फॉर्म को एक बार फिर अच्छे से चेक करके सबमिट कर दें. ये भी पढ़ें-नीट पीजी 2026 टॉपर लिस्ट जारी, देखें टॉप 20 की लिस्ट और कट ऑफ

Sep 26, 2026 - 10:30
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DU छात्रों को मिलेगी फीस में 100% राहत, जानें योजना से जुड़ें नियम

दिल्ली यूनिवर्सिटी ने 2026-27 एकेडमिक सेशन के लिए फाइनेंस सपोर्ट स्कीम शुरू की है. यूनिवर्सिटी कि इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले छात्रों को फीस में राहत देना है. एलिजिबल छात्रों को उनकी पारिवारिक सालाना आय के आधार पर 50 से 100 प्रतिशत तक फीस में छूट मिल सकती है. इस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करने की आखिरी तारीख 13 अक्टूबर है. यह स्कीम डीयू के ऑफिस ऑफ द डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर की ओर से लागू की गई है. इसमें आवेदन करने से पहले छात्रों को अपनी एलिजिबिलिटी, आय, सीमा और जरूरी डॉक्यूमेंट की जानकारी ध्यान से जांचनी होगी. 

आय के हिसाब से मिलेगी फीस में छूट 

डीयू ने फाइनेंसियल सपोर्ट स्कीम के तहत छात्रों को दो कैटेगरी में बांटा है. पहली कैटेगरी में ऐसे छात्र आएंगे जिनके परिवार की सालाना आय 4 लाख रुपये तक है. इन्हें फीस में 100 प्रतिशत तक की छूट मिल सकती है. हालांकि यह राहत फीस या 15 हजार रुपये जो भी कम हो तक वहां सीमित रहेगी. दूसरी कैटेगरी में 4,00,001 रुपये से 8 लाख रुपये तक की सालाना पारिवारिक आय वाले छात्र शामिल होंगे. इन्हें फीस में 50 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी. इस कैटेगरी में अधिकतम सहायता वास्तविक फीस या 10 हजार रुपये जो भी कम हो वहां तक रहेगी. 

किन छात्रों को मिलेगा योजना का लाभ? 

यह योजना दिल्ली यूनिवर्सिटी के विभागों, संस्थाओं और सेंटरों में पढ़ने वाले फुल टाइम यूजी-पीजी छात्रों के लिए हैं. आवेदन करने वाले छात्रों का संबंधित संस्थान में बोनाफाइड स्टूडेंट होना जरूरी है और उसे तय आय सीमा पुरी करनी होगी. हालांकि डीयू ने कुछ छात्रों और कोर्स को इस योजना से बाहर रखा है. घटक कॉलेज, बीटेक प्रोग्राम, 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ प्रोग्राम स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग और NCWEB के छात्र आवेदन नहीं कर सकेंगे. इसके अलावा किसी पिछली परीक्षा में एसेंशियल रिपीट वाले छात्र भी इस योजना के लिए एलिजिबल नहीं होंगे. 

आवेदन के लिए कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी?

FFS के लिए आवेदन करते समय छात्रों को ईडब्ल्यूएस-ओबीसी प्रमाण पत्र या वित्तीय वर्ष 2025-26 का सक्षम अधिकारी की ओर से जारी आय प्रमाण पत्र देना होगा. इसके साथ ही माता-पिता और एलिजिबल भाई-बहनों के इनकम टैक्स रिटर्न और पैन कार्ड की कॉपी भी मांगी गई है. इसके अलावा निर्धारित अंडरटेकिंग फॉर्म, संबंधित डायरेक्टर के हस्ताक्षरित बोनाफाइड सर्टिफिकेट, पिछली परीक्षा की मार्कशीट, नई फीस रसीद और छात्र के नाम का बैंक, पासबुक या कैंसल्ड चेक देना होगा. डीयू ने स्पष्ट किया है कि नोटरी से जारी आय प्रमाण पत्र एक्सेप्ट नहीं किया जाएगा. बैंक अकाउंट भी छात्र के नाम पर होना चाहिए, किसी दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते की जानकारी मान्य नहीं होगी. 

13 अक्टूबर तक करें ऑनलाइन आवेदन 

  • आवेदन के लिए सबसे पहले स्टूडेंट वेलफेयर की वेबसाइट www.dsw.du.ac.in. पर जाएं. 
  • इसके बाद फाइनेंस सपोर्ट स्कीम 2026-27 के लिंक पर क्लिक करें. 
  • अब ऑनलाइन फॉर्म में मांगी गई जानकारी और डॉक्यूमेंट अपलोड करें. 
  • इसके बाद फॉर्म को एक बार फिर अच्छे से चेक करके सबमिट कर दें.

ये भी पढ़ें-नीट पीजी 2026 टॉपर लिस्ट जारी, देखें टॉप 20 की लिस्ट और कट ऑफ

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