Dollar vs Rupee: इंडिया-यूएस ट्रेड डील फैक्टशीट के बाद निकला रुपये का दम, ट्रंप के डॉलर के सामने हुआ बेदम

Dollar vs Rupee: अमेरिका की ओर से भारत के साथ हुए व्यापार समझौते पर जारी फैक्ट शीट में संशोधन किए जाने के बाद बाजार में हलचल देखी गई. व्हाइट हाउस द्वारा एक दिन पहले जारी दस्तावेज में बदलाव की खबर के बीच बुधवार को हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन भारतीय रुपया शुरुआती कारोबार में कमजोर पड़ा. भू-राजनीतिक तनाव और आयातकों की ओर से डॉलर की बढ़ती मांग के चलते निवेशकों की भावनाएं प्रभावित हुईं और रुपया छह पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.62 पर आ गया. डॉलर के सामने टूटा रुपया अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (Inter Bank Foreign Exchange Market) में रुपया 90.56 प्रति डॉलर पर खुला, लेकिन बाद में फिसलकर 90.62 पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से छह पैसे की गिरावट दर्शाता है. हालांकि शुरुआती कारोबार में एक समय यह 90.46 तक भी मजबूत हुआ था. मंगलवार को रुपया 10 पैसे की बढ़त के साथ 90.56 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. इस बीच डॉलर सूचकांक, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति दर्शाता है, 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 96.66 पर रहा. घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख देखने को मिला. बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 141.21 अंक चढ़कर 84,415.13 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 51.95 अंकों की बढ़त के साथ 25,987.10 पर कारोबार करता दिखा. वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का दाम 0.78 प्रतिशत बढ़कर 69.34 डॉलर प्रति बैरल हो गया. विदेशी निवेशकों के रुख में भी सुधार नजर आया है. इस महीने अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में करीब दो अरब डॉलर का निवेश किया है. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) 69.45 करोड़ रुपये के शेयरों के शुद्ध खरीदार रहे. क्या कह रहे एक्सपर्ट? विशेषज्ञों का मानना है कि आगे रुपये की चाल कई कारकों पर निर्भर करेगी. मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी के मुताबिक, घरेलू बाजारों की मजबूती और व्यापार समझौते की उम्मीद से रुपया सकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर सकता है. कमजोर डॉलर और ताजा विदेशी निवेश प्रवाह भी इसे सहारा दे सकते हैं. हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव और आयातकों की डॉलर मांग तेजी को सीमित कर सकती है. उन्होंने अनुमान जताया कि डॉलर-रुपया की हाजिर कीमत 90.30 से 90.80 के दायरे में रह सकती है. वहीं एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा कि मजबूत निवेशक धारणा और विदेशी निवेश की वापसी से रुपये को समर्थन मिल रहा है. ये भी पढ़ें: डिफेंस कंपनी BHEL के शेयरों में भारी गिरावट, सरकार OFS के जरिए बेच रही 5% हिस्सेदारी

Feb 11, 2026 - 13:30
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Dollar vs Rupee: इंडिया-यूएस ट्रेड डील फैक्टशीट के बाद निकला रुपये का दम, ट्रंप के डॉलर के सामने हुआ बेदम

Dollar vs Rupee: अमेरिका की ओर से भारत के साथ हुए व्यापार समझौते पर जारी फैक्ट शीट में संशोधन किए जाने के बाद बाजार में हलचल देखी गई. व्हाइट हाउस द्वारा एक दिन पहले जारी दस्तावेज में बदलाव की खबर के बीच बुधवार को हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन भारतीय रुपया शुरुआती कारोबार में कमजोर पड़ा. भू-राजनीतिक तनाव और आयातकों की ओर से डॉलर की बढ़ती मांग के चलते निवेशकों की भावनाएं प्रभावित हुईं और रुपया छह पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.62 पर आ गया.

डॉलर के सामने टूटा रुपया

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (Inter Bank Foreign Exchange Market) में रुपया 90.56 प्रति डॉलर पर खुला, लेकिन बाद में फिसलकर 90.62 पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से छह पैसे की गिरावट दर्शाता है. हालांकि शुरुआती कारोबार में एक समय यह 90.46 तक भी मजबूत हुआ था. मंगलवार को रुपया 10 पैसे की बढ़त के साथ 90.56 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. इस बीच डॉलर सूचकांक, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति दर्शाता है, 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 96.66 पर रहा.

घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख देखने को मिला. बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 141.21 अंक चढ़कर 84,415.13 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 51.95 अंकों की बढ़त के साथ 25,987.10 पर कारोबार करता दिखा. वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का दाम 0.78 प्रतिशत बढ़कर 69.34 डॉलर प्रति बैरल हो गया.

विदेशी निवेशकों के रुख में भी सुधार नजर आया है. इस महीने अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में करीब दो अरब डॉलर का निवेश किया है. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) 69.45 करोड़ रुपये के शेयरों के शुद्ध खरीदार रहे.

क्या कह रहे एक्सपर्ट?

विशेषज्ञों का मानना है कि आगे रुपये की चाल कई कारकों पर निर्भर करेगी. मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी के मुताबिक, घरेलू बाजारों की मजबूती और व्यापार समझौते की उम्मीद से रुपया सकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर सकता है. कमजोर डॉलर और ताजा विदेशी निवेश प्रवाह भी इसे सहारा दे सकते हैं. हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव और आयातकों की डॉलर मांग तेजी को सीमित कर सकती है.

उन्होंने अनुमान जताया कि डॉलर-रुपया की हाजिर कीमत 90.30 से 90.80 के दायरे में रह सकती है. वहीं एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा कि मजबूत निवेशक धारणा और विदेशी निवेश की वापसी से रुपये को समर्थन मिल रहा है.

ये भी पढ़ें: डिफेंस कंपनी BHEL के शेयरों में भारी गिरावट, सरकार OFS के जरिए बेच रही 5% हिस्सेदारी

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