Diwali 2025 Don't Do: दिवाली की रात के बाद भूलकर भी न करें ये काम, मां लक्ष्मी हो जाएंगी नाराज

Diwali 2025: दिवाली की रात पूरे साल की सबसे शुभ रात मानी जाती है. मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी घरों में वास करती हैं जिससे सुख समृद्धि में वृद्धि होती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार दिवाली की रात मां लक्ष्मी घर-घर में भ्रमण करती हैं. जहां स्वच्छता, प्रकाश और श्रद्धा होती है, वहीं स्थायी रूप से वास करती हैं. इसलिए दिवाली से पहले घरों को पवित्र तरीके से साफ करने की परंपरा चली आ रही है. वहीं रात में मां लक्ष्मी की पूजा भी काफी श्रद्धा से की जाती है लेकिन उसके अगले दिन हमें ऐसी कोई गलती नहीं करनी चाहिए जिससे मां लक्ष्मी नाराज हो जाए. आइए जानें इसके बारे में-  अगली सुबह झाड़ू या कचरा बाहर नही फेंकें दिवाली की रात घर की सफाई और दीपों से वातावरण पवित्र होता है लेकिन अगले दिन सुबह झाड़ू लगाकर कचरा बाहर निकालना अशुभ माना गया है. कहा जाता है कि इससे मां लक्ष्मी का निवास भंग होता है और इसका सुख समृद्धि पर बुरा असर पड़ता है. सफाई करना चाहें तो दोपहर बाद करें. पूजा के तुरंत बाद नहीं हटाएं मूर्तियां दिवाली की रात मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और अन्य देवी-देवताओं की स्थापना पूरे विधि-विधान से की जाती है. पूजा के दौरान घर का वातावरण भक्ति, प्रकाश और सकारात्मकता से भर जाता है. लेकिन अक्सर लोग पूजा समाप्त होते ही मूर्तियां हटा देते हैं या उन्हें वापस रख देते हैं, जो बहुत बड़ी गलती मानी जाती है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, पूजा के तुरंत बाद मूर्तियाँ हटाना या उन्हें अस्त-व्यस्त करना अशुभ होता है.    दीपक को तुरंत नहीं बुझाना चाहिए  मां लक्ष्मी के अनुष्ठान में घर में जलने वाली अखंड ज्योति मां लक्ष्मी के स्वागत का प्रतीक होता है. सुबह होते ही उस दीपक को एकदम से बुझा देना अशुभ माना जाता है. उन्हें अपने आप बुझने दें. इससे घर में स्थायी सुख और शांति बनी रहती है. झगड़ा या नकारात्मक बातें नहीं करें दिवाली के अगले दिन घर का माहौल शांत और शुभ रखना बहुत जरूरी है. क्रोध, झगड़ा या नकारात्मक बातें करने से घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है. मान्यता है कि मां लक्ष्मी वहीं रहती हैं जहां खुशहाली हो.  पूजा स्थान को अस्त-व्यस्त न छोड़ें दिवाली की पूजा के बाद अगर दीप, फूल या प्रसाद बिखरा रह जाए तो यह लापरवाही मानी जाती है. सुबह पूजा स्थान को सहेजें, साफ रखें और भगवान को फिर से प्रणाम करें. इससे शुभ फल लंबे समय तक बने रहते हैं. पुराने या टूटे दीपक को नहीं फेंके पूजा में इस्तेमाल किए गए दीपक, कलश या सजावट के पवित्र सामान को कूड़े में नहीं डालना चाहिए. उन्हें किसी पेड़ के नीचे, नदी या साफ जगह पर प्रवाहित करने की परंपरा है. ऐसा करने से पवित्रता बनी रहती है और लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Oct 18, 2025 - 15:30
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Diwali 2025 Don't Do: दिवाली की रात के बाद भूलकर भी न करें ये काम, मां लक्ष्मी हो जाएंगी नाराज

Diwali 2025: दिवाली की रात पूरे साल की सबसे शुभ रात मानी जाती है. मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी घरों में वास करती हैं जिससे सुख समृद्धि में वृद्धि होती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार दिवाली की रात मां लक्ष्मी घर-घर में भ्रमण करती हैं.

जहां स्वच्छता, प्रकाश और श्रद्धा होती है, वहीं स्थायी रूप से वास करती हैं. इसलिए दिवाली से पहले घरों को पवित्र तरीके से साफ करने की परंपरा चली आ रही है. वहीं रात में मां लक्ष्मी की पूजा भी काफी श्रद्धा से की जाती है लेकिन उसके अगले दिन हमें ऐसी कोई गलती नहीं करनी चाहिए जिससे मां लक्ष्मी नाराज हो जाए. आइए जानें इसके बारे में- 

अगली सुबह झाड़ू या कचरा बाहर नही फेंकें

दिवाली की रात घर की सफाई और दीपों से वातावरण पवित्र होता है लेकिन अगले दिन सुबह झाड़ू लगाकर कचरा बाहर निकालना अशुभ माना गया है. कहा जाता है कि इससे मां लक्ष्मी का निवास भंग होता है और इसका सुख समृद्धि पर बुरा असर पड़ता है. सफाई करना चाहें तो दोपहर बाद करें.

पूजा के तुरंत बाद नहीं हटाएं मूर्तियां

दिवाली की रात मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और अन्य देवी-देवताओं की स्थापना पूरे विधि-विधान से की जाती है. पूजा के दौरान घर का वातावरण भक्ति, प्रकाश और सकारात्मकता से भर जाता है. लेकिन अक्सर लोग पूजा समाप्त होते ही मूर्तियां हटा देते हैं या उन्हें वापस रख देते हैं, जो बहुत बड़ी गलती मानी जाती है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, पूजा के तुरंत बाद मूर्तियाँ हटाना या उन्हें अस्त-व्यस्त करना अशुभ होता है.  

 दीपक को तुरंत नहीं बुझाना चाहिए 

मां लक्ष्मी के अनुष्ठान में घर में जलने वाली अखंड ज्योति मां लक्ष्मी के स्वागत का प्रतीक होता है. सुबह होते ही उस दीपक को एकदम से बुझा देना अशुभ माना जाता है. उन्हें अपने आप बुझने दें. इससे घर में स्थायी सुख और शांति बनी रहती है.

झगड़ा या नकारात्मक बातें नहीं करें

दिवाली के अगले दिन घर का माहौल शांत और शुभ रखना बहुत जरूरी है. क्रोध, झगड़ा या नकारात्मक बातें करने से घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है. मान्यता है कि मां लक्ष्मी वहीं रहती हैं जहां खुशहाली हो. 

पूजा स्थान को अस्त-व्यस्त न छोड़ें

दिवाली की पूजा के बाद अगर दीप, फूल या प्रसाद बिखरा रह जाए तो यह लापरवाही मानी जाती है. सुबह पूजा स्थान को सहेजें, साफ रखें और भगवान को फिर से प्रणाम करें. इससे शुभ फल लंबे समय तक बने रहते हैं.

पुराने या टूटे दीपक को नहीं फेंके

पूजा में इस्तेमाल किए गए दीपक, कलश या सजावट के पवित्र सामान को कूड़े में नहीं डालना चाहिए. उन्हें किसी पेड़ के नीचे, नदी या साफ जगह पर प्रवाहित करने की परंपरा है. ऐसा करने से पवित्रता बनी रहती है और लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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