Diabetes Myths and Facts: गुड़-शहद सुरक्षित और जामुन-मेथी से बीमारी छूमंतर? जानें डायबिटीज से जुड़े इन दावों का असली सच

Can You Cure Diabetes with Herbs: आज के दौर में सुपरफूड और चमत्कारी डाइट्स सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड करती हैं. ऐसे में सच और भ्रम के बीच फर्क समझना बेहद जरूरी हो गया है, खासकर तब जब भारत में 10 करोड़ से ज्यादा लोग डायबिटीज के साथ जी रहे हैं. कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल की कंसल्टेंट डाइटीशियन ऐश्वर्या ए. कुम्भाकोणी ने HT को  डायबिटीज का इलाज किसी एक मसाले या घरेलू नुस्खे से नहीं होता, बल्कि इसके लिए एक व्यवस्थित और व्यक्तिगत योजना की जरूरत होती है. भारतीय घरों में अक्सर यह माना जाता है कि मेथी दाना, जामुन या दालचीनी डायबिटीज को "ठीक" कर सकते हैं. ऐश्वर्या साफ कहती हैं कि अब तक किसी एक खाद्य पदार्थ को डायबिटीज का इलाज साबित नहीं किया गया है। कुछ चीजें संतुलित आहार का हिस्सा बन सकती हैं, लेकिन ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए दवा, नियमित व्यायाम और लगातार मॉनिटरिंग जरूरी है. क्या हैं इसको लेकर मिथक? एक आम मिथक यह है कि ज्यादा चीनी खाने से सीधे डायबिटीज हो जाती है. असल में, रिफाइंड शुगर और हाई-कैलोरी खाद्य पदार्थों का बार-बार सेवन वजन बढ़ाता है, खासकर पेट के आसपास की चर्बी, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है. पैकेज्ड जूस, कोल्ड ड्रिंक और एनर्जी ड्रिंक जैसी मीठी चीजें टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम से जुड़ी हैं. वहीं टाइप 1 डायबिटीज एक ऑटोइम्यून स्थिति है. फल को लेकर भी भ्रम है कि डायबिटीज में इन्हें पूरी तरह छोड़ देना चाहिए. एक्सपर्ट के अनुसार, फल में प्राकृतिक शुगर होती है, लेकिन साथ में फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं. सही मात्रा में और जूस की बजाय साबुत फल लेना बेहतर विकल्प है. क्या शुगर फ्री सही है? गुड़ और शहद को चीनी से ज्यादा सुरक्षित मानना भी सही नहीं. तीनों ही साधारण कार्बोहाइड्रेट हैं और ब्लड शुगर तेजी से बढ़ा सकते हैं. इसी तरह, चावल को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है. मात्रा नियंत्रित रखें और उसे दाल, सब्जी और प्रोटीन के साथ संतुलित करें. "शुगर-फ्री" मिठाइयों को भी खुलकर खाना सुरक्षित नहीं है. इनमें फैट और कैलोरी अधिक हो सकती है. वहीं यह भी सच है कि डायबिटीज सिर्फ मोटे लोगों को नहीं होती. दुबले दिखने वाले लोगों में भी अंदरूनी चर्बी इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ा सकती है. ऐश्वर्या के अनुसार, डायबिटीज का कोई चमत्कारी इलाज नहीं है. मेडिकल न्यूट्रिशन थेरेपी, संतुलित भोजन, फाइबर और प्रोटीन का सही अनुपात, और नियमित लाइफस्टाइल ही लंबी अवधि में बेहतर परिणाम देती है. सही जानकारी के साथ लिया गया पोषण ही सेहत की असली ताकत है. इसे भी पढ़ें- Smart Vision Glasses: देख नहीं सकते तो क्या? अब 'सुनकर' पहचानेंगे दुनिया, एम्स ने दिए खास स्मार्ट ग्लासेस Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Feb 23, 2026 - 18:30
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Diabetes Myths and Facts: गुड़-शहद सुरक्षित और जामुन-मेथी से बीमारी छूमंतर? जानें डायबिटीज से जुड़े इन दावों का असली सच

Can You Cure Diabetes with Herbs: आज के दौर में सुपरफूड और चमत्कारी डाइट्स सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड करती हैं. ऐसे में सच और भ्रम के बीच फर्क समझना बेहद जरूरी हो गया है, खासकर तब जब भारत में 10 करोड़ से ज्यादा लोग डायबिटीज के साथ जी रहे हैं. कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल की कंसल्टेंट डाइटीशियन ऐश्वर्या ए. कुम्भाकोणी ने HT को  डायबिटीज का इलाज किसी एक मसाले या घरेलू नुस्खे से नहीं होता, बल्कि इसके लिए एक व्यवस्थित और व्यक्तिगत योजना की जरूरत होती है.

भारतीय घरों में अक्सर यह माना जाता है कि मेथी दाना, जामुन या दालचीनी डायबिटीज को "ठीक" कर सकते हैं. ऐश्वर्या साफ कहती हैं कि अब तक किसी एक खाद्य पदार्थ को डायबिटीज का इलाज साबित नहीं किया गया है। कुछ चीजें संतुलित आहार का हिस्सा बन सकती हैं, लेकिन ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए दवा, नियमित व्यायाम और लगातार मॉनिटरिंग जरूरी है.

क्या हैं इसको लेकर मिथक?

एक आम मिथक यह है कि ज्यादा चीनी खाने से सीधे डायबिटीज हो जाती है. असल में, रिफाइंड शुगर और हाई-कैलोरी खाद्य पदार्थों का बार-बार सेवन वजन बढ़ाता है, खासकर पेट के आसपास की चर्बी, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है. पैकेज्ड जूस, कोल्ड ड्रिंक और एनर्जी ड्रिंक जैसी मीठी चीजें टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम से जुड़ी हैं. वहीं टाइप 1 डायबिटीज एक ऑटोइम्यून स्थिति है. फल को लेकर भी भ्रम है कि डायबिटीज में इन्हें पूरी तरह छोड़ देना चाहिए. एक्सपर्ट के अनुसार, फल में प्राकृतिक शुगर होती है, लेकिन साथ में फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं. सही मात्रा में और जूस की बजाय साबुत फल लेना बेहतर विकल्प है.

क्या शुगर फ्री सही है?

गुड़ और शहद को चीनी से ज्यादा सुरक्षित मानना भी सही नहीं. तीनों ही साधारण कार्बोहाइड्रेट हैं और ब्लड शुगर तेजी से बढ़ा सकते हैं. इसी तरह, चावल को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है. मात्रा नियंत्रित रखें और उसे दाल, सब्जी और प्रोटीन के साथ संतुलित करें. "शुगर-फ्री" मिठाइयों को भी खुलकर खाना सुरक्षित नहीं है. इनमें फैट और कैलोरी अधिक हो सकती है. वहीं यह भी सच है कि डायबिटीज सिर्फ मोटे लोगों को नहीं होती. दुबले दिखने वाले लोगों में भी अंदरूनी चर्बी इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ा सकती है. ऐश्वर्या के अनुसार, डायबिटीज का कोई चमत्कारी इलाज नहीं है. मेडिकल न्यूट्रिशन थेरेपी, संतुलित भोजन, फाइबर और प्रोटीन का सही अनुपात, और नियमित लाइफस्टाइल ही लंबी अवधि में बेहतर परिणाम देती है. सही जानकारी के साथ लिया गया पोषण ही सेहत की असली ताकत है.

इसे भी पढ़ें- Smart Vision Glasses: देख नहीं सकते तो क्या? अब 'सुनकर' पहचानेंगे दुनिया, एम्स ने दिए खास स्मार्ट ग्लासेस

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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