Dentist Prescription Rules:डेंटिस्ट्स पर कसेगा शिकंजा, पर्चे पर ही देनी होंगी ये 9 डिटेल्स

राष्ट्रीय दंत आयोग NDC ने 23 अक्टूबर 2026 को डेंटिस्ट के लिए पर्चे से जुड़े नए निर्देश जारी किए हैं. इन निर्देशों के तहत डेंटिस्ट को मरीजों के लिए हाथ से लिखे पर्चे और डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन पर जरूरी जानकारियां दर्ज करनी होंगी. इसका मकसद मरीजों को इलाज करने वाले डॉक्टर के बारे में सही जानकारी देना और इलाज की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है. इन नियमों के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है कि मरीज को पता हो कि उसका इलाज कौन कर रहा है, डॉक्टर की योग्यता क्या है और जरूरत पड़ने पर उससे संपर्क कैसे करें. पर्चे पर डेंटिस्ट का नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर होना जरूरी नए निर्देशों के मुताबिक, डेंटिस्ट के पर्चे पर सबसे पहले उनका नाम लिखा होना चाहिए. यह नाम NDC में दर्ज नाम के अनुसार होना चाहिए. इसके साथ ही डॉक्टर का वैलिड  रजिस्ट्रेशन नंबर भी देना जरूरी होगा. इस नंबर से डॉक्टर के पंजीकरण की पहचान हो सके. इसके साथ ही डेंटिस्ट को अपनी मान्यता प्राप्त डिग्री या योग्यता की जानकारी भी देनी होगी.  यह भी पढ़ें : योग करते समय शरीर पर न डालें जोर, आयुष मंत्रालय ने दी चेतावनी क्लिनिक का पता और इमरजेंसी नंबर  डेंटिस्ट को अपने पर्चे पर क्लिनिक का पूरा पता लिखना होगा. इसमें पिनकोड और फोन नंबर भी शामिल होनी चाहिए. साथ ही एक ऐसा इमरजेंसी कान्टैक्ट नंबर देना होगा, जिस पर जरूरत पड़ने पर मरीज या उसके परिवार के लोग संपर्क कर सकें. अगर इलाज के बाद मरीज को कोई परेशानी होती है या उसे डॉक्टर से दोबारा सलाह लेनी है, तो इन जानकारियों की मदद से संपर्क करना आसान होगा.  मरीज का नाम, उम्र और लिंग लिखना होगा डॉक्टर के पर्चे पर मरीज से जुड़ी जरूरी जानकारियां भी दर्ज करनी होंगी. इनमें मरीज का नाम, उम्र और लिंग शामिल हैं. इसके साथ ही, पर्चा जारी करने की तारीख लिखना भी जरूरी होगा. अगर मरीज दोबारा इलाज के लिए आता है, तो उस विजिट की तारीख भी दर्ज की जानी चाहिए. इससे मरीज के इलाज से जुड़ी जानकारी को सही से  रखने में मदद मिलेगी. पर्चे पर डेंटिस्ट के हस्ताक्षर भी होने चाहिए. डिजिटल पर्चे के मामले में कानूनी रूप से मान्य डिजिटल हस्ताक्षर भी  जरूरी. डेंटिस्ट की मुहर से जुड़ा नियम अगर डेंटिस्ट का नाम, डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर पर्चे पर पहले से प्रिंट नहीं हैं, तो इन जानकारियों के लिए साफ और स्पष्ट मुहर का इस्तेमाल करना होगा. इसका उद्देश्य पर्चे पर डॉक्टर की पहचान से जुड़ी जानकारी को स्पष्ट रखना है, ताकि मरीज या दवा देने वाले व्यक्ति को इसे समझने में परेशानी न हो.   यह भी पढ़ें : बड़े होने के बाद भी बिस्तर पर क्यों पेशाब कर देते हैं बच्चे, हो सकती है यह बीमारी | children bedwetting causes symptoms and treatment

Oct 29, 2026 - 05:30
 0
Dentist Prescription Rules:डेंटिस्ट्स पर कसेगा शिकंजा, पर्चे पर ही देनी होंगी ये 9 डिटेल्स

राष्ट्रीय दंत आयोग NDC ने 23 अक्टूबर 2026 को डेंटिस्ट के लिए पर्चे से जुड़े नए निर्देश जारी किए हैं. इन निर्देशों के तहत डेंटिस्ट को मरीजों के लिए हाथ से लिखे पर्चे और डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन पर जरूरी जानकारियां दर्ज करनी होंगी. इसका मकसद मरीजों को इलाज करने वाले डॉक्टर के बारे में सही जानकारी देना और इलाज की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है. इन नियमों के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है कि मरीज को पता हो कि उसका इलाज कौन कर रहा है, डॉक्टर की योग्यता क्या है और जरूरत पड़ने पर उससे संपर्क कैसे करें.

पर्चे पर डेंटिस्ट का नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर होना जरूरी

नए निर्देशों के मुताबिक, डेंटिस्ट के पर्चे पर सबसे पहले उनका नाम लिखा होना चाहिए. यह नाम NDC में दर्ज नाम के अनुसार होना चाहिए. इसके साथ ही डॉक्टर का वैलिड  रजिस्ट्रेशन नंबर भी देना जरूरी होगा. इस नंबर से डॉक्टर के पंजीकरण की पहचान हो सके. इसके साथ ही डेंटिस्ट को अपनी मान्यता प्राप्त डिग्री या योग्यता की जानकारी भी देनी होगी. 

यह भी पढ़ें : योग करते समय शरीर पर न डालें जोर, आयुष मंत्रालय ने दी चेतावनी

क्लिनिक का पता और इमरजेंसी नंबर 

डेंटिस्ट को अपने पर्चे पर क्लिनिक का पूरा पता लिखना होगा. इसमें पिनकोड और फोन नंबर भी शामिल होनी चाहिए. साथ ही एक ऐसा इमरजेंसी कान्टैक्ट नंबर देना होगा, जिस पर जरूरत पड़ने पर मरीज या उसके परिवार के लोग संपर्क कर सकें. अगर इलाज के बाद मरीज को कोई परेशानी होती है या उसे डॉक्टर से दोबारा सलाह लेनी है, तो इन जानकारियों की मदद से संपर्क करना आसान होगा. 

मरीज का नाम, उम्र और लिंग लिखना होगा

डॉक्टर के पर्चे पर मरीज से जुड़ी जरूरी जानकारियां भी दर्ज करनी होंगी. इनमें मरीज का नाम, उम्र और लिंग शामिल हैं. इसके साथ ही, पर्चा जारी करने की तारीख लिखना भी जरूरी होगा. अगर मरीज दोबारा इलाज के लिए आता है, तो उस विजिट की तारीख भी दर्ज की जानी चाहिए. इससे मरीज के इलाज से जुड़ी जानकारी को सही से  रखने में मदद मिलेगी. पर्चे पर डेंटिस्ट के हस्ताक्षर भी होने चाहिए. डिजिटल पर्चे के मामले में कानूनी रूप से मान्य डिजिटल हस्ताक्षर भी  जरूरी.

डेंटिस्ट की मुहर से जुड़ा नियम

अगर डेंटिस्ट का नाम, डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर पर्चे पर पहले से प्रिंट नहीं हैं, तो इन जानकारियों के लिए साफ और स्पष्ट मुहर का इस्तेमाल करना होगा. इसका उद्देश्य पर्चे पर डॉक्टर की पहचान से जुड़ी जानकारी को स्पष्ट रखना है, ताकि मरीज या दवा देने वाले व्यक्ति को इसे समझने में परेशानी न हो.  

यह भी पढ़ें : बड़े होने के बाद भी बिस्तर पर क्यों पेशाब कर देते हैं बच्चे, हो सकती है यह बीमारी | children bedwetting causes symptoms and treatment

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow