Delhi Car Blast: पुलिस ने ऐसा क्या लिखा? पैनिक में आ गया उमर, कुछ ही देर में हो गया दिल्ली में बड़ा धमाका
दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार (10 नवंबर) को हुए कार धमाके को लेकर नई थ्योरी सामने आ रही है. जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक वायरल पोस्ट के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि आतंकी डॉक्टर उमर हड़बड़ी में था. जम्मू कश्मीर पुलिस ने 10 नवंबर को शाम 6 बजकर 10 मिनट पर एक्स पर लिखा था: 'You can run but you can't hide' इसके कुछ ही समय बाद दिल्ली में फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से जुड़े डॉक्टर उमर की गाड़ी में जोरदार धमाका हुआ. उमर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा था. कथित तौर पर वह जम्मू-कश्मीर पुलिस की पकड़ से बचते हुए दिल्ली आया था. धमाका किसी प्लांटेड बम का नहीं बल्कि हड़बड़ी या गलती से हुआ होने का अंदेशा जताया जा रहा है. शुरुआती जांच में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि लाल किले के पास पार्किंग में छिपने की कोशिश कर रहे उमर ने पुलिस के ट्वीट के बाद घबराहट में कार को चलाया और धमाका हो गया. सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने धमाके से कुछ ही घंटे पहले फरीदाबाद में हरियाणा पुलिस की मदद से 2,900 किलो विस्फोटक, असॉल्ट राइफल्स और बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था. उमर को पकड़ने का डर उसे लगातार दबाव में रख रहा था. जांच एजेंसियों की शुरूआती तफ्तीश में यही एंगल सामने आया है कि धमाका योजनाबद्ध नहीं था, बल्कि पैनिक और दबाव की स्थिति में हुई घटना थी.
दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार (10 नवंबर) को हुए कार धमाके को लेकर नई थ्योरी सामने आ रही है. जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक वायरल पोस्ट के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि आतंकी डॉक्टर उमर हड़बड़ी में था.
जम्मू कश्मीर पुलिस ने 10 नवंबर को शाम 6 बजकर 10 मिनट पर एक्स पर लिखा था: 'You can run but you can't hide' इसके कुछ ही समय बाद दिल्ली में फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से जुड़े डॉक्टर उमर की गाड़ी में जोरदार धमाका हुआ. उमर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा था. कथित तौर पर वह जम्मू-कश्मीर पुलिस की पकड़ से बचते हुए दिल्ली आया था.
धमाका किसी प्लांटेड बम का नहीं बल्कि हड़बड़ी या गलती से हुआ होने का अंदेशा जताया जा रहा है. शुरुआती जांच में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि लाल किले के पास पार्किंग में छिपने की कोशिश कर रहे उमर ने पुलिस के ट्वीट के बाद घबराहट में कार को चलाया और धमाका हो गया.
सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने धमाके से कुछ ही घंटे पहले फरीदाबाद में हरियाणा पुलिस की मदद से 2,900 किलो विस्फोटक, असॉल्ट राइफल्स और बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था. उमर को पकड़ने का डर उसे लगातार दबाव में रख रहा था. जांच एजेंसियों की शुरूआती तफ्तीश में यही एंगल सामने आया है कि धमाका योजनाबद्ध नहीं था, बल्कि पैनिक और दबाव की स्थिति में हुई घटना थी.
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