Coldrif Syrup Ban: दिल्ली सरकार का बड़ा कदम Coldrif सिरप पर लगाया बैन, जानें क्या है कारण

Coldrif Syrup Ban: देश में लगातार सामने आ रहे नकली और मिलावटी दवाओं के मामलों के बीच दिल्ली सरकार ने एक बड़ा और अहम कदम उठाया है. सरकार ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री, इस्तेमाल और वितरण पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है. यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि इस दवा में खतरनाक केमिकल मिलने की पुष्टि हुई है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. खास बात यह है कि यह दवा बच्चों में खांसी और बुखार को इलाज के लिए दी जाती है, लेकिन इसके सेवन से अलग-अलग राज्यों में अब तक 20 बच्चों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बन गया है.  सरकार ने जारी किया नोटिस  दिल्ली सरकार के औषधि नियंत्रण विभाग ने 10 अक्टूबर को एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया, जिसमें बताया गया कि कोल्ड्रिफ सिरप में एक खतरनाक केमिकल डायएथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया है. यह केमिकल शरीर के लिए बहुत जहरीला होता है और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है. यहां तक कि इसकी वजह से मौत का खतरा भी हो सकता है. यह रसायन आमतौर पर इंडस्ट्रियल कामों में यूज होता है, लेकिन अगर यह दवाओं में मिल जाए तो यह किडनी फेल, लिवर डैमेज और अन्य जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकता है. यही वजह है कि इसे मिलावटी दवा घोषित किया गया है और तत्काल प्रभाव से इसे बाजार से हटाने का आदेश दिया गया है. कई राज्यों ने उठाया सख्त कदम दिल्ली इस दवा को बैन करने वाला अकेला राज्य नहीं है. दिल्ली के अलावा केरल, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और पंजाब ने भी कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री और यूज पर रोक लगा दी है. इस सिरप के कारण कम से कम 20 बच्चों की मौत हो चुकी है और कुछ का इलाज अभी भी जारी है. इस घटना के बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया है. वहीं दिल्ली सरकार ने भी आम लोगों को चेतावनी दी है कि वे कोल्ड्रिफ कफ सिरप का किसी भी रूप में सेवन न करें.  सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, यह सिरप सीसन फार्मास्युटिकल नामक कंपनी का बनाया गया है, जिसका प्लांट तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले में स्थित है. जांच में पाया गया कि बैच नंबर SR-13, जो मई 2025 में तैयार हुआ और जिसकी अवधि अप्रैल 2027 तक है, उसमें डायएथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा 42.28% w/v पाई गई है. यह मात्रा सामान्य से कहीं ज्यादा है और सीधे तौर पर स्वास्थ्य के लिए खतरनाक मानी जाती है.  यह भी पढ़ें: हमारे खून के हर कतरे में छिपा है सेहत का राज, वैज्ञानिकों ने खोज डाले ऐसे 750 नए जीन

Oct 11, 2025 - 15:30
 0
Coldrif Syrup Ban: दिल्ली सरकार का बड़ा कदम Coldrif सिरप पर लगाया बैन, जानें क्या है कारण

Coldrif Syrup Ban: देश में लगातार सामने आ रहे नकली और मिलावटी दवाओं के मामलों के बीच दिल्ली सरकार ने एक बड़ा और अहम कदम उठाया है. सरकार ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री, इस्तेमाल और वितरण पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है. यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि इस दवा में खतरनाक केमिकल मिलने की पुष्टि हुई है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है.

खास बात यह है कि यह दवा बच्चों में खांसी और बुखार को इलाज के लिए दी जाती है, लेकिन इसके सेवन से अलग-अलग राज्यों में अब तक 20 बच्चों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बन गया है. 

सरकार ने जारी किया नोटिस 

दिल्ली सरकार के औषधि नियंत्रण विभाग ने 10 अक्टूबर को एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया, जिसमें बताया गया कि कोल्ड्रिफ सिरप में एक खतरनाक केमिकल डायएथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया है. यह केमिकल शरीर के लिए बहुत जहरीला होता है और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है. यहां तक कि इसकी वजह से मौत का खतरा भी हो सकता है. यह रसायन आमतौर पर इंडस्ट्रियल कामों में यूज होता है, लेकिन अगर यह दवाओं में मिल जाए तो यह किडनी फेल, लिवर डैमेज और अन्य जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकता है. यही वजह है कि इसे मिलावटी दवा घोषित किया गया है और तत्काल प्रभाव से इसे बाजार से हटाने का आदेश दिया गया है.

कई राज्यों ने उठाया सख्त कदम

दिल्ली इस दवा को बैन करने वाला अकेला राज्य नहीं है. दिल्ली के अलावा केरल, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और पंजाब ने भी कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री और यूज पर रोक लगा दी है. इस सिरप के कारण कम से कम 20 बच्चों की मौत हो चुकी है और कुछ का इलाज अभी भी जारी है. इस घटना के बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया है. वहीं दिल्ली सरकार ने भी आम लोगों को चेतावनी दी है कि वे कोल्ड्रिफ कफ सिरप का किसी भी रूप में सेवन न करें. 

सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, यह सिरप सीसन फार्मास्युटिकल नामक कंपनी का बनाया गया है, जिसका प्लांट तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले में स्थित है. जांच में पाया गया कि बैच नंबर SR-13, जो मई 2025 में तैयार हुआ और जिसकी अवधि अप्रैल 2027 तक है, उसमें डायएथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा 42.28% w/v पाई गई है. यह मात्रा सामान्य से कहीं ज्यादा है और सीधे तौर पर स्वास्थ्य के लिए खतरनाक मानी जाती है. 

यह भी पढ़ें: हमारे खून के हर कतरे में छिपा है सेहत का राज, वैज्ञानिकों ने खोज डाले ऐसे 750 नए जीन

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow