CM Yogi Challenge Islamic Influencer: 'संभल ही नहीं पूरे हिंदुस्तान में सड़कों पर पढ़ी जाएगी नमाज, इंशाअल्लाह...', किसने CM योगी को दे डाला चैलेंज
ईद से ठीक पहले हैदराबाद के एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने अपने कथित आपत्तिजनक बयान से माहौल में सांप्रदायिक जहर घोलने का काम किया है. एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह मुसलमानों को उकसाने पर आमादा कर रहा है और देशभर में सड़कों पर नमाज़ पढ़ने का आह्वान कर रहा है. इस संबंध में उसने यूपी प्रशासन को खुली चुनौती भी दी है. Hyderabad Youth Courage (HYC) के संस्थापक सैयद अयूब ने 15 मार्च की रात यह वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह कह रहे हैं, सिर्फ संभल में नहीं, पूरे हिंदुस्तान में सड़क पर नमाज अदा की जाएगी इंशाल्लाह. वीडियो में अयूब ने UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और योगी सरकार पर मुसलमानों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया. इंस्टाग्राम पर करीब 20 लाख फॉलोअर्स वाले अयूब ने कहा कि अगर ईदगाह भर जाएं तो मुसलमान सड़कों पर नमाज पढ़ेंगे और जेल या केस की धमकियों से वे डरने वाले नहीं हैं. वीडियो में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सड़कों पर होली मनाई जाती है, लड़ाई-झगड़े होते हैं, तब किसी को तकलीफ नहीं होती, लेकिन नमाज पर एतराज़ जताया जाता है. अंत में उन्होंने संवैधानिक अधिकारों का हवाला देते हुए कहा, 'इस हिंदुस्तान में जितना हक तुम्हारा है, उतना हक मेरा है.' संभल पुलिस अधिकारी कुलदीप कुमार का बयान यह विवाद संभल से जुड़े उस मामले में आया है, जहां संभल पुलिस अधिकारी कुलदीप कुमार ने 12 मार्च को शांति समिति की बैठक में साफ कह दिया था कि सार्वजनिक सड़कों पर नमाज़ की अनुमति नहीं दी जाएगी और ऐसा करने पर जेल भेजा जा सकता है. दूसरी तरफ इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इसी मामले में UP अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अगर SSP और कलेक्टर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में असमर्थ हैं तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए या संभल से ट्रांसफर मांग लेना चाहिए. ईद से पहले उठे इस विवाद ने देशभर में सड़क पर नमाज को लेकर चल रही बहस को और तेज कर दिया है. अदालत, प्रशासन और सामाजिक मंच तीनों मोर्चों पर यह मुद्दा अब गर्म है. मुस्लिम स्कॉलर सैयद अयूब के बयान को गैर-ज़रूरी बता रहे हैं. उनका कहना है कि इस तरह के बयान से केवल समुदाय का नुकसान होता है और अयूब ने यह बयान खुद को विवाद में लाकर मशहूर होने की रणनीति के तौर पर दिया है.
ईद से ठीक पहले हैदराबाद के एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने अपने कथित आपत्तिजनक बयान से माहौल में सांप्रदायिक जहर घोलने का काम किया है. एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह मुसलमानों को उकसाने पर आमादा कर रहा है और देशभर में सड़कों पर नमाज़ पढ़ने का आह्वान कर रहा है. इस संबंध में उसने यूपी प्रशासन को खुली चुनौती भी दी है.
Hyderabad Youth Courage (HYC) के संस्थापक सैयद अयूब ने 15 मार्च की रात यह वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह कह रहे हैं, सिर्फ संभल में नहीं, पूरे हिंदुस्तान में सड़क पर नमाज अदा की जाएगी इंशाल्लाह. वीडियो में अयूब ने UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और योगी सरकार पर मुसलमानों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया.
इंस्टाग्राम पर करीब 20 लाख फॉलोअर्स वाले अयूब ने कहा कि अगर ईदगाह भर जाएं तो मुसलमान सड़कों पर नमाज पढ़ेंगे और जेल या केस की धमकियों से वे डरने वाले नहीं हैं. वीडियो में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सड़कों पर होली मनाई जाती है, लड़ाई-झगड़े होते हैं, तब किसी को तकलीफ नहीं होती, लेकिन नमाज पर एतराज़ जताया जाता है. अंत में उन्होंने संवैधानिक अधिकारों का हवाला देते हुए कहा, 'इस हिंदुस्तान में जितना हक तुम्हारा है, उतना हक मेरा है.'
संभल पुलिस अधिकारी कुलदीप कुमार का बयान
यह विवाद संभल से जुड़े उस मामले में आया है, जहां संभल पुलिस अधिकारी कुलदीप कुमार ने 12 मार्च को शांति समिति की बैठक में साफ कह दिया था कि सार्वजनिक सड़कों पर नमाज़ की अनुमति नहीं दी जाएगी और ऐसा करने पर जेल भेजा जा सकता है. दूसरी तरफ इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इसी मामले में UP अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अगर SSP और कलेक्टर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में असमर्थ हैं तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए या संभल से ट्रांसफर मांग लेना चाहिए. ईद से पहले उठे इस विवाद ने देशभर में सड़क पर नमाज को लेकर चल रही बहस को और तेज कर दिया है. अदालत, प्रशासन और सामाजिक मंच तीनों मोर्चों पर यह मुद्दा अब गर्म है.
मुस्लिम स्कॉलर सैयद अयूब के बयान को गैर-ज़रूरी बता रहे हैं. उनका कहना है कि इस तरह के बयान से केवल समुदाय का नुकसान होता है और अयूब ने यह बयान खुद को विवाद में लाकर मशहूर होने की रणनीति के तौर पर दिया है.
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