CJP की कुंडली में छिपा है कौन सा बड़ा राज? 2 जून से पलटने जा रही है पूरी बाजी
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) इस वक्त भारत का सबसे चर्चित नाम बन गया है. 16 मई 2026 को जन्मी इस पार्टी के Instagram पर BJP से भी अधिक 1.23 करोड़ फॉलोअर्स हैं, X अकाउंट भारत में बंद है और 6 लाख से अधिक लोग सदस्य बन चुके हैं. और अब 2 जून 2026 को देवगुरु बृहस्पति का कर्क राशि में महागोचर होने वाला है जो इस पार्टी के भविष्य को सीधे प्रभावित करेगा. यहां उन सभी सवालों के जवाब ज्योतिष के माध्यम से दिए जा रहे हैं जो सोशल मीडिया और न्यूज में सबसे अधिक पूछे जा रहे हैं. यह भी पढ़ें- मैं भी कॉकरोच' आंदोलन: क्या कहती है इस डिजिटल पार्टी की कुंडली? क्या 2029 में सरकार के लिए बनेगी चुनौती सवाल 1: CJP का X अकाउंट क्यों बंद हुआ? 21 मई 2026 को @CJP_2029 का X अकाउंट भारत में withheld in response to a legal demand संदेश के साथ बंद हो गया. CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि अकाउंट बंद होने से पहले उसे हैक करने की भी कोशिश हुई और यह सरकार की आलोचनात्मक आवाजों को दबाने की कोशिश है. IT Act 2000 की धारा 69A के तहत भारत सरकार X को किसी भी अकाउंट को बिना सार्वजनिक कारण बताए बंद करने का आदेश दे सकती है. Withheld का अर्थ है कि अकाउंट भारत में नहीं दिखेगा लेकिन बाकी दुनिया में अब भी सक्रिय है. यह पूर्ण प्रतिबंध नहीं है. CJP की कुंडली में अभी सूर्य महादशा और राहु अंतरदशा चल रही है. कुंडली में इस अंतरदशा से साफ संकेत मिलते हैं कि इस पार्टी पर कोई झूठा आरोप लगा सकता है, बदनामी हो सकती है और विरोधी आप पर हावी रहेंगे. यह अकाउंट बंद होने की घटना उसी का परिणाम है. राहु यहां अचानक होने वाली कार्रवाई की तरफ भी इशारा कर रहा है, आने वाले दिनों में भी इस तरह की घटनाएं घटित हो सकती हैं. सवाल 2: CJP की कुंडली में क्या खास है? क्या यह सच में असाधारण पार्टी है? CJP का जन्म 16 मई 2026, रात 23:37 बजे, नई दिल्ली में हुआ. जन्म अमावस्या तिथि, नाग करण और शोभन योग में हुआ. लग्न मकर, राशि वृषभ और नक्षत्र कृत्तिका का दूसरा पद है. कुंडली में तीन योग इसे असाधारण बनाते हैं: पहला बुध-आदित्य योग: पंचम भाव में बुध और सूर्य एक साथ, जो संचार की वह शक्ति देता है जिसकी वजह से केवल 59 पोस्ट में 1.23 करोड़ फॉलोअर्स जुड़े. दूसरा मंगल की स्व-राशि स्थिति: साहस, जनांदोलन और व्यवस्था को चुनौती देने की ऊर्जा. तीसरा कालसर्प दोष का पूर्ण अभाव: यानी बाधाएं कितनी भी आएं, इस आंदोलन का अस्तित्व नहीं मिटेगा. वृषभ राशि में उच्च का चंद्रमा जनमानस से गहरे जुड़ाव का संकेत है. BJP के 87 लाख की तुलना में CJP के 1.23 करोड़ Instagram फॉलोअर्स इसी का प्रमाण हैं. सवाल 3: 2 जून को गुरु का गोचर CJP के लिए क्यों महत्वपूर्ण है? यह समझना जरूरी है कि गुरु अभी तक कहां थे और 2 जून को कहां जाएंगे. CJP की मकर लग्न कुंडली में मिथुन राशि षष्ठ भाव बनती है. ये शत्रु, कानूनी विवाद और बाधाओं का भाव भी कहलाता है. जन्म के समय से ही गुरु इसी षष्ठ भाव में थे. इसी कारण जन्म के पांच दिन में कानूनी दबाव, अकाउंट बंद और सरकारी बाधाएं आईं. 2 जून को गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करेंगे जो मकर लग्न से सप्तम भाव है. जो साझेदारी, गठबंधन और जनसंपर्क का भाव है. इसके साथ ही उच्च का गुरु कर्क से मकर पर सातवीं और पूर्ण दृष्टि डालेगा जो सीधे CJP के लग्न पर पड़ेगी. यह संयोग 12 साल में एक बार बनता है. सवाल 4: 2 जून के बाद CJP में क्या-क्या बदलाव आएंगे? पहला बदलाव - कानूनी बाधाओं में ढील, षष्ठ भाव का गुरु जाते ही शत्रु भाव कमजोर पड़ता है. X अकाउंट बहाली की कोशिशों को जून के बाद अनुकूल परिस्थितियां मिलेंगी. हालांकि यह निश्चित नहीं है लेकिन ग्रहीय स्थिति इसके पक्ष में होगी. दूसरा बदलाव - उच्च गुरु की दृष्टि लग्न पर पड़ने से नेतृत्व में स्पष्टता आएगी. जो पार्टी अब तक सोशल मीडिया के आवेग पर चल रही थी वह एक संगठनात्मक ढांचे की ओर बढ़ेगी. तीसरा बदलाव - सप्तम भाव में गुरु का अर्थ है कि बड़े विपक्षी नेता जो अब तक CJP से दूरी बनाए थे वे जून के बाद करीब आने लगेंगे. अभिजीत दीपके पहले ही कह चुके हैं कि वे किसी स्थापित दल का समर्थन नहीं चाहते, लेकिन कुंडली बताती है कि संयुक्त मंच की बातचीत अवश्य होगी. चौथा बदलाव - अंकज्योतिष के अनुसार जुलाई-अगस्त इस CJP के लिए शुभतम महीने हैं. इन्हीं महीनों में उच्च का गुरु भी सक्रिय रहेगा. दोनों संकेत एक ही दिशा में हैं. पहला बड़ा राजनीतिक कदम, चाहे अधिवेशन हो, press conference हो या चुनाव आयोग में रजिस्ट्रेशन की शुरुआत सब इसी काल में होने की संभावना सर्वाधिक है. सवाल 5: क्या CJP 2029 का चुनाव लड़ेगी? कॉकरोच चुनाव चिह्न मिलेगा? अभिजीत दीपके ने खुद कहा है कि 2029 के चुनाव में CJP उम्मीदवार उतारना चाहती है. चुनाव लड़ने के लिए पहले चुनाव आयोग में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29A के तहत पंजीकरण जरूरी है. चुनाव चिह्न के बारे में, चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार नए पशु-आधारित प्रतीक की अनुमति नहीं है इसलिए कॉकरोच का चुनाव चिह्न मिलना कठिन है. CJP ने मोबाइल फोन के चिह्न की मांग की है जो उपलब्ध चिह्नों की सूची में है. कुंडली में 2028-29 में बुध अंतरदशा नए उद्यम में निश्चित सफलता, नाम को नई पहचान मिलेगी. यह चुनावी मैदान में उतरने का संकेत है. बिहार उपचुनाव पहली व्यावहारिक परीक्षा होगी. सवाल 6: सबसे कठिन समय कब आएगा? क्या CJP टिकेगी? साढ़े साती का उदय चरण 3 जून 2027 से 7 अगस्त 2029 तक रहेगा. इस पूरे काल में सरकारी दबाव चरम पर होगा, आंतरिक मतभेद उभरेंगे, आर्थिक संकट आएगा और चरित्र-हनन की कोशिशें होंगी. इस काल में इस पार्टी को सबसे खराब दौर से गुजरना पड़ सकता है. शनि साढ़े साती का शिखर चरण 8 अगस्त 2029 से 5 अक्टूबर 2029 तक होगा. यह सबसे कठिन दौर होगा. 2029 के आम चुनाव इसी साढ़े साती के बीच होंगे. यह CJP की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा होगी. लेकिन कालसर्प दोष का अभाव यह सुन
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) इस वक्त भारत का सबसे चर्चित नाम बन गया है. 16 मई 2026 को जन्मी इस पार्टी के Instagram पर BJP से भी अधिक 1.23 करोड़ फॉलोअर्स हैं, X अकाउंट भारत में बंद है और 6 लाख से अधिक लोग सदस्य बन चुके हैं.
और अब 2 जून 2026 को देवगुरु बृहस्पति का कर्क राशि में महागोचर होने वाला है जो इस पार्टी के भविष्य को सीधे प्रभावित करेगा. यहां उन सभी सवालों के जवाब ज्योतिष के माध्यम से दिए जा रहे हैं जो सोशल मीडिया और न्यूज में सबसे अधिक पूछे जा रहे हैं.
यह भी पढ़ें- मैं भी कॉकरोच' आंदोलन: क्या कहती है इस डिजिटल पार्टी की कुंडली? क्या 2029 में सरकार के लिए बनेगी चुनौती
सवाल 1: CJP का X अकाउंट क्यों बंद हुआ?
21 मई 2026 को @CJP_2029 का X अकाउंट भारत में withheld in response to a legal demand संदेश के साथ बंद हो गया. CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि अकाउंट बंद होने से पहले उसे हैक करने की भी कोशिश हुई और यह सरकार की आलोचनात्मक आवाजों को दबाने की कोशिश है.
IT Act 2000 की धारा 69A के तहत भारत सरकार X को किसी भी अकाउंट को बिना सार्वजनिक कारण बताए बंद करने का आदेश दे सकती है. Withheld का अर्थ है कि अकाउंट भारत में नहीं दिखेगा लेकिन बाकी दुनिया में अब भी सक्रिय है. यह पूर्ण प्रतिबंध नहीं है.
CJP की कुंडली में अभी सूर्य महादशा और राहु अंतरदशा चल रही है. कुंडली में इस अंतरदशा से साफ संकेत मिलते हैं कि इस पार्टी पर कोई झूठा आरोप लगा सकता है, बदनामी हो सकती है और विरोधी आप पर हावी रहेंगे. यह अकाउंट बंद होने की घटना उसी का परिणाम है. राहु यहां अचानक होने वाली कार्रवाई की तरफ भी इशारा कर रहा है, आने वाले दिनों में भी इस तरह की घटनाएं घटित हो सकती हैं.
सवाल 2: CJP की कुंडली में क्या खास है? क्या यह सच में असाधारण पार्टी है?
CJP का जन्म 16 मई 2026, रात 23:37 बजे, नई दिल्ली में हुआ. जन्म अमावस्या तिथि, नाग करण और शोभन योग में हुआ. लग्न मकर, राशि वृषभ और नक्षत्र कृत्तिका का दूसरा पद है.
कुंडली में तीन योग इसे असाधारण बनाते हैं:
- पहला बुध-आदित्य योग: पंचम भाव में बुध और सूर्य एक साथ, जो संचार की वह शक्ति देता है जिसकी वजह से केवल 59 पोस्ट में 1.23 करोड़ फॉलोअर्स जुड़े.
- दूसरा मंगल की स्व-राशि स्थिति: साहस, जनांदोलन और व्यवस्था को चुनौती देने की ऊर्जा.
- तीसरा कालसर्प दोष का पूर्ण अभाव: यानी बाधाएं कितनी भी आएं, इस आंदोलन का अस्तित्व नहीं मिटेगा.
वृषभ राशि में उच्च का चंद्रमा जनमानस से गहरे जुड़ाव का संकेत है. BJP के 87 लाख की तुलना में CJP के 1.23 करोड़ Instagram फॉलोअर्स इसी का प्रमाण हैं.
सवाल 3: 2 जून को गुरु का गोचर CJP के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह समझना जरूरी है कि गुरु अभी तक कहां थे और 2 जून को कहां जाएंगे. CJP की मकर लग्न कुंडली में मिथुन राशि षष्ठ भाव बनती है. ये शत्रु, कानूनी विवाद और बाधाओं का भाव भी कहलाता है. जन्म के समय से ही गुरु इसी षष्ठ भाव में थे. इसी कारण जन्म के पांच दिन में कानूनी दबाव, अकाउंट बंद और सरकारी बाधाएं आईं.
2 जून को गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करेंगे जो मकर लग्न से सप्तम भाव है. जो साझेदारी, गठबंधन और जनसंपर्क का भाव है. इसके साथ ही उच्च का गुरु कर्क से मकर पर सातवीं और पूर्ण दृष्टि डालेगा जो सीधे CJP के लग्न पर पड़ेगी. यह संयोग 12 साल में एक बार बनता है.
सवाल 4: 2 जून के बाद CJP में क्या-क्या बदलाव आएंगे?
- पहला बदलाव - कानूनी बाधाओं में ढील, षष्ठ भाव का गुरु जाते ही शत्रु भाव कमजोर पड़ता है. X अकाउंट बहाली की कोशिशों को जून के बाद अनुकूल परिस्थितियां मिलेंगी. हालांकि यह निश्चित नहीं है लेकिन ग्रहीय स्थिति इसके पक्ष में होगी.
- दूसरा बदलाव - उच्च गुरु की दृष्टि लग्न पर पड़ने से नेतृत्व में स्पष्टता आएगी. जो पार्टी अब तक सोशल मीडिया के आवेग पर चल रही थी वह एक संगठनात्मक ढांचे की ओर बढ़ेगी.
- तीसरा बदलाव - सप्तम भाव में गुरु का अर्थ है कि बड़े विपक्षी नेता जो अब तक CJP से दूरी बनाए थे वे जून के बाद करीब आने लगेंगे. अभिजीत दीपके पहले ही कह चुके हैं कि वे किसी स्थापित दल का समर्थन नहीं चाहते, लेकिन कुंडली बताती है कि संयुक्त मंच की बातचीत अवश्य होगी.
- चौथा बदलाव - अंकज्योतिष के अनुसार जुलाई-अगस्त इस CJP के लिए शुभतम महीने हैं. इन्हीं महीनों में उच्च का गुरु भी सक्रिय रहेगा. दोनों संकेत एक ही दिशा में हैं. पहला बड़ा राजनीतिक कदम, चाहे अधिवेशन हो, press conference हो या चुनाव आयोग में रजिस्ट्रेशन की शुरुआत सब इसी काल में होने की संभावना सर्वाधिक है.
सवाल 5: क्या CJP 2029 का चुनाव लड़ेगी? कॉकरोच चुनाव चिह्न मिलेगा?
अभिजीत दीपके ने खुद कहा है कि 2029 के चुनाव में CJP उम्मीदवार उतारना चाहती है. चुनाव लड़ने के लिए पहले चुनाव आयोग में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29A के तहत पंजीकरण जरूरी है. चुनाव चिह्न के बारे में, चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार नए पशु-आधारित प्रतीक की अनुमति नहीं है इसलिए कॉकरोच का चुनाव चिह्न मिलना कठिन है. CJP ने मोबाइल फोन के चिह्न की मांग की है जो उपलब्ध चिह्नों की सूची में है.
कुंडली में 2028-29 में बुध अंतरदशा नए उद्यम में निश्चित सफलता, नाम को नई पहचान मिलेगी. यह चुनावी मैदान में उतरने का संकेत है. बिहार उपचुनाव पहली व्यावहारिक परीक्षा होगी.
सवाल 6: सबसे कठिन समय कब आएगा? क्या CJP टिकेगी?
साढ़े साती का उदय चरण 3 जून 2027 से 7 अगस्त 2029 तक रहेगा. इस पूरे काल में सरकारी दबाव चरम पर होगा, आंतरिक मतभेद उभरेंगे, आर्थिक संकट आएगा और चरित्र-हनन की कोशिशें होंगी. इस काल में इस पार्टी को सबसे खराब दौर से गुजरना पड़ सकता है.
शनि साढ़े साती का शिखर चरण 8 अगस्त 2029 से 5 अक्टूबर 2029 तक होगा. यह सबसे कठिन दौर होगा. 2029 के आम चुनाव इसी साढ़े साती के बीच होंगे. यह CJP की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा होगी.
लेकिन कालसर्प दोष का अभाव यह सुनिश्चित करता है कि पार्टी का अस्तित्व नहीं मिटेगा. जो पार्टी इस दौर को पार कर ले, उसके लिए 2030 से 2040 का दशक, चंद्रमा महादशा इस पार्टी के लिए स्वर्णकाल साबित हो सकता है.
सवाल 7: Gen-Z पर इसका असर कितने समय तक रहेगा?
वृषभ राशि में उच्च चंद्रमा जनमानस से गहरे और दीर्घकालिक जुड़ाव का संकेत है. यह कोई 15 दिन का ट्रेंड नहीं है. CJI को रिटायरमेंट के बाद राज्यसभा नहीं, वोट काटने पर चुनाव आयोग को UAPA, दल-बदलू नेताओं पर 20 साल का प्रतिबंध, महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण. यह एजेंडा Gen-Z की भाषा में है. बेरोजगारी, असमानता और व्यवस्था से असंतोष जब तक रहेगा, यह आंदोलन प्रासंगिक रहेगा. 2 जून का गुरु गोचर इस जुड़ाव को और स्थायी रूप देगा.
सवाल 8: वर्तमान सरकार के लिए यह कितना बड़ा खतरा है?
अभी मई 2026 में तत्काल खतरा सीमित है. एक सोशल मीडिया आंदोलन चुनावी राजनीति में तब्दील होने में समय लेता है. लेकिन 2028-29 तक CJP यदि चुनाव आयोग में पंजीकृत हो जाती है और बुध अंतरदशा के प्रभाव में संगठन खड़ा कर लेती है, तो यह BJP के युवा वोट बैंक में सेंध लगाने में सक्षम होगी.
सरकार ने पांच दिन पुरानी व्यंग्यात्मक पार्टी का अकाउंट बंद कराकर यह संकेत दे दिया है कि वह इसे गंभीरता से ले रही है. षष्ठ भाव का गुरु रोक रहा था. सप्तम भाव का उच्च गुरु जो सीधे मकर लग्न पर दृष्टि डालेगा जो 2 जून से दरवाजे खोलेगा. यह मौका 12 साल में एक बार आता है.
जून से अक्टूबर 2026 के पांच महीने CJP के लिए वह समय है जब वह सोशल मीडिया आंदोलन से वास्तविक राजनीतिक दल बनने की नींव रख सकती है. यदि यह मौका चूक गया तो 2027 की साढ़े साती इस पार्टी को तोड़ देगी.
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