CBSE 12th Result 2026: अब हाथों से चेक हो रहीं CBSE 12वीं की कॉपियां, जानें कब तक आएगा रिजल्ट?
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं की परीक्षा दे चुके करीब 18 लाख छात्र-छात्राओं की धड़कनें तेज हैं. हर कोई एक ही सवाल पूछ रहा है कि रिजल्ट कब आएगा? पहले कयास लगाए जा रहे थे कि नतीजे इसी हफ्ते आ सकते हैं, लेकिन अंदरुनी खबरों ने अब नया मोड़ ले लिया है. ताजा जानकारी के मुताबिक, कॉपियों के मूल्यांकन में बोर्ड कुछ तकनीकी अड़चनों का सामना कर रहा है, जिसके कारण रिजल्ट में थोड़ी देरी होने की आशंका है. OSM के इस्तेमाल में आईं चुनौतियां बता दें कि CBSE ने इस साल मूल्यांकन प्रक्रिया को हाई-टेक बनाने के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लागू किया. इस सिस्टम के तहत कॉपियों को स्कैन करके डिजिटल रूप में कंप्यूटर पर चेक किया जाना था. बोर्ड का मानना था कि इससे गलतियां कम होंगी और रिजल्ट जल्दी तैयार होगा. सूत्रों के मुताबिक, यह प्रक्रिया बोर्ड के लिए सिरदर्द बन गई है. सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि OSM के कारण कॉपी जांचने का काम काफी धीमा हो गया है. सॉफ्टवेयर में कॉपियों को लोड करने और उन्हें चेक करने के दौरान कई तकनीकी गलतियां भी सामने आ रही हैं. इसी वजह से जो काम तेजी से होना चाहिए था, उसमें रुकावट आ रही है. क्यों शुरू हुई हाथ से कॉपी जांचने की प्रक्रिया? हैरानी की बात यह है कि 'डिजिटल इंडिया' के दौर में अब कॉपियों को दोबारा मैनुअली (हाथ से) जांचने की नौबत आ गई है. एबीपी न्यूज के सूत्रों के मुताबिक, उत्तर पूर्वी दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में सोमवार (11 मई) सुबह करीब 800 ऐसी आंसर शीट्स पहुंचीं, जिन्हें डिजिटल सिस्टम में स्कैन नहीं किया जा सका. इन कॉपियों में मुख्य रूप से अंग्रेजी और इकोनॉमिक्स (अर्थशास्त्र) जैसे विषय शामिल हैं. तकनीकी खराबी के कारण इन्हें कंप्यूटर पर नहीं दिखाया जा सका, इसलिए अब शिक्षकों को पुराने तरीके से कलम-कागज लेकर इन्हें जांचना पड़ रहा है. दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट बना विलेन OSM फेल होने की बड़ी वजह कनेक्टिविटी भी है. जानकारी के अनुसार, जो परीक्षा केंद्र दूरदराज के इलाकों या गांवों में हैं, वहां इंटरनेट की स्पीड बहुत कम है. कई बार कोशिश करने के बाद भी कॉपियां स्कैन होकर सर्वर पर अपलोड नहीं हो पाईं. मूल्यांकन की गति को बनाए रखने के लिए बोर्ड के पास इन कॉपियों को मैनुअली चेक कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है. 15 मई के बाद आ सकता है रिजल्ट CBSE के अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर कोई तारीख नहीं बताई है, लेकिन हेड एग्जामिनर (HE) और सहायक हेड एग्जामिनर (AHE) का मानना है कि इन अड़चनों की वजह से रिजल्ट की तारीख आगे बढ़ सकती है. पहले माना जा रहा था कि नतीजे 10 से 15 मई के बीच आ जाएंगे, लेकिन अब सूत्रों का कहना है कि रिजल्ट 15 मई से 20 मई के बीच जारी होने का अनुमान है. हालांकि, बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश मूल्यांकन पूरा हो चुका है और अब केवल अंतिम चरण की प्रोसेसिंग बाकी है. बोर्ड ने किया विशेष टीमों का गठन देरी को कम करने के लिए CBSE ने अब 'युद्ध स्तर' पर काम शुरू कर दिया है. रुकी हुई कॉपियों को तेजी से निपटाने के लिए पांच स्पेशल टीमें बनाई गई हैं. हर टीम में तीन अनुभवी शिक्षक रखे गए हैं, जो दिन-रात एक करके मैनुअल चेकिंग का काम पूरा कर रहे हैं. बोर्ड की कोशिश है कि इस हफ्ते के अंत तक डेटा पूरी तरह फ्रीज कर दिया जाए. डिजिलॉकर और आधिकारिक वेबसाइट पर रखें नजर बीते दिनों डिजिलॉकर (DigiLocker) ऐप पर भी नतीजों को लेकर अपडेट जारी किया गया था, जिससे छात्रों के बीच हलचल बढ़ गई थी. दरअसल, रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र अपनी डिजिटल मार्कशीट डिजीलॉकर से ही डाउनलोड कर पाएंगे. इसके अलावा CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर भी लिंक एक्टिव हो जाएगा. ये भी पढ़ें: लाखों स्टूडेंट्स जल्द खत्म होगा इंतजार, CBSE 12वीं क्लास का रिजल्ट जल्द; ऐसे करें आसानी से चेक
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं की परीक्षा दे चुके करीब 18 लाख छात्र-छात्राओं की धड़कनें तेज हैं. हर कोई एक ही सवाल पूछ रहा है कि रिजल्ट कब आएगा? पहले कयास लगाए जा रहे थे कि नतीजे इसी हफ्ते आ सकते हैं, लेकिन अंदरुनी खबरों ने अब नया मोड़ ले लिया है. ताजा जानकारी के मुताबिक, कॉपियों के मूल्यांकन में बोर्ड कुछ तकनीकी अड़चनों का सामना कर रहा है, जिसके कारण रिजल्ट में थोड़ी देरी होने की आशंका है.
OSM के इस्तेमाल में आईं चुनौतियां
बता दें कि CBSE ने इस साल मूल्यांकन प्रक्रिया को हाई-टेक बनाने के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लागू किया. इस सिस्टम के तहत कॉपियों को स्कैन करके डिजिटल रूप में कंप्यूटर पर चेक किया जाना था. बोर्ड का मानना था कि इससे गलतियां कम होंगी और रिजल्ट जल्दी तैयार होगा. सूत्रों के मुताबिक, यह प्रक्रिया बोर्ड के लिए सिरदर्द बन गई है. सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि OSM के कारण कॉपी जांचने का काम काफी धीमा हो गया है. सॉफ्टवेयर में कॉपियों को लोड करने और उन्हें चेक करने के दौरान कई तकनीकी गलतियां भी सामने आ रही हैं. इसी वजह से जो काम तेजी से होना चाहिए था, उसमें रुकावट आ रही है.
क्यों शुरू हुई हाथ से कॉपी जांचने की प्रक्रिया?
हैरानी की बात यह है कि 'डिजिटल इंडिया' के दौर में अब कॉपियों को दोबारा मैनुअली (हाथ से) जांचने की नौबत आ गई है. एबीपी न्यूज के सूत्रों के मुताबिक, उत्तर पूर्वी दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में सोमवार (11 मई) सुबह करीब 800 ऐसी आंसर शीट्स पहुंचीं, जिन्हें डिजिटल सिस्टम में स्कैन नहीं किया जा सका. इन कॉपियों में मुख्य रूप से अंग्रेजी और इकोनॉमिक्स (अर्थशास्त्र) जैसे विषय शामिल हैं. तकनीकी खराबी के कारण इन्हें कंप्यूटर पर नहीं दिखाया जा सका, इसलिए अब शिक्षकों को पुराने तरीके से कलम-कागज लेकर इन्हें जांचना पड़ रहा है.
दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट बना विलेन
OSM फेल होने की बड़ी वजह कनेक्टिविटी भी है. जानकारी के अनुसार, जो परीक्षा केंद्र दूरदराज के इलाकों या गांवों में हैं, वहां इंटरनेट की स्पीड बहुत कम है. कई बार कोशिश करने के बाद भी कॉपियां स्कैन होकर सर्वर पर अपलोड नहीं हो पाईं. मूल्यांकन की गति को बनाए रखने के लिए बोर्ड के पास इन कॉपियों को मैनुअली चेक कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.
15 मई के बाद आ सकता है रिजल्ट
CBSE के अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर कोई तारीख नहीं बताई है, लेकिन हेड एग्जामिनर (HE) और सहायक हेड एग्जामिनर (AHE) का मानना है कि इन अड़चनों की वजह से रिजल्ट की तारीख आगे बढ़ सकती है. पहले माना जा रहा था कि नतीजे 10 से 15 मई के बीच आ जाएंगे, लेकिन अब सूत्रों का कहना है कि रिजल्ट 15 मई से 20 मई के बीच जारी होने का अनुमान है. हालांकि, बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश मूल्यांकन पूरा हो चुका है और अब केवल अंतिम चरण की प्रोसेसिंग बाकी है.
बोर्ड ने किया विशेष टीमों का गठन
देरी को कम करने के लिए CBSE ने अब 'युद्ध स्तर' पर काम शुरू कर दिया है. रुकी हुई कॉपियों को तेजी से निपटाने के लिए पांच स्पेशल टीमें बनाई गई हैं. हर टीम में तीन अनुभवी शिक्षक रखे गए हैं, जो दिन-रात एक करके मैनुअल चेकिंग का काम पूरा कर रहे हैं. बोर्ड की कोशिश है कि इस हफ्ते के अंत तक डेटा पूरी तरह फ्रीज कर दिया जाए.
डिजिलॉकर और आधिकारिक वेबसाइट पर रखें नजर
बीते दिनों डिजिलॉकर (DigiLocker) ऐप पर भी नतीजों को लेकर अपडेट जारी किया गया था, जिससे छात्रों के बीच हलचल बढ़ गई थी. दरअसल, रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र अपनी डिजिटल मार्कशीट डिजीलॉकर से ही डाउनलोड कर पाएंगे. इसके अलावा CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर भी लिंक एक्टिव हो जाएगा.
ये भी पढ़ें: लाखों स्टूडेंट्स जल्द खत्म होगा इंतजार, CBSE 12वीं क्लास का रिजल्ट जल्द; ऐसे करें आसानी से चेक
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