Budh Gochar 2026: कुंभ में बुध का प्रवेश लाएगा महा-क्रांति या महा-विनाश?

Budh Gochar 2026: मेदिनी ज्योतिष में बुध को 'राजदूत' और 'व्यापारी' माना गया है. जब यह शनि की स्थिर और वैज्ञानिक राशि कुंभ में आता है, तो दुनिया की बुद्धि व्यक्तिगत स्वार्थ से हटकर 'सामूहिक क्रांति' की ओर मुड़ जाती है. इस बार का गोचर इसलिए असाधारण है क्योंकि कुंभ राशि में पहले से मौजूद शनि, सूर्य और प्लूटो की ऊर्जा बुध के साथ मिलकर एक ऐसा 'दबाव कक्ष' (Pressure Chamber) बना रही है, जहां से पुरानी व्यवस्थाएं टूटकर नई व्यवस्थाएं जन्म लेंगी. भू-राजनीति (Geopolitics): महाशक्तियों के बीच 'नया शीत युद्ध' कुंभ राशि वैश्विक नेटवर्क की राशि है. बुध का यहां शनि के साथ प्रभाव दुनिया के नक्शे पर शक्ति के केंद्र को बदलने का संकेत दे रहा है- अमेरिका (USA): अमेरिका की कुंडली में यह गोचर उनके 'तकनीकी एकाधिकार' को चुनौती देगा. अमेरिका अपनी साइबर सुरक्षा नीतियों को इतना कठोर कर देगा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संबंधों में तनाव आ सकता है. वहां की बड़ी टेक कंपनियों पर सरकारी जांच और नए कानूनों का शिकंजा कसेगा. चीन और रूस: मेदिनी दृष्टि से कुंभ का बुध चीन को 'स्पेस टेक्नोलॉजी' और 'डिजिटल वारफेयर' में बढ़त देगा. फरवरी 2026 में सीमा पर तनाव से ज्यादा खबरें 'सैटेलाइट हैकिंग' या 'डेटा लीक' की आएंगी. रूस और यूरोप के बीच गैस और तेल के बजाय अब 'डेटा और सूचना' के आदान-प्रदान पर विवाद गहराएगा. भारत का वैश्विक उदय: भारत की कुंडली (वृषभ लग्न) के लिए बुध का कुंभ गोचर दशम भाव (राज्य और कर्म) में हो रहा है. भारत इस समय दुनिया का 'डिजिटल मध्यस्थ' बनकर उभरेगा. भारत की फिनटेक नीतियां और UPI जैसे नेटवर्क वैश्विक स्तर पर मानक (Standard) बनेंगे, जिससे वैश्विक मंच पर भारत का कद और बढ़ेगा. शेयर बाजार बाजार के लिए फरवरी 2026 'अत्यधिक अस्थिरता' का महीना होगा. बुध के कुंभ में आने से निवेशक 'तर्क' से ज्यादा 'तकनीक' और 'अफवाहों' पर प्रतिक्रिया कर सकते हैं. जिस कारण से कुछ क्षेत्र अधिक प्रभावित हो सकते हैं- बैंकिंग और फिनटेक (The Digital Rupture) परंपरागत बैंकिंग मॉडल पर संकट के बादल मंडरा सकते हैं. दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपनी डिजिटल करेंसी (CBDC) को लेकर ऐसी घोषणाएं करेंगे जो कैश (नकद) की अहमियत को कम कर देंगी. बैंकिंग शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव दिखेगा. जो बैंक तकनीक में पीछे हैं, उनके शेयरों में बड़ी गिरावट आ सकती है, जबकि ब्लॉकचेन आधारित स्टार्टअप्स में निवेश का सैलाब आने का संकेत मिल रहा है. आईटी, एआई और रोबोटिक्स (The AI Sovereignty) बुध का कुंभ में होना 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' के एक नए युग की शुरुआत है. फरवरी में कोई ऐसी एआई तकनीक सार्वजनिक होगी जो मानव श्रम के स्वरूप को पूरी तरह बदल देगी. सेमीकंडक्टर और एआई-सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में 'अतार्किक तेजी' (Irrational Exuberance) देखी जाएगी. निवेशक पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग को छोड़कर टेक-आधारित कंपनियों की ओर भागेंगे. शनि के प्रभाव से चिप और हार्डवेयर की वैश्विक आपूर्ति में बाधा आ सकती है. इससे ऑटोमोबाइल सेक्टर, विशेषकर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कंपनियों के उत्पादन पर असर पड़ेगा. बाजार पर पड़ने वाले प्रभाव की बात की जाए तो आपूर्ति में कमी के कारण इन कंपनियों के शेयरों में फरवरी के मध्य में 'करेक्शन' की प्रबल संभावना है. सूचना का विस्फोट! मेदिनी ज्योतिष में बुध को संचार का कारक माना गया है. कुंभ की वायु राशि में बुध सूचनाओं को जंगल की आग की तरह फैलाता है. इस गोचर के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सरकारों का नियंत्रण कमजोर होगा. 'डिजिटल आंदोलनों' के कारण कई देशों में राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो सकती है. फरवरी 2026 में इंटरनेट पर 'सेंसॉरशिप' और 'फ्री स्पीच' को लेकर वैश्विक बहस छिड सकती है. मुख्यधारा का मीडिया (Mainstream Media) अपनी प्रासंगिकता खोने लगेगा. डीपफेक और एआई जनित न्यूज़ इतनी प्रबल होंगी कि आम जनता के लिए सत्य और असत्य में अंतर करना मुश्किल होगा. यह 'सूचना-अराजकता' के कालखंड में प्रवेश का समय होगा. प्राकृतिक और पर्यावरणीय संकेत वायु राशि कुंभ में बुध और शनि की स्थिति मौसम में भी अप्रत्याशित बदलाव लाती है. फरवरी के दूसरे और तीसरे सप्ताह में तेज हवाएं, समुद्री तूफान या विमानन (Aviation) क्षेत्र में बड़ी तकनीकी बाधाएं आ सकती हैं. अंतरिक्ष मलवे (Space Debris) या उपग्रहों के टकराने जैसी घटनाएं वैश्विक संचार व्यवस्था को कुछ समय के लिए बाधित कर सकती हैं. भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक अवसर भारत के लिए 3 फरवरी, 2026 से अप्रैल तक का समय 'डिजिटल आत्मनिर्भरता' का है. शुरुआती फरवरी में बाज़ारों से पैसा निकल सकता है (Outflow), लेकिन तकनीकी क्षेत्र में भारत की मजबूती को देखते हुए विदेशी निवेशक फिर से बड़ी वापसी करेंगे ऐसे संकेत मिल रहे हैं. शिक्षा और युवा से जुड़े मामलों की बात करें तो भारत का युवा वर्ग नई स्किल्स और एआई-आधारित शिक्षा की ओर तेजी से बढ़ेगा, जिससे 'गिग इकोनॉमी' (Gig Economy) को बढ़ावा मिलेगा. कुंभ राशि में बुध का यह गोचर यह स्पष्ट कर देगा कि अब युद्ध टैंकों से नहीं, बल्कि 'टेराबाइट्स' (Data) से लड़ा जाएगा. जिस देश या कंपनी के पास सबसे उन्नत सूचना तंत्र होगा, वही इस 'ग्रेट रिसेट' के बाद दुनिया पर राज करेगा. सावधानी और सुझाव मेदिनी गणना के अनुसार, फरवरी 2026 में निवेश करते समय 'भीड़' का हिस्सा न बनें. बाजार में अफवाहें अपनी चरम सीमा पर होंगी. बुध-शनि की यह युति केवल उन्हीं को लाभ देगी जो 'डेटा' और 'तर्क' पर भरोसा करेंगे. यह गोचर पुरानी औद्योगिक व्यवस्था के अंत और एक पूर्णतः 'डिजिटल और पारदर्शी विश्व' के उदय का शंखनाद साबित हो सकता है. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित व

Feb 3, 2026 - 21:30
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Budh Gochar 2026: कुंभ में बुध का प्रवेश लाएगा महा-क्रांति या महा-विनाश?

Budh Gochar 2026: मेदिनी ज्योतिष में बुध को 'राजदूत' और 'व्यापारी' माना गया है. जब यह शनि की स्थिर और वैज्ञानिक राशि कुंभ में आता है, तो दुनिया की बुद्धि व्यक्तिगत स्वार्थ से हटकर 'सामूहिक क्रांति' की ओर मुड़ जाती है.

इस बार का गोचर इसलिए असाधारण है क्योंकि कुंभ राशि में पहले से मौजूद शनि, सूर्य और प्लूटो की ऊर्जा बुध के साथ मिलकर एक ऐसा 'दबाव कक्ष' (Pressure Chamber) बना रही है, जहां से पुरानी व्यवस्थाएं टूटकर नई व्यवस्थाएं जन्म लेंगी.

भू-राजनीति (Geopolitics): महाशक्तियों के बीच 'नया शीत युद्ध'

कुंभ राशि वैश्विक नेटवर्क की राशि है. बुध का यहां शनि के साथ प्रभाव दुनिया के नक्शे पर शक्ति के केंद्र को बदलने का संकेत दे रहा है-

  1. अमेरिका (USA): अमेरिका की कुंडली में यह गोचर उनके 'तकनीकी एकाधिकार' को चुनौती देगा. अमेरिका अपनी साइबर सुरक्षा नीतियों को इतना कठोर कर देगा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संबंधों में तनाव आ सकता है. वहां की बड़ी टेक कंपनियों पर सरकारी जांच और नए कानूनों का शिकंजा कसेगा.
  2. चीन और रूस: मेदिनी दृष्टि से कुंभ का बुध चीन को 'स्पेस टेक्नोलॉजी' और 'डिजिटल वारफेयर' में बढ़त देगा. फरवरी 2026 में सीमा पर तनाव से ज्यादा खबरें 'सैटेलाइट हैकिंग' या 'डेटा लीक' की आएंगी. रूस और यूरोप के बीच गैस और तेल के बजाय अब 'डेटा और सूचना' के आदान-प्रदान पर विवाद गहराएगा.
  3. भारत का वैश्विक उदय: भारत की कुंडली (वृषभ लग्न) के लिए बुध का कुंभ गोचर दशम भाव (राज्य और कर्म) में हो रहा है. भारत इस समय दुनिया का 'डिजिटल मध्यस्थ' बनकर उभरेगा. भारत की फिनटेक नीतियां और UPI जैसे नेटवर्क वैश्विक स्तर पर मानक (Standard) बनेंगे, जिससे वैश्विक मंच पर भारत का कद और बढ़ेगा.

शेयर बाजार

बाजार के लिए फरवरी 2026 'अत्यधिक अस्थिरता' का महीना होगा. बुध के कुंभ में आने से निवेशक 'तर्क' से ज्यादा 'तकनीक' और 'अफवाहों' पर प्रतिक्रिया कर सकते हैं. जिस कारण से कुछ क्षेत्र अधिक प्रभावित हो सकते हैं-

बैंकिंग और फिनटेक (The Digital Rupture)

परंपरागत बैंकिंग मॉडल पर संकट के बादल मंडरा सकते हैं. दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपनी डिजिटल करेंसी (CBDC) को लेकर ऐसी घोषणाएं करेंगे जो कैश (नकद) की अहमियत को कम कर देंगी.

बैंकिंग शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव दिखेगा. जो बैंक तकनीक में पीछे हैं, उनके शेयरों में बड़ी गिरावट आ सकती है, जबकि ब्लॉकचेन आधारित स्टार्टअप्स में निवेश का सैलाब आने का संकेत मिल रहा है.

आईटी, एआई और रोबोटिक्स (The AI Sovereignty)

बुध का कुंभ में होना 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' के एक नए युग की शुरुआत है. फरवरी में कोई ऐसी एआई तकनीक सार्वजनिक होगी जो मानव श्रम के स्वरूप को पूरी तरह बदल देगी.

सेमीकंडक्टर और एआई-सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में 'अतार्किक तेजी' (Irrational Exuberance) देखी जाएगी. निवेशक पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग को छोड़कर टेक-आधारित कंपनियों की ओर भागेंगे.

शनि के प्रभाव से चिप और हार्डवेयर की वैश्विक आपूर्ति में बाधा आ सकती है. इससे ऑटोमोबाइल सेक्टर, विशेषकर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कंपनियों के उत्पादन पर असर पड़ेगा.

बाजार पर पड़ने वाले प्रभाव की बात की जाए तो आपूर्ति में कमी के कारण इन कंपनियों के शेयरों में फरवरी के मध्य में 'करेक्शन' की प्रबल संभावना है.

सूचना का विस्फोट!

मेदिनी ज्योतिष में बुध को संचार का कारक माना गया है. कुंभ की वायु राशि में बुध सूचनाओं को जंगल की आग की तरह फैलाता है. इस गोचर के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सरकारों का नियंत्रण कमजोर होगा. 'डिजिटल आंदोलनों' के कारण कई देशों में राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो सकती है. फरवरी 2026 में इंटरनेट पर 'सेंसॉरशिप' और 'फ्री स्पीच' को लेकर वैश्विक बहस छिड सकती है.

मुख्यधारा का मीडिया (Mainstream Media) अपनी प्रासंगिकता खोने लगेगा. डीपफेक और एआई जनित न्यूज़ इतनी प्रबल होंगी कि आम जनता के लिए सत्य और असत्य में अंतर करना मुश्किल होगा. यह 'सूचना-अराजकता' के कालखंड में प्रवेश का समय होगा.

प्राकृतिक और पर्यावरणीय संकेत

वायु राशि कुंभ में बुध और शनि की स्थिति मौसम में भी अप्रत्याशित बदलाव लाती है. फरवरी के दूसरे और तीसरे सप्ताह में तेज हवाएं, समुद्री तूफान या विमानन (Aviation) क्षेत्र में बड़ी तकनीकी बाधाएं आ सकती हैं. अंतरिक्ष मलवे (Space Debris) या उपग्रहों के टकराने जैसी घटनाएं वैश्विक संचार व्यवस्था को कुछ समय के लिए बाधित कर सकती हैं.

भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक अवसर

भारत के लिए 3 फरवरी, 2026 से अप्रैल तक का समय 'डिजिटल आत्मनिर्भरता' का है. शुरुआती फरवरी में बाज़ारों से पैसा निकल सकता है (Outflow), लेकिन तकनीकी क्षेत्र में भारत की मजबूती को देखते हुए विदेशी निवेशक फिर से बड़ी वापसी करेंगे ऐसे संकेत मिल रहे हैं.

शिक्षा और युवा से जुड़े मामलों की बात करें तो भारत का युवा वर्ग नई स्किल्स और एआई-आधारित शिक्षा की ओर तेजी से बढ़ेगा, जिससे 'गिग इकोनॉमी' (Gig Economy) को बढ़ावा मिलेगा.

कुंभ राशि में बुध का यह गोचर यह स्पष्ट कर देगा कि अब युद्ध टैंकों से नहीं, बल्कि 'टेराबाइट्स' (Data) से लड़ा जाएगा. जिस देश या कंपनी के पास सबसे उन्नत सूचना तंत्र होगा, वही इस 'ग्रेट रिसेट' के बाद दुनिया पर राज करेगा.

सावधानी और सुझाव

मेदिनी गणना के अनुसार, फरवरी 2026 में निवेश करते समय 'भीड़' का हिस्सा न बनें. बाजार में अफवाहें अपनी चरम सीमा पर होंगी. बुध-शनि की यह युति केवल उन्हीं को लाभ देगी जो 'डेटा' और 'तर्क' पर भरोसा करेंगे. यह गोचर पुरानी औद्योगिक व्यवस्था के अंत और एक पूर्णतः 'डिजिटल और पारदर्शी विश्व' के उदय का शंखनाद साबित हो सकता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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