Budget 2026: 'वित्तमंत्री ने इकोनॉमिक सर्वे पढ़ा था कि नहीं...', बजट को लेकर कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कसा तंज

केंद्रीय बजट 2026-27 रविवार को पेश कर दिया गया है. अब इस पर विपक्षी नेताओं की लगातार प्रतिक्रिया आ रही है. इसे सिलसिले में एक नाम और जुड़ गया है. कांग्रेस सीनियर नेता और पूर्व वित्तमंत्री रहे पी चिदंबरम ने बजट की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के भाषण से अर्थशास्त्री, फाइनेंस के स्टूडेंट और टिप्पणीकार हैरान होंगे. क्योंकि बजट में इकॉनोमिक सर्वे में जाहिर की गई चिंताओं पर किसी तरह का जवाब नहीं दिया गया है. चिदंबरम ने पूछा सवाल- वित्तमंत्री ने आर्थिक सर्वे पढ़ा था कि नहीं? उन्होंने कहा कि वार्षिक बजट (Annual Budget) रेवेन्यू और एक्सपेंस से कई अधिक है. सरकार को प्रेशर डालने वाले आर्थिक मुद्दों से निपटने के लिए स्पष्ट खाका पेश किया जाना चाहिए. हैरानी जताते हुए उन्होंने कहा कि मुझे यकीन नहीं है, कि वित्तमंत्री ने आर्थिक सर्वे (Economic Survey 2026) पढ़ा था कि नहीं? अगर उन्होंने पढ़ा भी होगा, तो उन्होंने उसे पूरी तरह से नजरंदाज कर दिया है.  इन 10 आर्थिक चुनौतियों को नजरंदाज किया गया: चिदंबरम कांग्रेस नेता ने कहा कि सर्वे में बताई गई 10 आर्थिक चुनौतियों को नजरंदाज कर दिया है. इनमें कई अहम मुद्दे थे, जैसे- अमेरिकी टैरिफ से निर्माताओं और निर्यातकों के बीच तनाव, इन्वेस्टमेंट को लेकर वैश्विक व्यापार संघर्ष, चीन के साथ बढ़ता व्यापार घाटा, लो ग्रॉस फिक्सड कैपिटल फॉर्मेशन और निजी क्षेत्रों में निवेश का कमजोर होना, FDI के फ्लो में अनिश्चितता, FPI का लगातार आउटफ्लो, स्लो फिस्कल कंसोलिडेशन, FRBM में राजकोषीय और राजस्व घाटा, ऑफिशियल मुद्रास्फीति डेटा और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और परिवहन जैसे चीजों पर बढ़ते घरेलू खर्च, बड़ी संख्या में MSMEs का बंद होना और रोजगार की खराब स्थिति, इसके अलावा शहरी इलाकों में बिगड़ते बुनियादी ढांचे जैसे अहम मुद्दे शामिल थे. चिदंबरम ने कहा कि इनमें से किसी भी मुद्दे का समाधान नहीं किया गया है.  इसके अलावा उन्होंने कहा कि रेवेन्यू रिसिप्ट उम्मीद से 78,086 करोड़ काफी कम रही.  जबकि कुल खर्च में 1,44,376 करोड़ रुपए की कटौती की गई है. इसमें केंद्र और राज्यों दोनों की कटौती शामिल है. 

Feb 2, 2026 - 00:30
 0
Budget 2026: 'वित्तमंत्री ने इकोनॉमिक सर्वे पढ़ा था कि नहीं...', बजट को लेकर कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कसा तंज

केंद्रीय बजट 2026-27 रविवार को पेश कर दिया गया है. अब इस पर विपक्षी नेताओं की लगातार प्रतिक्रिया आ रही है. इसे सिलसिले में एक नाम और जुड़ गया है. कांग्रेस सीनियर नेता और पूर्व वित्तमंत्री रहे पी चिदंबरम ने बजट की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के भाषण से अर्थशास्त्री, फाइनेंस के स्टूडेंट और टिप्पणीकार हैरान होंगे. क्योंकि बजट में इकॉनोमिक सर्वे में जाहिर की गई चिंताओं पर किसी तरह का जवाब नहीं दिया गया है.

चिदंबरम ने पूछा सवाल- वित्तमंत्री ने आर्थिक सर्वे पढ़ा था कि नहीं?

उन्होंने कहा कि वार्षिक बजट (Annual Budget) रेवेन्यू और एक्सपेंस से कई अधिक है. सरकार को प्रेशर डालने वाले आर्थिक मुद्दों से निपटने के लिए स्पष्ट खाका पेश किया जाना चाहिए. हैरानी जताते हुए उन्होंने कहा कि मुझे यकीन नहीं है, कि वित्तमंत्री ने आर्थिक सर्वे (Economic Survey 2026) पढ़ा था कि नहीं? अगर उन्होंने पढ़ा भी होगा, तो उन्होंने उसे पूरी तरह से नजरंदाज कर दिया है. 

इन 10 आर्थिक चुनौतियों को नजरंदाज किया गया: चिदंबरम

कांग्रेस नेता ने कहा कि सर्वे में बताई गई 10 आर्थिक चुनौतियों को नजरंदाज कर दिया है. इनमें कई अहम मुद्दे थे, जैसे- अमेरिकी टैरिफ से निर्माताओं और निर्यातकों के बीच तनाव, इन्वेस्टमेंट को लेकर वैश्विक व्यापार संघर्ष, चीन के साथ बढ़ता व्यापार घाटा, लो ग्रॉस फिक्सड कैपिटल फॉर्मेशन और निजी क्षेत्रों में निवेश का कमजोर होना, FDI के फ्लो में अनिश्चितता, FPI का लगातार आउटफ्लो, स्लो फिस्कल कंसोलिडेशन, FRBM में राजकोषीय और राजस्व घाटा, ऑफिशियल मुद्रास्फीति डेटा और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और परिवहन जैसे चीजों पर बढ़ते घरेलू खर्च, बड़ी संख्या में MSMEs का बंद होना और रोजगार की खराब स्थिति, इसके अलावा शहरी इलाकों में बिगड़ते बुनियादी ढांचे जैसे अहम मुद्दे शामिल थे. चिदंबरम ने कहा कि इनमें से किसी भी मुद्दे का समाधान नहीं किया गया है. 

इसके अलावा उन्होंने कहा कि रेवेन्यू रिसिप्ट उम्मीद से 78,086 करोड़ काफी कम रही.  जबकि कुल खर्च में 1,44,376 करोड़ रुपए की कटौती की गई है. इसमें केंद्र और राज्यों दोनों की कटौती शामिल है. 

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow