Budget 2026: बजट से पहले राष्ट्रपति ने वित्त मंत्री को खिलाई दही-चीनी, फोटो-वीडियो हो रही वायरल

Union Budget 2026: आज 1 फरवरी 2026 को देश के लिए अहम दिन है, बजट के माध्यम से आज देश की आर्थिक व्यवस्था तय होगी. केंद्रीय बजट पेश करने से दही-चीनी की परंपरा निभाई गई. राष्ट्रपति मुर्मू ने निर्मला सीतारमण को दही चीनी खिलाकर उन्हें शुभकामनाएं दीं और देश के आर्थिक भविष्य के लिए सफल बजट की कामना की. वायरल हो रही फोटो वीडियो हर साल की तरह इस साल भी बजट 2026 पेश करने से राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को दही-चीनी खिलाई, जिसकी फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है. सोशल मीडिया के दौर में लोग दही-चीनी और बजट के इस अद्भुत संगम पर चर्चा भी कर रहे हैं. नई युवा पीढ़ी को भी यह जानने की जरूरत है कि, हर क्षेत्र में हमें परंपरा को जोड़कर चलना चाहिए. बजट पर दही-चीनी की परंपरा यह संदेश देती है कि, बजट के तौर पर देश के लिए आर्थिक फैसले जितने जरूरी हैं, उतना ही हमारे रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक संकेतों का सम्मान करना भी. #WATCH | President Droupadi Murmu feeds Union Finance Minister Nirmala Sitharaman the customary 'dahi-cheeni' (curd and sugar) ahead of her ninth consecutive Union Budget presentation. pic.twitter.com/WouiznFEMr — ANI (@ANI) February 1, 2026 किसी भी शुभ काम को शुरू करने से पहले दही-चीनी खाना भारतीय संस्कृति में शुभ शुरुआत और सफलता का प्रतीक माना जाता है. आज बजट से पहले राष्ट्रपति भवन में यह परंपरा निभाई गई, जिसे न केवल राजनीतिक, बल्कि धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से भी खास माना जा रहा है. शुभ काम से पहले क्यों खाते हैं दही-चीनी भारतीय संस्कृति में दही-चीनी को काफी शुभ माना जाता है और किसी भी शुभ काम से पहले दही-चीनी खाई जाती है. ऐसी मान्यता है कि, दही-चीनी खाकर किए गए कामों से सफलता मिलती है. इसलिए महत्वपूर्ण कार्य से पहले दही और चीनी का सेवन किया जाता है,जिससे कार्य में किसी तरह का विघ्न न आए और परिणाम शुभ हों. शास्त्रीय दृष्टि से दही चीनी का महत्व शास्त्रों में दही को चंद्रमा से जुड़ा हुआ माना गया है, जोकि मन, स्थिरता और भावनात्मक संतुलन का कारक है. वहीं चीनी शुक्र ग्रह से संबंधित है. शुक्र समृद्धि, सुख और वैभव के प्रतीक हैं. जब इन दोनों ग्रहों के प्रभाव वाली वस्तु का संयुक्त सेवन किया जाता है तो यह सकारात्मक ऊर्जा और सफलता का संकेत देता है. कब-कब खाई जाती है दही चीनी बजट-बजट से पहले दही-चीनी खिलाने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है. इसे केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शुभ संकल्प के रूप में भी देखा जाता है. माना जाता है कि, इससे न केवल निर्णय क्षमता मजबूत होती है, बल्कि कार्य में आने वाली बाधाएं भी दूर होती हैं. शुभ कार्य- किसी भी शुभ कार्य से पहले दही चीनी खाने की परंपरा है, मान्यता है कि इससे कार्य बिना किसी बाधा के संकल्प होता है. परीक्षा या इंटरव्यू- परीक्षा या इंटरव्यू के लिए जाने से पहले आज भी कई घरों में दादी-नानी या माताएं बच्चों को दही-चीनी खिला कर भेजती हैं. यह केवल दही-चीनी नहीं बल्कि यह विश्वास होता है कि, बच्चों को उनकी मेहनत का फल जरूर मिलेगा. यात्रा से पहले- यात्रा के लिए घर से निकलने से पहले भी दही-चीनी खासकर निकलने की परंपरा है. इसका केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक रूप से महत्व बताया गया है. भोग- दही-चीनी का भोग पूजा-पाठ में भगवान को भी लगाया जाता है. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Feb 1, 2026 - 12:30
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Budget 2026: बजट से पहले राष्ट्रपति ने वित्त मंत्री को खिलाई दही-चीनी, फोटो-वीडियो हो रही वायरल

Union Budget 2026: आज 1 फरवरी 2026 को देश के लिए अहम दिन है, बजट के माध्यम से आज देश की आर्थिक व्यवस्था तय होगी. केंद्रीय बजट पेश करने से दही-चीनी की परंपरा निभाई गई. राष्ट्रपति मुर्मू ने निर्मला सीतारमण को दही चीनी खिलाकर उन्हें शुभकामनाएं दीं और देश के आर्थिक भविष्य के लिए सफल बजट की कामना की.

वायरल हो रही फोटो वीडियो

हर साल की तरह इस साल भी बजट 2026 पेश करने से राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को दही-चीनी खिलाई, जिसकी फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है. सोशल मीडिया के दौर में लोग दही-चीनी और बजट के इस अद्भुत संगम पर चर्चा भी कर रहे हैं. नई युवा पीढ़ी को भी यह जानने की जरूरत है कि, हर क्षेत्र में हमें परंपरा को जोड़कर चलना चाहिए. बजट पर दही-चीनी की परंपरा यह संदेश देती है कि, बजट के तौर पर देश के लिए आर्थिक फैसले जितने जरूरी हैं, उतना ही हमारे रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक संकेतों का सम्मान करना भी.

किसी भी शुभ काम को शुरू करने से पहले दही-चीनी खाना भारतीय संस्कृति में शुभ शुरुआत और सफलता का प्रतीक माना जाता है. आज बजट से पहले राष्ट्रपति भवन में यह परंपरा निभाई गई, जिसे न केवल राजनीतिक, बल्कि धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से भी खास माना जा रहा है.

शुभ काम से पहले क्यों खाते हैं दही-चीनी

भारतीय संस्कृति में दही-चीनी को काफी शुभ माना जाता है और किसी भी शुभ काम से पहले दही-चीनी खाई जाती है. ऐसी मान्यता है कि, दही-चीनी खाकर किए गए कामों से सफलता मिलती है. इसलिए महत्वपूर्ण कार्य से पहले दही और चीनी का सेवन किया जाता है,जिससे कार्य में किसी तरह का विघ्न न आए और परिणाम शुभ हों.

शास्त्रीय दृष्टि से दही चीनी का महत्व

शास्त्रों में दही को चंद्रमा से जुड़ा हुआ माना गया है, जोकि मन, स्थिरता और भावनात्मक संतुलन का कारक है. वहीं चीनी शुक्र ग्रह से संबंधित है. शुक्र समृद्धि, सुख और वैभव के प्रतीक हैं. जब इन दोनों ग्रहों के प्रभाव वाली वस्तु का संयुक्त सेवन किया जाता है तो यह सकारात्मक ऊर्जा और सफलता का संकेत देता है.

कब-कब खाई जाती है दही चीनी

  • बजट-बजट से पहले दही-चीनी खिलाने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है. इसे केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शुभ संकल्प के रूप में भी देखा जाता है. माना जाता है कि, इससे न केवल निर्णय क्षमता मजबूत होती है, बल्कि कार्य में आने वाली बाधाएं भी दूर होती हैं.
  • शुभ कार्य- किसी भी शुभ कार्य से पहले दही चीनी खाने की परंपरा है, मान्यता है कि इससे कार्य बिना किसी बाधा के संकल्प होता है.
  • परीक्षा या इंटरव्यू- परीक्षा या इंटरव्यू के लिए जाने से पहले आज भी कई घरों में दादी-नानी या माताएं बच्चों को दही-चीनी खिला कर भेजती हैं. यह केवल दही-चीनी नहीं बल्कि यह विश्वास होता है कि, बच्चों को उनकी मेहनत का फल जरूर मिलेगा.
  • यात्रा से पहले- यात्रा के लिए घर से निकलने से पहले भी दही-चीनी खासकर निकलने की परंपरा है. इसका केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक रूप से महत्व बताया गया है.
  • भोग- दही-चीनी का भोग पूजा-पाठ में भगवान को भी लगाया जाता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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