Brain Problems Symptoms: हर 3 में से एक शख्स के ब्रेन में होती है दिक्कत, जानें क्यों होती है यह परेशानी?

Why One in Three Struggles Mentally: क्या आप जानते हैं कि दुनिया की हर तीसरी इंसान को किसी न किसी तरह की ब्रेन से जुड़ी समस्या होती है? यह बात हाल ही में WHO (World Health Organization) और Lancet Neurology की 2024 की रिपोर्ट से सामने आई है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि न्यूरोलॉजिकल डिजीज (यानी दिमाग और नर्वस सिस्टम से जुड़ी बीमारियां) अब दुनिया में बीमारी और विकलांगता का सबसे बड़ा कारण बन चुकी हैं. चलिए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं.  कितने लोग प्रभावित हैं? WHO के मुताबिक साल 2021 में दुनिया भर में करीब 3 अरब लोग  किसी न किसी ब्रेन या नर्वस सिस्टम की समस्या से जूझ रहे थे. इसका मतलब है कि हर 3 में से 1 व्यक्ति को इस तरह की परेशानी है. यानी अगर आपके आसपास 3 लोग खड़े हैं तो उनमें से कम से कम एक शख्स को ब्रेन से जुड़ी समस्या होने की संभावना है. कौन-कौन सी समस्याएं शामिल हैं? ब्रेन से जुड़ी समस्याएं केवल एक ही तरह की नहीं होतीं. इसमें कई तरह की कंडीशंस शामिल हैं, जैसे- स्ट्रोक (Stroke) – जब दिमाग में ब्लड सप्लाई रुक जाती है. माइग्रेन (Migraine) – बार-बार होने वाला तेज सिरदर्द. डायबिटिक न्यूरोपैथी (Diabetic Neuropathy) – डायबिटीज की वजह से नर्व्स को नुकसान. एपिलेप्सी (Epilepsy) – दौरे पड़ना. अल्जाइमर और डिमेंशिया (Alzheimer’s & Dementia) – याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होना. इनके अलावा और भी कई तरह की दिक्कतें हैं जो सीधे दिमाग और नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती हैं. क्यों बढ़ रही हैं ये दिक्कतें? रिपोर्ट में बताया गया है कि इसकी सबसे बड़ी वजह बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ता तनाव, अनहेल्दी डाइट, शराब और स्मोकिंग की आदतें और लंबी उम्र तक जीना है. पहले लोगों की उम्र कम होती थी लेकिन अब लंबी उम्र में ब्रेन से जुड़ी बीमारियों का खतरा और भी बढ़ जाता है. क्यों जरूरी है इस पर ध्यान देना? ब्रेन और नर्वस सिस्टम शरीर का कंट्रोल सेंटर है. अगर इसमें गड़बड़ी हो जाए तो इंसान की सोचने-समझने की क्षमता, मूवमेंट, बोलने की ताकत, याददाश्त और यहां तक कि दिल की धड़कन तक प्रभावित हो सकती है. WHO का कहना है कि अगर समय रहते इन समस्याओं को कंट्रोल किया जाए तो लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है. क्या करना चाहिए? डॉक्टरों के अनुसार, दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए कुछ आदतें बेहद ज़रूरी हैं: हेल्दी डाइट लें और प्रोसेस्ड फूड से बचें. रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें. शराब और स्मोकिंग से दूर रहें. नींद पूरी लें. अगर लगातार सिरदर्द, भूलने की समस्या या चक्कर आने जैसी परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें. WHO की रिपोर्ट साफ बताती है कि दुनिया में ब्रेन हेल्थ को लेकर अलार्म बज चुका है. अब वक्त है कि हम अपने दिमाग की देखभाल को उतनी ही गंभीरता से लें जितनी दिल और शरीर की करते हैं. अगर हम अभी से सावधान हो जाएं तो आने वाले समय में बड़ी परेशानी से बच सकते हैं. इसे भी पढ़ें: ये 3 आयुर्वेदिक फॉर्म्युले फॉलो करती हैं शाहिद कपूर की बीवी मीरा, रग-रग में आ जाती है जान Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Sep 16, 2025 - 14:30
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Brain Problems Symptoms: हर 3 में से एक शख्स के ब्रेन में होती है दिक्कत, जानें क्यों होती है यह परेशानी?

Why One in Three Struggles Mentally: क्या आप जानते हैं कि दुनिया की हर तीसरी इंसान को किसी न किसी तरह की ब्रेन से जुड़ी समस्या होती है? यह बात हाल ही में WHO (World Health Organization) और Lancet Neurology की 2024 की रिपोर्ट से सामने आई है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि न्यूरोलॉजिकल डिजीज (यानी दिमाग और नर्वस सिस्टम से जुड़ी बीमारियां) अब दुनिया में बीमारी और विकलांगता का सबसे बड़ा कारण बन चुकी हैं. चलिए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं. 

कितने लोग प्रभावित हैं?

WHO के मुताबिक साल 2021 में दुनिया भर में करीब 3 अरब लोग  किसी न किसी ब्रेन या नर्वस सिस्टम की समस्या से जूझ रहे थे. इसका मतलब है कि हर 3 में से 1 व्यक्ति को इस तरह की परेशानी है. यानी अगर आपके आसपास 3 लोग खड़े हैं तो उनमें से कम से कम एक शख्स को ब्रेन से जुड़ी समस्या होने की संभावना है.

कौन-कौन सी समस्याएं शामिल हैं?

ब्रेन से जुड़ी समस्याएं केवल एक ही तरह की नहीं होतीं. इसमें कई तरह की कंडीशंस शामिल हैं, जैसे-

स्ट्रोक (Stroke) – जब दिमाग में ब्लड सप्लाई रुक जाती है.

माइग्रेन (Migraine) – बार-बार होने वाला तेज सिरदर्द.

डायबिटिक न्यूरोपैथी (Diabetic Neuropathy) – डायबिटीज की वजह से नर्व्स को नुकसान.

एपिलेप्सी (Epilepsy) – दौरे पड़ना.

अल्जाइमर और डिमेंशिया (Alzheimer’s & Dementia) – याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होना.

इनके अलावा और भी कई तरह की दिक्कतें हैं जो सीधे दिमाग और नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती हैं.

क्यों बढ़ रही हैं ये दिक्कतें?

रिपोर्ट में बताया गया है कि इसकी सबसे बड़ी वजह बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ता तनाव, अनहेल्दी डाइट, शराब और स्मोकिंग की आदतें और लंबी उम्र तक जीना है. पहले लोगों की उम्र कम होती थी लेकिन अब लंबी उम्र में ब्रेन से जुड़ी बीमारियों का खतरा और भी बढ़ जाता है.

क्यों जरूरी है इस पर ध्यान देना?

ब्रेन और नर्वस सिस्टम शरीर का कंट्रोल सेंटर है. अगर इसमें गड़बड़ी हो जाए तो इंसान की सोचने-समझने की क्षमता, मूवमेंट, बोलने की ताकत, याददाश्त और यहां तक कि दिल की धड़कन तक प्रभावित हो सकती है. WHO का कहना है कि अगर समय रहते इन समस्याओं को कंट्रोल किया जाए तो लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है.

क्या करना चाहिए?

  • डॉक्टरों के अनुसार, दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए कुछ आदतें बेहद ज़रूरी हैं:
  • हेल्दी डाइट लें और प्रोसेस्ड फूड से बचें.
  • रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें.
  • शराब और स्मोकिंग से दूर रहें.
  • नींद पूरी लें.

अगर लगातार सिरदर्द, भूलने की समस्या या चक्कर आने जैसी परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें.

WHO की रिपोर्ट साफ बताती है कि दुनिया में ब्रेन हेल्थ को लेकर अलार्म बज चुका है. अब वक्त है कि हम अपने दिमाग की देखभाल को उतनी ही गंभीरता से लें जितनी दिल और शरीर की करते हैं. अगर हम अभी से सावधान हो जाएं तो आने वाले समय में बड़ी परेशानी से बच सकते हैं.

इसे भी पढ़ें: ये 3 आयुर्वेदिक फॉर्म्युले फॉलो करती हैं शाहिद कपूर की बीवी मीरा, रग-रग में आ जाती है जान

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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