Bowel Cancer: क्या होता है बाउल कैंसर? जानिए क्या हैं इसके शुरुआती लक्षण, जिसको लोग कर देते हैं इग्नोर

Bowel Cancer Without Symptoms: 44 वर्षीय मैट ईमर ने एक वीकेंड अपने परिवार और दोस्तों के साथ बारबेक्यू पार्टी में बिताया था. उसी दौरान उन्हें पेट में तेज और चुभने जैसा दर्द महसूस हुआ। मैट ने इसे हल्के में लेते हुए सोचा कि शायद पार्टी में खाया गया कोई खराब सॉसेज इसकी वजह होगा. उन्होंने दर्द की गोली ली और इसे नजरअंदाज कर दिया, लेकिन दर्द कम होने के बजाय लगातार बढ़ता चला गया. यह दर्द उस समय और ज्यादा बढ़ गया, जब मैट अपने बेटे का दूसरा जन्मदिन मना रहे थे. पेट में ऐंठन और बेचैनी के बावजूद वह खुद को संभालने की कोशिश करते रहे, लेकिन उनकी हालत देखकर पत्नी सारा ने उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाने पर जोर दिया. ब्रिटेन के सरे स्थित अस्पताल में किए गए टेस्ट में डॉक्टरों को आंत में बड़ा ब्लॉकेज मिला, जो बाद में स्टेज-4 बाउल कैंसर निकला. क्या होते हैं इस कैंसर के शुरुआती संकेत? डॉक्टरों ने बताया कि पेट में होने वाला तेज, जकड़न जैसा दर्द बाउल कैंसर के शुरुआती चेतावनी संकेतों में से एक हो सकता है, जिसे अक्सर लोग गैस या सामान्य पेट दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. मैट की सर्जरी कर ट्यूमर निकाला गया और उन्हें छह महीने तक कीमोथेरेपी से गुजरना पड़ा. हालांकि, इलाज के दौरान यह भी सामने आया कि कैंसर लिवर और पेट की अंदरूनी परत (पेरिटोनियम) तक फैल चुका है. डॉक्टरों ने बताया कि मैट के शरीर में बीआरएएफ म्यूटेशन पाया गया, जो एक जेनेटिक बदलाव है और इसकी वजह से कैंसर सेल्स बेहद तेजी से बढ़ती और फैलती हैं. हालात इतने गंभीर थे कि डॉक्टरों ने उन्हें कुछ महीनों का ही समय बताया. लेकिन बाद में उन्हें नई तरह की इम्यूनोथेरेपी दी गई, जिसमें सेटक्सिमैब इन्फ्यूजन और एंकोराफेनिब नाम की दवाएं शामिल थीं. इन दवाओं का असर चौंकाने वाला रहा और मैट की हालत में सुधार होने लगा. कैसे शुरू होता है बाउल कैंसर? बाउल कैंसर, जिसे कोलन कैंसर भी कहा जाता है, आमतौर पर आंत की अंदरूनी परत में बनने वाले छोटे पॉलिप्स से शुरू होता है. अगर समय रहते इन पॉलिप्स को हटाया न जाए, तो ये कैंसर में बदल सकते हैं और लिम्फ नोड्स या खून के जरिए शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल सकते हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक, कई बार बाउल कैंसर के शुरुआती लक्षण दिखाई ही नहीं देते. लेकिन लंबे समय तक पेट दर्द रहना, मल में खून आना, पेट फूलना, अचानक वजन कम होना, उल्टी, थकान और सांस फूलना जैसे संकेतों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. क्या कहते हैं डॉक्टर? डॉक्टरों का कहना है कि धूम्रपान, शराब का सेवन, मोटापा, जंक फूड, रेड और प्रोसेस्ड मीट का ज्यादा सेवन और फिजिकल एक्टिविटी की कमी बाउल कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती है. समय पर जांच और लाइफस्टाइल में सुधार इस गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है. Health Myths And Facts: शरीर और सेहत को लेकर भ्रम में तो नहीं रहते आप, जानें किन गलत बातों को इंसान मान बैठा है सही? Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Jan 27, 2026 - 17:30
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Bowel Cancer:  क्या होता है बाउल कैंसर? जानिए क्या हैं इसके शुरुआती लक्षण, जिसको लोग कर देते हैं इग्नोर

Bowel Cancer Without Symptoms: 44 वर्षीय मैट ईमर ने एक वीकेंड अपने परिवार और दोस्तों के साथ बारबेक्यू पार्टी में बिताया था. उसी दौरान उन्हें पेट में तेज और चुभने जैसा दर्द महसूस हुआ। मैट ने इसे हल्के में लेते हुए सोचा कि शायद पार्टी में खाया गया कोई खराब सॉसेज इसकी वजह होगा. उन्होंने दर्द की गोली ली और इसे नजरअंदाज कर दिया, लेकिन दर्द कम होने के बजाय लगातार बढ़ता चला गया.

यह दर्द उस समय और ज्यादा बढ़ गया, जब मैट अपने बेटे का दूसरा जन्मदिन मना रहे थे. पेट में ऐंठन और बेचैनी के बावजूद वह खुद को संभालने की कोशिश करते रहे, लेकिन उनकी हालत देखकर पत्नी सारा ने उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाने पर जोर दिया. ब्रिटेन के सरे स्थित अस्पताल में किए गए टेस्ट में डॉक्टरों को आंत में बड़ा ब्लॉकेज मिला, जो बाद में स्टेज-4 बाउल कैंसर निकला.

क्या होते हैं इस कैंसर के शुरुआती संकेत?

डॉक्टरों ने बताया कि पेट में होने वाला तेज, जकड़न जैसा दर्द बाउल कैंसर के शुरुआती चेतावनी संकेतों में से एक हो सकता है, जिसे अक्सर लोग गैस या सामान्य पेट दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. मैट की सर्जरी कर ट्यूमर निकाला गया और उन्हें छह महीने तक कीमोथेरेपी से गुजरना पड़ा. हालांकि, इलाज के दौरान यह भी सामने आया कि कैंसर लिवर और पेट की अंदरूनी परत (पेरिटोनियम) तक फैल चुका है.

डॉक्टरों ने बताया कि मैट के शरीर में बीआरएएफ म्यूटेशन पाया गया, जो एक जेनेटिक बदलाव है और इसकी वजह से कैंसर सेल्स बेहद तेजी से बढ़ती और फैलती हैं. हालात इतने गंभीर थे कि डॉक्टरों ने उन्हें कुछ महीनों का ही समय बताया. लेकिन बाद में उन्हें नई तरह की इम्यूनोथेरेपी दी गई, जिसमें सेटक्सिमैब इन्फ्यूजन और एंकोराफेनिब नाम की दवाएं शामिल थीं. इन दवाओं का असर चौंकाने वाला रहा और मैट की हालत में सुधार होने लगा.

कैसे शुरू होता है बाउल कैंसर?

बाउल कैंसर, जिसे कोलन कैंसर भी कहा जाता है, आमतौर पर आंत की अंदरूनी परत में बनने वाले छोटे पॉलिप्स से शुरू होता है. अगर समय रहते इन पॉलिप्स को हटाया न जाए, तो ये कैंसर में बदल सकते हैं और लिम्फ नोड्स या खून के जरिए शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल सकते हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक, कई बार बाउल कैंसर के शुरुआती लक्षण दिखाई ही नहीं देते. लेकिन लंबे समय तक पेट दर्द रहना, मल में खून आना, पेट फूलना, अचानक वजन कम होना, उल्टी, थकान और सांस फूलना जैसे संकेतों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

क्या कहते हैं डॉक्टर?

डॉक्टरों का कहना है कि धूम्रपान, शराब का सेवन, मोटापा, जंक फूड, रेड और प्रोसेस्ड मीट का ज्यादा सेवन और फिजिकल एक्टिविटी की कमी बाउल कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती है. समय पर जांच और लाइफस्टाइल में सुधार इस गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है.

Health Myths And Facts: शरीर और सेहत को लेकर भ्रम में तो नहीं रहते आप, जानें किन गलत बातों को इंसान मान बैठा है सही?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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