Bihar Election Results Stress: बिहार चुनाव के नतीजों से लगा सदमा तो न हो परेशान, ये 8 टिप्स ठीक करेंगे दिमागी सेहत

Bihar election Results: आज यानी 14 नवंबर को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू की जयंती भी है और इसी दिन यह भी तय होने वाला है कि देश में सबसे बड़ी आबादी के मामले में आने वाले राज्य बिहार को अगले पांच साल तक कौन संभालेगा. एनडीए और महागठबंधन इस समय मैदान में हैं, एक तरह जहां एग्जिट पोल से लेकर बाकी सट्टा बाजार तक नीतीश के फिर से सीएम बनने का दावा कर रहे हैं, तो विपक्ष को भी उम्मीद है कि शायद इस बार तेजस्वी के नेतृत्व में महागठबंधन कुछ कमाल कर जाए. फिलहाल कौन बनेगा बिहार का अगला सीएम, किसके सर पर सजेगा सेहरा और किसका लटके चेहरा ये शाम तक पता चल जाएगा. लेकिन चलिए आपको हम बताते हैं कि अगर आपको चुनाव के नतीजों से लगा सदमा तो न हों परेशान, वो कौन से 8 टिप्स हैं, जो आपको मेंटली फिट रखने में मदद करेंगे. सोशल मीडिया से दूरी चुनाव के नतीजों के तुरंत बाद न्यूज चैनल और सोशल मीडिया लगातार सूचनाएं, बहसें और राय दिखाते रहते हैं. इससे दिमाग पर और बोझ पड़ता है. अगर मन भारी लग रहा है, तो कुछ घंटों के लिए टीवी, ट्विटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप से दूरी बना लें. यह दिमाग को ब्रेक देने का सबसे आसान तरीका है. अपनी भावनाओं को स्वीकार करें अगर नतीजों से निराशा हुई है, तो यह मानना जरूरी है कि ऐसा महसूस करना बिल्कुल सामान्य है. खुद को दोष देने की जरूरत नहीं है. अपनी भावना को पहचानें और समझें कि यह अस्थायी है. साइकोलॉजिस्ट भी कहते हैं कि भावनाओं को दबाने से तनाव बढ़ता है, जबकि उन्हें स्वीकार करने से राहत मिलती है. किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें अगर सिर भारी लग रहा है या दिमाग बेचैन है, तो अपनी बात किसी ऐसे दोस्त, परिवार के सदस्य या सहकर्मी से शेयर करें, जो आपको समझता हो. बात करने से दिमाग हल्का होता है और आप स्थिति को नए नजरिये से देख पाते हैं. आराम और नींद को प्राथमिकता दें चुनाव के दिनों में देर रात तक टीवी देखना, सोशल मीडिया चेक करना और लगातार चर्चा करना नींद को प्रभावित कर देता है. अच्छी नींद दिमाग के लिए दवा की तरह काम करती है. कोशिश करें कि 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें. इससे मानसिक थकान में काफी कमी आती है. हल्की फुल्की एक्सरसाइज करें थोड़ी देर टहलना, स्ट्रेचिंग या योग करने से दिमाग में खुश करने वाले हार्मोन रिलीज होते हैं. इससे तनाव कम होता है और मूड बेहतर होता है. यह उन लोगों के लिए भी बेहद फायदेमंद है जो राजनीतिक माहौल से मानसिक रूप से परेशान महसूस कर रहे हैं. अपनी शेड्यूल सामान्य रखें नतीजों के बाद कई लोग अपना पूरा दिन मोबाइल या टीवी पर लगाए रहते हैं. इससे दिमाग पर दबाव बढ़ता है. बेहतर होगा कि आप अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में वापस लौटें. चाहे वह ऑफिस हो, पढ़ाई हो या घरेलू काम. नियमित रूटीन मानसिक स्थिरता बनाए रखने में मदद करता है. असहमतियों में संयम रखें चुनाव के बाद अक्सर लोगों के बीच बहस बढ़ जाती है. बार-बार विवाद में पड़ने से तनाव और चिड़चिड़ापन बढ़ता है. कोशिश करें कि राजनैतिक मतभेदों को निजी रिश्तों पर असर न डालें. शांत रहें और जहां जरूरत हो, चर्चा को सीमित करें. खुद को सकारात्मक गतिविधियों में लगाएं म्यूजिक सुनना, फिल्म देखना, किताब पढ़ना या कोई कला सीखना, ये सब दिमाग को तुरंत हल्का कर देते हैं. ऐसी गतिविधियां तनाव कम करती हैं और मूड बेहतर बनाती हैं. इसे भी पढ़ें: मेंटल हेल्थ के लिए AI चैटबॉट्स पर भरोसा करना खतरनाक, अमेरिकी साइकोलॉजिस्ट ने दी चेतावनी Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Nov 14, 2025 - 11:30
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Bihar Election Results Stress: बिहार चुनाव के नतीजों से लगा सदमा तो न हो परेशान, ये 8 टिप्स ठीक करेंगे दिमागी सेहत

Bihar election Results: आज यानी 14 नवंबर को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू की जयंती भी है और इसी दिन यह भी तय होने वाला है कि देश में सबसे बड़ी आबादी के मामले में आने वाले राज्य बिहार को अगले पांच साल तक कौन संभालेगा. एनडीए और महागठबंधन इस समय मैदान में हैं, एक तरह जहां एग्जिट पोल से लेकर बाकी सट्टा बाजार तक नीतीश के फिर से सीएम बनने का दावा कर रहे हैं, तो विपक्ष को भी उम्मीद है कि शायद इस बार तेजस्वी के नेतृत्व में महागठबंधन कुछ कमाल कर जाए. फिलहाल कौन बनेगा बिहार का अगला सीएम, किसके सर पर सजेगा सेहरा और किसका लटके चेहरा ये शाम तक पता चल जाएगा. लेकिन चलिए आपको हम बताते हैं कि अगर आपको चुनाव के नतीजों से लगा सदमा तो न हों परेशान, वो कौन से 8 टिप्स हैं, जो आपको मेंटली फिट रखने में मदद करेंगे.

सोशल मीडिया से दूरी

चुनाव के नतीजों के तुरंत बाद न्यूज चैनल और सोशल मीडिया लगातार सूचनाएं, बहसें और राय दिखाते रहते हैं. इससे दिमाग पर और बोझ पड़ता है. अगर मन भारी लग रहा है, तो कुछ घंटों के लिए टीवी, ट्विटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप से दूरी बना लें. यह दिमाग को ब्रेक देने का सबसे आसान तरीका है.

अपनी भावनाओं को स्वीकार करें

अगर नतीजों से निराशा हुई है, तो यह मानना जरूरी है कि ऐसा महसूस करना बिल्कुल सामान्य है. खुद को दोष देने की जरूरत नहीं है. अपनी भावना को पहचानें और समझें कि यह अस्थायी है. साइकोलॉजिस्ट भी कहते हैं कि भावनाओं को दबाने से तनाव बढ़ता है, जबकि उन्हें स्वीकार करने से राहत मिलती है.

किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें

अगर सिर भारी लग रहा है या दिमाग बेचैन है, तो अपनी बात किसी ऐसे दोस्त, परिवार के सदस्य या सहकर्मी से शेयर करें, जो आपको समझता हो. बात करने से दिमाग हल्का होता है और आप स्थिति को नए नजरिये से देख पाते हैं.

आराम और नींद को प्राथमिकता दें

चुनाव के दिनों में देर रात तक टीवी देखना, सोशल मीडिया चेक करना और लगातार चर्चा करना नींद को प्रभावित कर देता है. अच्छी नींद दिमाग के लिए दवा की तरह काम करती है. कोशिश करें कि 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें. इससे मानसिक थकान में काफी कमी आती है.

हल्की फुल्की एक्सरसाइज करें

थोड़ी देर टहलना, स्ट्रेचिंग या योग करने से दिमाग में खुश करने वाले हार्मोन रिलीज होते हैं. इससे तनाव कम होता है और मूड बेहतर होता है. यह उन लोगों के लिए भी बेहद फायदेमंद है जो राजनीतिक माहौल से मानसिक रूप से परेशान महसूस कर रहे हैं.

अपनी शेड्यूल सामान्य रखें

नतीजों के बाद कई लोग अपना पूरा दिन मोबाइल या टीवी पर लगाए रहते हैं. इससे दिमाग पर दबाव बढ़ता है. बेहतर होगा कि आप अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में वापस लौटें. चाहे वह ऑफिस हो, पढ़ाई हो या घरेलू काम. नियमित रूटीन मानसिक स्थिरता बनाए रखने में मदद करता है.

असहमतियों में संयम रखें

चुनाव के बाद अक्सर लोगों के बीच बहस बढ़ जाती है. बार-बार विवाद में पड़ने से तनाव और चिड़चिड़ापन बढ़ता है. कोशिश करें कि राजनैतिक मतभेदों को निजी रिश्तों पर असर न डालें. शांत रहें और जहां जरूरत हो, चर्चा को सीमित करें.

खुद को सकारात्मक गतिविधियों में लगाएं

म्यूजिक सुनना, फिल्म देखना, किताब पढ़ना या कोई कला सीखना, ये सब दिमाग को तुरंत हल्का कर देते हैं. ऐसी गतिविधियां तनाव कम करती हैं और मूड बेहतर बनाती हैं.

इसे भी पढ़ें: मेंटल हेल्थ के लिए AI चैटबॉट्स पर भरोसा करना खतरनाक, अमेरिकी साइकोलॉजिस्ट ने दी चेतावनी

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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