Bhopal Carbide Gun Incident: कॉर्निया डैमेज करके आपको अंधा कर सकती है कार्बाइड गन, जानें यह कितनी खतरनाक?

What is Carbide Bomb: त्योहारों पर पटाखों और खिलौना गनों का ट्रेंड बच्चों और युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है. इन्हीं में से एक है कार्बाइड गन. इसकी कीमत भले ही सिर्फ 150 से 200 रुपये के बीच हो, लेकिन इसका असर सेहत पर बेहद खतरनाक साबित हो रहा है. हाल ही में भोपाल में इस गन से 125 से ज्यादा लोगों की आंखें खराब होने का मामला सामने आया. इनमें कई छोटे बच्चे भी शामिल थे, जिनकी हालत इतनी बिगड़ी कि कॉर्निया ट्रांसप्लांट तक करना पड़ा. चलिए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं कि आखिर ये इतना खतरनाक क्यों है और इससे कितना नुकसान हो सकता है?  क्या है कार्बाइ़ड बम? कार्बाइड बम असल में बच्चों और युवाओं के बीच त्योहारों पर चलने वाला खतरनाक खेल है. इसमें कैल्शियम कार्बाइड, पानी और प्लास्टिक पाइप का इस्तेमाल किया जाता है. जब कार्बाइड और पानी की प्रतिक्रिया होती है तो गैस बनती है, जिसे आग लगाकर जोरदार धमाका किया जाता है. इस दौरान तेज आवाज, धुआं और चिंगारियां निकलती हैं. भले ही यह देखने में सस्ता और मजेदार लगे, लेकिन इसका असर बेहद खतरनाक होता है. यह आंखों, कानों और त्वचा को गंभीर चोट पहुंचा सकता है. डॉक्टरों के अनुसार, कार्बाइड बम से कॉर्निया जल सकता है और स्थायी अंधेपन तक की नौबत आ सकती है. आंखों पर सबसे बड़ा असर कार्बाइड गन में कैल्शियम कार्बाइड, प्लास्टिक पाइप और पानी का इस्तेमाल होता है. इसे जलाने पर तेज धमाके के साथ धुआं और आग निकलती है. यही धमाका आंखों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है. डॉक्टरों के अनुसार, इससे कॉर्निया जल सकता है, आंखों में लालिमा और जलन हो जाती है. कई बार कॉर्निया फटने की वजह से नजर हमेशा के लिए जा सकती है. स्थायी अंधेपन का खतरा आई रोग एक्सपर्ट का कहना है कि कार्बाइड गन केवल आंखों ही नहीं, बल्कि कान और दिमाग पर भी बुरा असर डालती है. अचानक बने तेज प्रेशर से कान का पर्दा फट सकता है और सुनने की क्षमता घट सकती है. वहीं, आंखों की रेटिना डैमेज होने और स्थायी अंधेपन की आशंका भी रहती है. इंडियन जर्नल ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी में छपी एक स्टडीमें बताया गया कि कैल्शियम कार्बाइड से हुए आंखों के थर्मो-केमिकल घाव बेहद खतरनाक होते हैं. इस रिसर्च में 23 मरीजों की 28 आंखों का परीक्षण किया गया. हल्के मामलों (Dua Grade I-III) में मरीजों की दृष्टि आखिरी में लगभग 20/32 तक बची रही, लेकिन गंभीर मामलों (Dua Grade IV-VI) में विजन घटकर 20/200 तक सीमित हो गई. यानी ऐसे धमाकों से स्थायी अंधेपन तक का खतरा रहता है. त्वचा और चेहरे को नुकसान धमाके से निकलने वाली गर्म गैस और चिंगारियां स्किन और चेहरे को जला देती हैं. बच्चों के चेहरे पर फफोले और घाव हो सकते हैं. कई बार डर की वजह से बच्चे तुरंत इलाज नहीं कराते, जिससे इंफेक्शन और ज्यादा बढ़ जाता है. क्यों खतरनाक है कार्बाइड गन? इसमें इस्तेमाल होने वाला कैल्शियम कार्बाइड जहरीला केमिकल है. धमाके का झटका सीधे आंख और कान पर असर डालता है. बच्चों को यह मजेदार लगता है, लेकिन असल में यह जानलेवा है. बार-बार इस्तेमाल करने पर कॉर्निया डैमेज और सुनने की क्षमता कम होने जैसी गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं. क्या बरतें सावधानियां? माता-पिता बच्चों को ऐसे खतरनाक खिलौनों से दूर रखें. आंख में चोट लगे तो तुरंत साफ पानी से धोकर डॉक्टर को दिखाएं. कॉर्निया धुंधला दिखे या विजन कम हो तो देर न करें. इसे भी पढ़ें: तेंदुए को कैंसर और डायबिटीज तो बाघिन को मोतियाबिंद, जानवरों को क्यों हो रहीं इंसानों जैसी बीमारियां? Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Oct 23, 2025 - 23:30
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Bhopal Carbide Gun Incident: कॉर्निया डैमेज करके आपको अंधा कर सकती है कार्बाइड गन, जानें यह कितनी खतरनाक?

What is Carbide Bomb: त्योहारों पर पटाखों और खिलौना गनों का ट्रेंड बच्चों और युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है. इन्हीं में से एक है कार्बाइड गन. इसकी कीमत भले ही सिर्फ 150 से 200 रुपये के बीच हो, लेकिन इसका असर सेहत पर बेहद खतरनाक साबित हो रहा है. हाल ही में भोपाल में इस गन से 125 से ज्यादा लोगों की आंखें खराब होने का मामला सामने आया. इनमें कई छोटे बच्चे भी शामिल थे, जिनकी हालत इतनी बिगड़ी कि कॉर्निया ट्रांसप्लांट तक करना पड़ा. चलिए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं कि आखिर ये इतना खतरनाक क्यों है और इससे कितना नुकसान हो सकता है? 

क्या है कार्बाइ़ड बम?

कार्बाइड बम असल में बच्चों और युवाओं के बीच त्योहारों पर चलने वाला खतरनाक खेल है. इसमें कैल्शियम कार्बाइड, पानी और प्लास्टिक पाइप का इस्तेमाल किया जाता है. जब कार्बाइड और पानी की प्रतिक्रिया होती है तो गैस बनती है, जिसे आग लगाकर जोरदार धमाका किया जाता है. इस दौरान तेज आवाज, धुआं और चिंगारियां निकलती हैं. भले ही यह देखने में सस्ता और मजेदार लगे, लेकिन इसका असर बेहद खतरनाक होता है. यह आंखों, कानों और त्वचा को गंभीर चोट पहुंचा सकता है. डॉक्टरों के अनुसार, कार्बाइड बम से कॉर्निया जल सकता है और स्थायी अंधेपन तक की नौबत आ सकती है.

आंखों पर सबसे बड़ा असर

कार्बाइड गन में कैल्शियम कार्बाइड, प्लास्टिक पाइप और पानी का इस्तेमाल होता है. इसे जलाने पर तेज धमाके के साथ धुआं और आग निकलती है. यही धमाका आंखों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है. डॉक्टरों के अनुसार, इससे कॉर्निया जल सकता है, आंखों में लालिमा और जलन हो जाती है. कई बार कॉर्निया फटने की वजह से नजर हमेशा के लिए जा सकती है.

स्थायी अंधेपन का खतरा

आई रोग एक्सपर्ट का कहना है कि कार्बाइड गन केवल आंखों ही नहीं, बल्कि कान और दिमाग पर भी बुरा असर डालती है. अचानक बने तेज प्रेशर से कान का पर्दा फट सकता है और सुनने की क्षमता घट सकती है. वहीं, आंखों की रेटिना डैमेज होने और स्थायी अंधेपन की आशंका भी रहती है.

इंडियन जर्नल ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी में छपी एक स्टडीमें बताया गया कि कैल्शियम कार्बाइड से हुए आंखों के थर्मो-केमिकल घाव बेहद खतरनाक होते हैं. इस रिसर्च में 23 मरीजों की 28 आंखों का परीक्षण किया गया. हल्के मामलों (Dua Grade I-III) में मरीजों की दृष्टि आखिरी में लगभग 20/32 तक बची रही, लेकिन गंभीर मामलों (Dua Grade IV-VI) में विजन घटकर 20/200 तक सीमित हो गई. यानी ऐसे धमाकों से स्थायी अंधेपन तक का खतरा रहता है.

त्वचा और चेहरे को नुकसान

धमाके से निकलने वाली गर्म गैस और चिंगारियां स्किन और चेहरे को जला देती हैं. बच्चों के चेहरे पर फफोले और घाव हो सकते हैं. कई बार डर की वजह से बच्चे तुरंत इलाज नहीं कराते, जिससे इंफेक्शन और ज्यादा बढ़ जाता है.

क्यों खतरनाक है कार्बाइड गन?

  • इसमें इस्तेमाल होने वाला कैल्शियम कार्बाइड जहरीला केमिकल है.
  • धमाके का झटका सीधे आंख और कान पर असर डालता है.
  • बच्चों को यह मजेदार लगता है, लेकिन असल में यह जानलेवा है.
  • बार-बार इस्तेमाल करने पर कॉर्निया डैमेज और सुनने की क्षमता कम होने जैसी गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं.

क्या बरतें सावधानियां?

माता-पिता बच्चों को ऐसे खतरनाक खिलौनों से दूर रखें.

आंख में चोट लगे तो तुरंत साफ पानी से धोकर डॉक्टर को दिखाएं.

कॉर्निया धुंधला दिखे या विजन कम हो तो देर न करें.

इसे भी पढ़ें: तेंदुए को कैंसर और डायबिटीज तो बाघिन को मोतियाबिंद, जानवरों को क्यों हो रहीं इंसानों जैसी बीमारियां?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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