Beer And Cough In Winter: क्या सर्दियों में बियर पीने से हो जाती है खांसी, डॉक्टर से जानें यह कितनी नुकसानदायक?

Can Drinking Beer In Winter Trigger Cough: गर्मियों में ठंडी बियर और सर्दियों में गाढ़ी, मजबूत एले बीयर का स्वाद मौसम के साथ बदलता हुआ सा लगता है. कंपनियां भी साल के अलग-अलग मौसम के हिसाब से बीयर तैयार करती हैं. गर्मियों में हल्की पिल्सनर या व्हीट बीयर ज्यादा पसंद की जाती है, जबकि ठंड के दिनों में स्टाउट और पोर्टर जैसे गहरे स्वाद वाली बीयर की मांग बढ़ जाती है. लेकिन सवाल यह है कि क्या सर्दियों में बियर पीने से खांसी हो जाती है? डॉक्टरों के मुताबिक, बियर खुद खांसी पैदा नहीं करती, लेकिन कुछ स्थितियों में यह पहले से मौजूद खांसी को ट्रिगर सकती है. खासकर अगर आपको हाल ही में सर्दी, वायरल या सीने का इंफेक्शन हुआ हो. क्या कहते हैं एक्सपर्ट? डॉ. फ्रांसिस पिट्सिलिस, हॉलिस्टिक हेल्थ एक्सपर्ट और फिजिशियन, जो पिछले 25 वर्षों से तनाव, थकान और लाइफस्टाइल से जुड़ी मुश्किल बीमारियों के इलाज में एक्सपर्ट हैं, उनके अनुसार,  करीब 25 प्रतिशत लोगों को इंफेक्शन के ठीक होने के बाद भी 3 से 8 हफ्तों तक खांसी बनी रह सकती है. इसे पोस्ट-इन्फेक्शियस कफ कहा जाता है. इस दौरान सांस नलियां संवेदनशील रहती हैं और ठंडी हवा, एसी, ज्यादा बोलना, हंसना या ठंडे पेय पदार्थ खांसी को ट्रिगर कर सकते हैं. ऐसे में ठंडी बियर पीने पर खांसी बढ़ सकती है, लेकिन यह हर किसी के साथ जरूरी नहीं है. खांसी रहने के कारण  फ्रांसिस पिट्सिलिस बताती हैं कि लगातार रहने वाली खांसी के पीछे तीन आम कारण माने जाते हैं, पोस्टनेजल ड्रिप, इंफेक्शन के बाद अस्थमा जैसी स्थिति, या श्वसन मार्ग में बनी रहने वाली सूजन और जलन. इसके अलावा साइनस की समस्या, एसिड रिफ्लक्स, ब्लड प्रेशर की कुछ दवाएं, दिल या लंग्स से जुड़ी बीमारियां भी जिम्मेदार हो सकती हैं. इसलिए अगर खांसी लंबे समय तक रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.यह भी समझना जरूरी है कि पोस्ट-इन्फेक्शियस कफ में एंटीबायोटिक असरदार नहीं होती, क्योंकि इंफेक्शन पहले ही खत्म हो चुका होता है. इलाज आमतौर पर लक्षणों के आधार पर किया जाता है, जैसे नेजल स्प्रे, एंटीहिस्टामिन, खांसी दबाने वाली दवाएं या जरूरत पड़ने पर स्टेरॉयड इनहेलर. इन दिक्कतों को बढ़ा सकती हैं जहां तक शराब की बात है, ज्यादा मात्रा में शराब शरीर में पानी की कमी कर सकती है और कंजेशन या गले की परेशानी बढ़ा सकती है. यह इम्यून सिस्टम को भी अस्थायी रूप से कमजोर कर सकती है और सर्दी की दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकती है. इसलिए अगर आप पहले से खांसी या इंफेक्शन से जूझ रहे हैं, तो शराब से परहेज करना बेहतर हो सकता है. ये भी पढ़ें-RSV से हर साल 100000 बच्चों की होती है मौत, WHO के हिसाब से जानें कब लगवाएं इसकी वैक्सीन? Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Feb 15, 2026 - 14:30
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Beer And Cough In Winter: क्या सर्दियों में बियर पीने से हो जाती है खांसी, डॉक्टर से जानें यह कितनी नुकसानदायक?

Can Drinking Beer In Winter Trigger Cough: गर्मियों में ठंडी बियर और सर्दियों में गाढ़ी, मजबूत एले बीयर का स्वाद मौसम के साथ बदलता हुआ सा लगता है. कंपनियां भी साल के अलग-अलग मौसम के हिसाब से बीयर तैयार करती हैं. गर्मियों में हल्की पिल्सनर या व्हीट बीयर ज्यादा पसंद की जाती है, जबकि ठंड के दिनों में स्टाउट और पोर्टर जैसे गहरे स्वाद वाली बीयर की मांग बढ़ जाती है. लेकिन सवाल यह है कि क्या सर्दियों में बियर पीने से खांसी हो जाती है? डॉक्टरों के मुताबिक, बियर खुद खांसी पैदा नहीं करती, लेकिन कुछ स्थितियों में यह पहले से मौजूद खांसी को ट्रिगर सकती है. खासकर अगर आपको हाल ही में सर्दी, वायरल या सीने का इंफेक्शन हुआ हो.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

डॉ. फ्रांसिस पिट्सिलिस, हॉलिस्टिक हेल्थ एक्सपर्ट और फिजिशियन, जो पिछले 25 वर्षों से तनाव, थकान और लाइफस्टाइल से जुड़ी मुश्किल बीमारियों के इलाज में एक्सपर्ट हैं, उनके अनुसार,  करीब 25 प्रतिशत लोगों को इंफेक्शन के ठीक होने के बाद भी 3 से 8 हफ्तों तक खांसी बनी रह सकती है. इसे पोस्ट-इन्फेक्शियस कफ कहा जाता है. इस दौरान सांस नलियां संवेदनशील रहती हैं और ठंडी हवा, एसी, ज्यादा बोलना, हंसना या ठंडे पेय पदार्थ खांसी को ट्रिगर कर सकते हैं. ऐसे में ठंडी बियर पीने पर खांसी बढ़ सकती है, लेकिन यह हर किसी के साथ जरूरी नहीं है.

खांसी रहने के कारण

 फ्रांसिस पिट्सिलिस बताती हैं कि लगातार रहने वाली खांसी के पीछे तीन आम कारण माने जाते हैं, पोस्टनेजल ड्रिप, इंफेक्शन के बाद अस्थमा जैसी स्थिति, या श्वसन मार्ग में बनी रहने वाली सूजन और जलन. इसके अलावा साइनस की समस्या, एसिड रिफ्लक्स, ब्लड प्रेशर की कुछ दवाएं, दिल या लंग्स से जुड़ी बीमारियां भी जिम्मेदार हो सकती हैं. इसलिए अगर खांसी लंबे समय तक रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.यह भी समझना जरूरी है कि पोस्ट-इन्फेक्शियस कफ में एंटीबायोटिक असरदार नहीं होती, क्योंकि इंफेक्शन पहले ही खत्म हो चुका होता है. इलाज आमतौर पर लक्षणों के आधार पर किया जाता है, जैसे नेजल स्प्रे, एंटीहिस्टामिन, खांसी दबाने वाली दवाएं या जरूरत पड़ने पर स्टेरॉयड इनहेलर.

इन दिक्कतों को बढ़ा सकती हैं

जहां तक शराब की बात है, ज्यादा मात्रा में शराब शरीर में पानी की कमी कर सकती है और कंजेशन या गले की परेशानी बढ़ा सकती है. यह इम्यून सिस्टम को भी अस्थायी रूप से कमजोर कर सकती है और सर्दी की दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकती है. इसलिए अगर आप पहले से खांसी या इंफेक्शन से जूझ रहे हैं, तो शराब से परहेज करना बेहतर हो सकता है.

ये भी पढ़ें-RSV से हर साल 100000 बच्चों की होती है मौत, WHO के हिसाब से जानें कब लगवाएं इसकी वैक्सीन?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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