Ashes 2025-26: एशेज इतिहास में कब-कब 300 का आंकड़ा भी मिलकर नहीं पार कर सकी दोनों टीमें, ये है सबसे कम टोटल
Ashes Record: एशेज, क्रिकेट की सबसे पुरानी और सबसे प्रतिष्ठित द्विपक्षीय सीरीज, हमेशा से रोमांच और रिकॉर्ड्स का केंद्र रही है. यह सीरीज बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच शानदार मुकाबलों के कारण सुर्खियों में रहती है. हालांकि शुरुआती दौर में कई ऐसे मैच भी हुए जहां रन इतने कम बने कि वो रिकॉर्ड में दर्ज हो गया. आज हम नजर डालते हैं एशेज इतिहास के सबसे कम मैच एग्रीगेट वाले मुकाबलों पर, जिनमें दोनों टीमों की कुल रन संख्या बेहद कम रही. 1888 का लॉर्ड्स टेस्ट एशेज इतिहास का सबसे कम स्कोर वाला मुकाबला 16 जुलाई 1888 को लॉर्ड्स में खेला गया. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ने मिलकर केवल 291 रन बनाए. मैच में कुल 40 विकेट गिरे और रन रेट सिर्फ 2.2 रहा. यह मुकाबला उन दिनों की पिच और गेंदबाजी की कठिनाई को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है. कोई भी टीम 150 तक नहीं पहुंच सकी. मैनचेस्टर टेस्ट 1888 लॉर्ड्स टेस्ट के कुछ ही दिनों बाद, 30 अगस्त 1888 को मैनचेस्टर में दोनों टीमों ने मिलकर 323 रन बनाए. इस मुकाबले में कुल 30 विकेट गिरे और रन रेट सिर्फ 2.45 का ही रहा. यह मैच भी पूरी तरह गेंदबाजों के नाम रहा, जहां बल्लेबाज क्रीज पर टिक ही नहीं पाए. सिडनी टेस्ट 1888 10 फरवरी 1888 को सिडनी में हुआ यह टेस्ट नया इतिहास बना गया. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ने मिलकर 374 रन बनाए थे. यही नहीं इस मैच में सभी 40 विकेट गिरे. रन रेट सिर्फ 1.98, यानी दो रन प्रति ओवर भी नहीं! द ओवल 1890 1890 में द ओवल पर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर लो-स्कोरिंग मुकाबला खेला. दोनो टीमों ने मिलकर 389 रन बनाए और मैच में कुल 38 विकेट गिरे. इस दौरान रन रेट मात्र 2.01 का रहा, जो फिर से गेंदबाज़ों के दबदबे का सबूत था. द ओवल 1896 ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड ओवस में 1896 में एक बार फिर आमने-सामने आयी. इस मैच में भी कुल 392 रन बने और 40 विकेट गिरे. मुकाबले में रन रेट 2.24 रहा. यह मुकाबला शुरुआती एशेज टेस्ट की पिचों को पूरी तरह समझाता है - धीमी, उछालहीन और गेंदबाजों के लिए स्वर्ग.
Ashes Record: एशेज, क्रिकेट की सबसे पुरानी और सबसे प्रतिष्ठित द्विपक्षीय सीरीज, हमेशा से रोमांच और रिकॉर्ड्स का केंद्र रही है. यह सीरीज बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच शानदार मुकाबलों के कारण सुर्खियों में रहती है. हालांकि शुरुआती दौर में कई ऐसे मैच भी हुए जहां रन इतने कम बने कि वो रिकॉर्ड में दर्ज हो गया. आज हम नजर डालते हैं एशेज इतिहास के सबसे कम मैच एग्रीगेट वाले मुकाबलों पर, जिनमें दोनों टीमों की कुल रन संख्या बेहद कम रही.
1888 का लॉर्ड्स टेस्ट
एशेज इतिहास का सबसे कम स्कोर वाला मुकाबला 16 जुलाई 1888 को लॉर्ड्स में खेला गया. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ने मिलकर केवल 291 रन बनाए. मैच में कुल 40 विकेट गिरे और रन रेट सिर्फ 2.2 रहा. यह मुकाबला उन दिनों की पिच और गेंदबाजी की कठिनाई को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है. कोई भी टीम 150 तक नहीं पहुंच सकी.
मैनचेस्टर टेस्ट 1888
लॉर्ड्स टेस्ट के कुछ ही दिनों बाद, 30 अगस्त 1888 को मैनचेस्टर में दोनों टीमों ने मिलकर 323 रन बनाए. इस मुकाबले में कुल 30 विकेट गिरे और रन रेट सिर्फ 2.45 का ही रहा. यह मैच भी पूरी तरह गेंदबाजों के नाम रहा, जहां बल्लेबाज क्रीज पर टिक ही नहीं पाए.
सिडनी टेस्ट 1888
10 फरवरी 1888 को सिडनी में हुआ यह टेस्ट नया इतिहास बना गया. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ने मिलकर 374 रन बनाए थे. यही नहीं इस मैच में सभी 40 विकेट गिरे. रन रेट सिर्फ 1.98, यानी दो रन प्रति ओवर भी नहीं!
द ओवल 1890
1890 में द ओवल पर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर लो-स्कोरिंग मुकाबला खेला. दोनो टीमों ने मिलकर 389 रन बनाए और मैच में कुल 38 विकेट गिरे. इस दौरान रन रेट मात्र 2.01 का रहा, जो फिर से गेंदबाज़ों के दबदबे का सबूत था.
द ओवल 1896
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड ओवस में 1896 में एक बार फिर आमने-सामने आयी. इस मैच में भी कुल 392 रन बने और 40 विकेट गिरे. मुकाबले में रन रेट 2.24 रहा. यह मुकाबला शुरुआती एशेज टेस्ट की पिचों को पूरी तरह समझाता है - धीमी, उछालहीन और गेंदबाजों के लिए स्वर्ग.
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