Arattai App बनाकर चर्चा में आए जोहो कॉरपोरेशन के श्रीधर वेम्बू, जानें इनके पास कौन-कौन सी डिग्री

आजकल सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा में है एक भारतीय ऐप अराटाई (Arattai). पिछले कुछ दिनों में यह ऐप इतनी तेजी से लोकप्रिय हुआ है कि लोग इसे भारत का व्हाट्सएप कहने लगे हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे कौन व्यक्ति है जिसने इस ऐप को बनाया और वह कितने पढ़े-लिखे हैं, आइए जानते हैं. अराटाई ऐप के पीछे जोहो (Zoho) कंपनी के फाउंडर श्रीधर वेम्बू हैं. श्रीधर वेम्बू का जन्म 1968 में तमिलनाडु के तंजावुर जिले में हुआ था. बचपन से ही वे पढ़ाई में होशियार थे. उन्होंने IIT मद्रास से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया और फिर अमेरिका जाकर प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री हासिल की. भारत लौटने का फैसला श्रीधर ने अपने करियर की शुरुआत अमेरिका की बड़ी कंपनी क्वालकॉम (Qualcomm) से की, जहां वे वायरलेस तकनीक पर काम करते थे. लेकिन कुछ सालों बाद उन्होंने विदेश की आरामदायक जिंदगी छोड़ भारत लौटने का फैसला किया. यह कदम उस समय बेहद चौंकाने वाला था, क्योंकि बहुत से लोग वहां बसना चाहते थे, लेकिन श्रीधर ने देश के लिए काम करने की ठानी. गांव में बनाया ऑफिस अमेरिका से लौटने के बाद उन्होंने बेंगलुरू या हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में नहीं, बल्कि तमिलनाडु के तेनकासी जिले के एक छोटे से गांव में अपना ऑफिस बनाया. आज भी वे साइकिल से ऑफिस जाते हैं और गांव के युवाओं को आधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग देते हैं. उनका मानना है कि विश्व स्तरीय तकनीक केवल शहरों में नहीं, बल्कि गांवों में भी विकसित हो सकती है, अगर वहां के युवाओं को मौका दिया जाए. इस नाम से शुरू की कंपनी? वर्ष 1996 में श्रीधर वेम्बू ने अपने दोस्तों और परिवार के साथ मिलकर एडवेंटनेट नाम की कंपनी शुरू की, जो आगे चलकर जोहो कॉरपोरेशन (Zoho Corporation) बनी. इसका उद्देश्य था — एक भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी बनाना जो दुनिया से प्रतिस्पर्धा कर सके. साल 2021 में, जोहो ने एक और बड़ी पहल की और लॉन्च किया अराटाई (Arattai) नाम का मैसेजिंग ऐप. भारत का अपना व्हाट्सएप हाल ही में जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अराटाई ऐप को समर्थन दिया और लोगों से स्वदेशी डिजिटल प्लेटफॉर्म अपनाने की अपील की. रिपोर्ट्स के अनुसार सिर्फ तीन दिनों में इस ऐप के रोजाना साइन-अप 3,000 से बढ़कर 3,50,000 तक पहुंच गए. लोगों ने इसे “मेड इन इंडिया व्हाट्सएप” कहकर अपनाना शुरू कर दिया. फोर्ब्स इंडिया की 2024 की लिस्ट में वे भारत के 39वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं. उनकी कुल संपत्ति 5.85 बिलियन डॉलर यानी करीब 51,900 करोड़ रुपये आंकी गई है. उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2021 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया था.

Oct 7, 2025 - 16:30
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Arattai App बनाकर चर्चा में आए जोहो कॉरपोरेशन के श्रीधर वेम्बू, जानें इनके पास कौन-कौन सी डिग्री

आजकल सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा में है एक भारतीय ऐप अराटाई (Arattai). पिछले कुछ दिनों में यह ऐप इतनी तेजी से लोकप्रिय हुआ है कि लोग इसे भारत का व्हाट्सएप कहने लगे हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे कौन व्यक्ति है जिसने इस ऐप को बनाया और वह कितने पढ़े-लिखे हैं, आइए जानते हैं.

अराटाई ऐप के पीछे जोहो (Zoho) कंपनी के फाउंडर श्रीधर वेम्बू हैं. श्रीधर वेम्बू का जन्म 1968 में तमिलनाडु के तंजावुर जिले में हुआ था. बचपन से ही वे पढ़ाई में होशियार थे. उन्होंने IIT मद्रास से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया और फिर अमेरिका जाकर प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री हासिल की.

भारत लौटने का फैसला

श्रीधर ने अपने करियर की शुरुआत अमेरिका की बड़ी कंपनी क्वालकॉम (Qualcomm) से की, जहां वे वायरलेस तकनीक पर काम करते थे. लेकिन कुछ सालों बाद उन्होंने विदेश की आरामदायक जिंदगी छोड़ भारत लौटने का फैसला किया. यह कदम उस समय बेहद चौंकाने वाला था, क्योंकि बहुत से लोग वहां बसना चाहते थे, लेकिन श्रीधर ने देश के लिए काम करने की ठानी.

गांव में बनाया ऑफिस

अमेरिका से लौटने के बाद उन्होंने बेंगलुरू या हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में नहीं, बल्कि तमिलनाडु के तेनकासी जिले के एक छोटे से गांव में अपना ऑफिस बनाया. आज भी वे साइकिल से ऑफिस जाते हैं और गांव के युवाओं को आधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग देते हैं. उनका मानना है कि विश्व स्तरीय तकनीक केवल शहरों में नहीं, बल्कि गांवों में भी विकसित हो सकती है, अगर वहां के युवाओं को मौका दिया जाए.

इस नाम से शुरू की कंपनी?

वर्ष 1996 में श्रीधर वेम्बू ने अपने दोस्तों और परिवार के साथ मिलकर एडवेंटनेट नाम की कंपनी शुरू की, जो आगे चलकर जोहो कॉरपोरेशन (Zoho Corporation) बनी. इसका उद्देश्य था — एक भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी बनाना जो दुनिया से प्रतिस्पर्धा कर सके. साल 2021 में, जोहो ने एक और बड़ी पहल की और लॉन्च किया अराटाई (Arattai) नाम का मैसेजिंग ऐप.

भारत का अपना व्हाट्सएप

हाल ही में जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अराटाई ऐप को समर्थन दिया और लोगों से स्वदेशी डिजिटल प्लेटफॉर्म अपनाने की अपील की. रिपोर्ट्स के अनुसार सिर्फ तीन दिनों में इस ऐप के रोजाना साइन-अप 3,000 से बढ़कर 3,50,000 तक पहुंच गए. लोगों ने इसे “मेड इन इंडिया व्हाट्सएप” कहकर अपनाना शुरू कर दिया. फोर्ब्स इंडिया की 2024 की लिस्ट में वे भारत के 39वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं. उनकी कुल संपत्ति 5.85 बिलियन डॉलर यानी करीब 51,900 करोड़ रुपये आंकी गई है. उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2021 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया था.

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