Android Airdrop Trick: एंड्रॉयड में कैसे काम करता है एप्पल का एयरड्रॉप? 99% लोग नहीं जानते यह ट्रिक

Android airdrop trick: लंबे समय तक फाइल शेयरिंग के मामले में आईफोन यूजर्स को बड़ा फायदा मिलता रहा है. एयरड्रॉप के जरिए आईफोन, आईपैड और मैक के बीच बड़ी से बड़ी फाइल भी कुछ ही सेकंड में ट्रांसफर हो जाती है. वहीं एंड्रॉयड यूजर्स को इसके लिए थर्ड पार्टी ऐप्स या दूसरे ऑप्शन पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब यह स्थिति बदल गई है. गूगल ने अपने कुछ शेयर फीचर में बड़ा अपडेट करते हुए एंड्रॉयड और एप्पल डिवाइस के बीच फाइल शेयरिंग को आसान बना दिया है. खास बात यह है कि यह काम बिना किसी थर्ड पार्टी ऐप के और सीधे डिवाइस टू डिवाइस कनेक्शन के जरिए होगा. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि एप्पल का एयरड्राप एंड्रॉयड में कैसे काम करता है और इसके लिए कौन सी ट्रिक काम आती है.ये भी पढ़ें-WhatsApp Remind Me Feature: व्हाट्सऐप आपको खुद याद दिलाएगा कब क्या करना है काम? जानें इसे एक्टिव करने का तरीका एंड्रॉयड से आईफोन में ऐसे होगा फाइल शेयरनए अपडेट के बाद एंड्रॉयड यूजर सीधे आईफोन, आईपैड या मैक पर फाइल शेयर कर सकते हैं. इसके लिए सामने वाले आईफोन में एयरड्राप को एवरीवन 14 मिनट मोड पर रखना होगा. अब एंड्रॉयड में क्विक शेयर खोलकर पास में मौजूद एप्पल डिवाइस को सेलेक्ट कर फाइल भेजी जा सकती है. इस तरह अगर आईफोन से एंड्रॉयड में फाइल भेजनी हो तो एंड्रॉयड डिवाइस को भी डिस्कवरेबल करना होगा और आईफोन से एयरड्रॉप के जरिए फाइल भेजी जा सकती है.कैसे काम करता है यह सिस्टम?यह फीचर ब्लूटूथ और वाई-फाई के कॉन्बिनेशन पर काम करता है. पहले डिवाइस एक-दूसरे को पहचानते हैं और फिर पियर टू पियर कनेक्शन बनाकर सीधे फाइल ट्रांसफर करते हैं. इसमें इंटरनेट या सर्वर का इस्तेमाल नहीं होता है, जिससे डेटा सीधे एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस में जाता है. कंपनी के अनुसार इस प्रक्रिया में फाइल्स न तो कहीं स्टोर होती है और न ही किसी सर्वर से होकर गुजरती है, जिससे सिक्योरिटी भी बनी रहती है.पहले कैसे काम करता था एयरड्रॉप?पहले एयरड्रॉप केवल एप्पल डिवाइस के बीच ही काम करता था, इसके जरिए यूजर फोटो वीडियो या डॉक्यूमेंट आसानी से शेयर कर सकते थे. यह तकनीक ब्लूटूथ से डिवाइस को खोजती है और फिर वाई-फाई के जरिए तेज स्पीड के फाइल ट्रांसफर करती है. अब यही एक्सपीरियंस एंड्रॉयड यूजर्स को भी मिलने जा रहा है, जिससे दोनों प्लेटफार्म के बीच फाइल शेयर करना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा. कंपनी का दावा है कि यह सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है. फाइल ट्रांसफर के दौरान डेटा एन्क्रिप्टेड रहता है और किसी भी सर्वर पर सेव नहीं होता.  इसके अलावा फाइल भेजने से पहले दोनों यूजर्स को कंफर्मेशन भी देना होता है. माना जा रहा है कि इस अपडेट के बाद एंड्रॉयड और एप्पल यूजर्स के बीच फाइल शेयरिंग की बड़ी समस्या खत्म हो सकती है. अब फोटो वीडियो या डॉक्यूमेंट भेजने के लिए किसी ऐप या इंटरनेट की जरूरत नहीं होगी. ये भी पढ़ें-होटल-रेस्टोरेंट बिल में जोड़ रहे LPG चार्ज तो तुरंत ऐसे करें शिकायत, जानें पूरा प्रोसेस

Mar 30, 2026 - 14:30
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Android Airdrop Trick: एंड्रॉयड में कैसे काम करता है एप्पल का एयरड्रॉप? 99% लोग नहीं जानते यह ट्रिक

Android airdrop trick: लंबे समय तक फाइल शेयरिंग के मामले में आईफोन यूजर्स को बड़ा फायदा मिलता रहा है. एयरड्रॉप के जरिए आईफोन, आईपैड और मैक के बीच बड़ी से बड़ी फाइल भी कुछ ही सेकंड में ट्रांसफर हो जाती है. वहीं एंड्रॉयड यूजर्स को इसके लिए थर्ड पार्टी ऐप्स या दूसरे ऑप्शन पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब यह स्थिति बदल गई है.

गूगल ने अपने कुछ शेयर फीचर में बड़ा अपडेट करते हुए एंड्रॉयड और एप्पल डिवाइस के बीच फाइल शेयरिंग को आसान बना दिया है. खास बात यह है कि यह काम बिना किसी थर्ड पार्टी ऐप के और सीधे डिवाइस टू डिवाइस कनेक्शन के जरिए होगा. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि एप्पल का एयरड्राप एंड्रॉयड में कैसे काम करता है और इसके लिए कौन सी ट्रिक काम आती है.

ये भी पढ़ें-WhatsApp Remind Me Feature: व्हाट्सऐप आपको खुद याद दिलाएगा कब क्या करना है काम? जानें इसे एक्टिव करने का तरीका

एंड्रॉयड से आईफोन में ऐसे होगा फाइल शेयर

नए अपडेट के बाद एंड्रॉयड यूजर सीधे आईफोन, आईपैड या मैक पर फाइल शेयर कर सकते हैं. इसके लिए सामने वाले आईफोन में एयरड्राप को एवरीवन 14 मिनट मोड पर रखना होगा. अब एंड्रॉयड में क्विक शेयर खोलकर पास में मौजूद एप्पल डिवाइस को सेलेक्ट कर फाइल भेजी जा सकती है. इस तरह अगर आईफोन से एंड्रॉयड में फाइल भेजनी हो तो एंड्रॉयड डिवाइस को भी डिस्कवरेबल करना होगा और आईफोन से एयरड्रॉप के जरिए फाइल भेजी जा सकती है.

कैसे काम करता है यह सिस्टम?

यह फीचर ब्लूटूथ और वाई-फाई के कॉन्बिनेशन पर काम करता है. पहले डिवाइस एक-दूसरे को पहचानते हैं और फिर पियर टू पियर कनेक्शन बनाकर सीधे फाइल ट्रांसफर करते हैं. इसमें इंटरनेट या सर्वर का इस्तेमाल नहीं होता है, जिससे डेटा सीधे एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस में जाता है. कंपनी के अनुसार इस प्रक्रिया में फाइल्स न तो कहीं स्टोर होती है और न ही किसी सर्वर से होकर गुजरती है, जिससे सिक्योरिटी भी बनी रहती है.

पहले कैसे काम करता था एयरड्रॉप?

पहले एयरड्रॉप केवल एप्पल डिवाइस के बीच ही काम करता था, इसके जरिए यूजर फोटो वीडियो या डॉक्यूमेंट आसानी से शेयर कर सकते थे. यह तकनीक ब्लूटूथ से डिवाइस को खोजती है और फिर वाई-फाई के जरिए तेज स्पीड के फाइल ट्रांसफर करती है. अब यही एक्सपीरियंस एंड्रॉयड यूजर्स को भी मिलने जा रहा है, जिससे दोनों प्लेटफार्म के बीच फाइल शेयर करना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा. कंपनी का दावा है कि यह सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है. फाइल ट्रांसफर के दौरान डेटा एन्क्रिप्टेड रहता है और किसी भी सर्वर पर सेव नहीं होता.  इसके अलावा फाइल भेजने से पहले दोनों यूजर्स को कंफर्मेशन भी देना होता है. माना जा रहा है कि इस अपडेट के बाद एंड्रॉयड और एप्पल यूजर्स के बीच फाइल शेयरिंग की बड़ी समस्या खत्म हो सकती है. अब फोटो वीडियो या डॉक्यूमेंट भेजने के लिए किसी ऐप या इंटरनेट की जरूरत नहीं होगी.

ये भी पढ़ें-होटल-रेस्टोरेंट बिल में जोड़ रहे LPG चार्ज तो तुरंत ऐसे करें शिकायत, जानें पूरा प्रोसेस

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