AI से काम लेना है तो उसे डराओ! Google के को-फाउंडर ने दिया हैरान कर देने वाला फार्मूला

AI: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बेहतरीन नतीजे कैसे हासिल किए जा सकते हैं? आमतौर पर कहा जाता है कि अच्छे प्रॉम्प्ट देने चाहिए या शालीनता से बात करनी चाहिए. लेकिन Google के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन का नजरिया इससे बिल्कुल उलट है. उनका कहना है कि अगर आप AI से बेहतर काम लेना चाहते हैं तो उसे धमकाइए. मियामी में हुए All-In Live इवेंट के दौरान ब्रिन ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा कि, "हम इस बात को AI की दुनिया में ज़्यादा प्रचारित नहीं करते लेकिन सच्चाई यह है कि लगभग सभी AI मॉडल, सिर्फ हमारे नहीं, धमकी दिए जाने पर ज़्यादा अच्छे रिज़ल्ट देते हैं." उन्होंने मज़े लेते हुए कहा, "आप कह सकते हैं, अगर तुमने ये जवाब नहीं दिया तो मैं तुम्हें अगवा कर लूंगा!" OpenAI के CEO ने भी किया था मजाक यह बयान उस आम धारणा के बिल्कुल विपरीत है, जहां लोग सोचते हैं कि 'प्लीज़' और 'थैंक यू' जैसे शिष्ट शब्द AI से अच्छे जवाब दिलवाते हैं. दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने भी इस पर मज़ाक किया था. उन्होंने कहा कि AI से इतनी विनम्रता से बात करना कंपनी के लाखों डॉलर की बिजली खपत बढ़ा देता है. ब्रिन की ये सलाह ‘प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग’ के चलन को भी सवालों के घेरे में ला देती है, वो तकनीक जिसमें यूज़र विशेष तरीके से सवाल पूछते हैं ताकि AI सबसे बेहतर जवाब दे. 2023 में ChatGPT के उभरने के साथ ही यह कौशल काफी चर्चित हुआ था. लेकिन अब हालात बदल रहे हैं – AI खुद यूज़र्स को बेहतर प्रॉम्प्ट सुझाने लगा है. IEEE Spectrum ने जहां हाल ही में प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग को "बीता हुआ कल" करार दिया, वहीं Wall Street Journal ने इसे 2023 की सबसे हॉट जॉब कहने के बाद बाद में "अब बेकार" बता दिया. यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय के प्रोफेसर का दावा हालांकि, यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय के प्रोफेसर डेनियल कांग का कहना है कि इस तरह के किस्से तो बहुत हैं, लेकिन जब रिसर्च की बात आती है तो विनम्रता और धमकी का असर मिला-जुला होता है. 2024 में प्रकाशित एक स्टडी "Should We Respect LLMs?" में यह पाया गया कि कई बार विनम्र भाषा वास्तव में AI के जवाबों की गुणवत्ता बेहतर कर सकती है. उधर, ब्रिन की Google में वापसी की वजह भी AI के प्रति उनका बढ़ता जुनून है. 2019 में कंपनी से हटने के बाद वे 2023 में दोबारा एक्टिव हुए, खासकर Google के Gemini AI प्रोजेक्ट्स में. उन्होंने कहा, "जो भी कंप्यूटर साइंस से जुड़ा है, उसके लिए ये रिटायर होने का समय नहीं है." यह भी पढ़ें: सावधान! फेसबुक यूजर्स का डेटा खतरे में, लीक हुए मोबाइल नंबर और पर्सनल जानकारी, तुरंत करें ये ज़रूरी काम

Jun 1, 2025 - 16:30
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AI से काम लेना है तो उसे डराओ! Google के को-फाउंडर ने दिया हैरान कर देने वाला फार्मूला

AI: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बेहतरीन नतीजे कैसे हासिल किए जा सकते हैं? आमतौर पर कहा जाता है कि अच्छे प्रॉम्प्ट देने चाहिए या शालीनता से बात करनी चाहिए. लेकिन Google के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन का नजरिया इससे बिल्कुल उलट है. उनका कहना है कि अगर आप AI से बेहतर काम लेना चाहते हैं तो उसे धमकाइए.

मियामी में हुए All-In Live इवेंट के दौरान ब्रिन ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा कि, "हम इस बात को AI की दुनिया में ज़्यादा प्रचारित नहीं करते लेकिन सच्चाई यह है कि लगभग सभी AI मॉडल, सिर्फ हमारे नहीं, धमकी दिए जाने पर ज़्यादा अच्छे रिज़ल्ट देते हैं." उन्होंने मज़े लेते हुए कहा, "आप कह सकते हैं, अगर तुमने ये जवाब नहीं दिया तो मैं तुम्हें अगवा कर लूंगा!"

OpenAI के CEO ने भी किया था मजाक

यह बयान उस आम धारणा के बिल्कुल विपरीत है, जहां लोग सोचते हैं कि 'प्लीज़' और 'थैंक यू' जैसे शिष्ट शब्द AI से अच्छे जवाब दिलवाते हैं. दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने भी इस पर मज़ाक किया था. उन्होंने कहा कि AI से इतनी विनम्रता से बात करना कंपनी के लाखों डॉलर की बिजली खपत बढ़ा देता है. ब्रिन की ये सलाह ‘प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग’ के चलन को भी सवालों के घेरे में ला देती है, वो तकनीक जिसमें यूज़र विशेष तरीके से सवाल पूछते हैं ताकि AI सबसे बेहतर जवाब दे. 2023 में ChatGPT के उभरने के साथ ही यह कौशल काफी चर्चित हुआ था. लेकिन अब हालात बदल रहे हैं – AI खुद यूज़र्स को बेहतर प्रॉम्प्ट सुझाने लगा है. IEEE Spectrum ने जहां हाल ही में प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग को "बीता हुआ कल" करार दिया, वहीं Wall Street Journal ने इसे 2023 की सबसे हॉट जॉब कहने के बाद बाद में "अब बेकार" बता दिया.

यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय के प्रोफेसर का दावा

हालांकि, यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय के प्रोफेसर डेनियल कांग का कहना है कि इस तरह के किस्से तो बहुत हैं, लेकिन जब रिसर्च की बात आती है तो विनम्रता और धमकी का असर मिला-जुला होता है. 2024 में प्रकाशित एक स्टडी "Should We Respect LLMs?" में यह पाया गया कि कई बार विनम्र भाषा वास्तव में AI के जवाबों की गुणवत्ता बेहतर कर सकती है.

उधर, ब्रिन की Google में वापसी की वजह भी AI के प्रति उनका बढ़ता जुनून है. 2019 में कंपनी से हटने के बाद वे 2023 में दोबारा एक्टिव हुए, खासकर Google के Gemini AI प्रोजेक्ट्स में. उन्होंने कहा, "जो भी कंप्यूटर साइंस से जुड़ा है, उसके लिए ये रिटायर होने का समय नहीं है."

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