Afghanistan India Relations: तालिबान सरकार ने पाकिस्तान को दिया सदमा! विदेश मंत्री के बाद उद्योग मंत्री को भेजा भारत, जानें क्या है कारण

अफगानिस्तान के उद्योग और वाणिज्य मंत्री अलहाज नूरुद्दीन अजीजी भारत की 5 दिन की आधिकारिक यात्रा के लिए बुधवार (19 नवंबर 2025) को दिल्ली पहुंचे. यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब कुछ ही सप्ताह पहले अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी भी नई दिल्ली आए थे. लगातार हो रही इन यात्राओं ने भारत और अफगानिस्तान के बीच संबंधों में एक नई सक्रियता ला दी है, खासकर व्यापार और निवेश के क्षेत्र में. भारतीय विदेश मंत्रालय ने अजीजी के आगमन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनकी यात्रा से दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों को नई गति मिलेगी. अपनी यात्रा के दौरान अजीजी भारतीय अधिकारियों से मिलकर व्यापार को सुचारु बनाने, ट्रांज़िट रूटों को आसान करने और अफ़ग़ान कारोबारियों के लिए नए अवसर तलाशने पर चर्चा करेंगे. इसके साथ ही वह प्रगति मैदान में चल रहे भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का निरीक्षण भी करेंगे. अफग़ानिस्तान चाहता है कि उसके ड्राई फ्रूट, केसर, चाय और खनिज भारत के बाजार में पहले से अधिक जगह बनाएं और इस दौरे का फोकस भी यही है. तालिबान शासन के बाद भारत की ओर अफगानिस्तान की दूसरी बड़ी यात्राअगस्त 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद यह अफगानिस्तान की ओर से भारत की दूसरी सबसे उच्च स्तरीय यात्रा मानी जा रही है. पिछले साल विदेश मंत्री मुत्ताक़ी की दिल्ली यात्रा के बाद भारत ने काबुल में अपने तकनीकी मिशन को फिर से दूतावास का दर्जा देकर सक्रिय कर दिया था. दिल्ली ने इसे अफगानिस्तान में अपनी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा बताया था. भारत–अफग़ान रिश्तों में नया दौरभारत ने अब तक तालिबान शासन को औपचारिक पहचान नहीं दी है, लेकिन सहायता, चिकित्सा सामग्री, छात्रवृत्ति और सीमित व्यापार के माध्यम से संबंध बनाए रखे हैं. अजीजी का यह दौरा इस बात का संकेत माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच व्यवहारिक कूटनीति तेजी से मजबूत हो रही है. ये भी पढ़ें: Explained: मुंबई-कोलकाता डूबेंगे, भयंकर भुखमरी, सूखा और मौतें, क्लाइमेट चेंज से भारत को क्या-क्या भुगतना पड़ेगा?

Nov 19, 2025 - 21:30
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Afghanistan India Relations: तालिबान सरकार ने पाकिस्तान को दिया सदमा! विदेश मंत्री के बाद उद्योग मंत्री को भेजा भारत, जानें क्या है कारण

अफगानिस्तान के उद्योग और वाणिज्य मंत्री अलहाज नूरुद्दीन अजीजी भारत की 5 दिन की आधिकारिक यात्रा के लिए बुधवार (19 नवंबर 2025) को दिल्ली पहुंचे. यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब कुछ ही सप्ताह पहले अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी भी नई दिल्ली आए थे. लगातार हो रही इन यात्राओं ने भारत और अफगानिस्तान के बीच संबंधों में एक नई सक्रियता ला दी है, खासकर व्यापार और निवेश के क्षेत्र में.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने अजीजी के आगमन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनकी यात्रा से दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों को नई गति मिलेगी. अपनी यात्रा के दौरान अजीजी भारतीय अधिकारियों से मिलकर व्यापार को सुचारु बनाने, ट्रांज़िट रूटों को आसान करने और अफ़ग़ान कारोबारियों के लिए नए अवसर तलाशने पर चर्चा करेंगे. इसके साथ ही वह प्रगति मैदान में चल रहे भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का निरीक्षण भी करेंगे. अफग़ानिस्तान चाहता है कि उसके ड्राई फ्रूट, केसर, चाय और खनिज भारत के बाजार में पहले से अधिक जगह बनाएं और इस दौरे का फोकस भी यही है.

तालिबान शासन के बाद भारत की ओर अफगानिस्तान की दूसरी बड़ी यात्रा
अगस्त 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद यह अफगानिस्तान की ओर से भारत की दूसरी सबसे उच्च स्तरीय यात्रा मानी जा रही है. पिछले साल विदेश मंत्री मुत्ताक़ी की दिल्ली यात्रा के बाद भारत ने काबुल में अपने तकनीकी मिशन को फिर से दूतावास का दर्जा देकर सक्रिय कर दिया था. दिल्ली ने इसे अफगानिस्तान में अपनी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा बताया था.

भारत–अफग़ान रिश्तों में नया दौर
भारत ने अब तक तालिबान शासन को औपचारिक पहचान नहीं दी है, लेकिन सहायता, चिकित्सा सामग्री, छात्रवृत्ति और सीमित व्यापार के माध्यम से संबंध बनाए रखे हैं. अजीजी का यह दौरा इस बात का संकेत माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच व्यवहारिक कूटनीति तेजी से मजबूत हो रही है.

ये भी पढ़ें: Explained: मुंबई-कोलकाता डूबेंगे, भयंकर भुखमरी, सूखा और मौतें, क्लाइमेट चेंज से भारत को क्या-क्या भुगतना पड़ेगा?

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