70 लाख कैश जब्त... 110 बैंक अकाउंट फ्रीज, जयपुर 82.53 किलो कोकीन केस में ED का एक्शन, सामने आए चौंकाने वाले खुलासे
ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े 82.53 किलो कोकीन केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने 14 नवंबर 2025 को दिल्ली-एनसीआर और जयपुर में पांच जगहों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत की गई है. यह वही केस है जिसमें NCB ने नवंबर 2024 में भारी मात्रा में कोकीन पकड़ी थी. कहां हुई छापेमारी?ED ने दिल्ली-एनसीआर और जयपुर में कुल पांच लोकेशनों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया. सभी जगहों पर ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े लोगों और कंपनियों की गतिविधियों की जांच की गई. मामला किससे जुड़ा है?यह छापेमारी उस केस का हिस्सा है, जिसमें नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने नवंबर 2024 में 82.53 किलो कोकीन बरामद की थी. इस बरामदगी के बाद कई व्यक्तियों और कुछ कंपनियों पर ड्रग तस्करी में शामिल होने का मामला दर्ज किया गया था. छापेमारी में क्या मिला?कार्रवाई के दौरान ED को 70 लाख रुपये नकद मिले. इसके अलावा जांच टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और पैसों के लेन-देन से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड भी मिले, जिन्हें एजेंसी ने अपने कब्जे में ले लिया है. ऑनलाइन जुआ और बेटिंग ऐप्स से पैसे की हेराफेरीED की जांच में यह बात सामने आई कि यह गैंग ऑनलाइन जुआ और बेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल करके बड़ी मात्रा में पैसा एक जगह से दूसरी जगह भेज रहा था. इसी के तहत एजेंसी ने 110 फर्जी बैंक खातों को फ्रीज किया है. इनमें से 73 खाते UPI आईडी और डिजिटल वॉलेट से जुड़े हुए थे, जिनका इस्तेमाल अवैध लेनदेन में किया जा रहा था. दुबई के क्रिप्टो वॉलेट का इस्तेमालजांच में यह भी पता चला कि इस पूरे नेटवर्क में दुबई के क्रिप्टो वॉलेट्स का उपयोग किया जा रहा था. इसका उद्देश्य यह था कि पैसे को देश से बाहर भेजना आसान हो जाए और धन-शोधन के इस पूरे सिस्टम का पता न चल सके. एजेंसी इस रैकेट की पूरी फाइनेंशल चैन को तोड़ने की कोशिश कर रही है. इसका मतलब है कि ED उन सभी तरीकों और रास्तों को खत्म करना चाहती है जिनके जरिए ड्रग कार्टेल और ऑनलाइन जुआ सिंडिकेट पैसा कमाते हैं और उसे छिपाते हैं. ED अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क के असली मास्टरमाइंड कौन हैं. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन लोगों ने देश और विदेश में कितनी संपत्ति जमा की है.
ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े 82.53 किलो कोकीन केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने 14 नवंबर 2025 को दिल्ली-एनसीआर और जयपुर में पांच जगहों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत की गई है. यह वही केस है जिसमें NCB ने नवंबर 2024 में भारी मात्रा में कोकीन पकड़ी थी.
कहां हुई छापेमारी?
ED ने दिल्ली-एनसीआर और जयपुर में कुल पांच लोकेशनों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया. सभी जगहों पर ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े लोगों और कंपनियों की गतिविधियों की जांच की गई.
मामला किससे जुड़ा है?
यह छापेमारी उस केस का हिस्सा है, जिसमें नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने नवंबर 2024 में 82.53 किलो कोकीन बरामद की थी. इस बरामदगी के बाद कई व्यक्तियों और कुछ कंपनियों पर ड्रग तस्करी में शामिल होने का मामला दर्ज किया गया था.
छापेमारी में क्या मिला?
कार्रवाई के दौरान ED को 70 लाख रुपये नकद मिले. इसके अलावा जांच टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और पैसों के लेन-देन से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड भी मिले, जिन्हें एजेंसी ने अपने कब्जे में ले लिया है.
ऑनलाइन जुआ और बेटिंग ऐप्स से पैसे की हेराफेरी
ED की जांच में यह बात सामने आई कि यह गैंग ऑनलाइन जुआ और बेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल करके बड़ी मात्रा में पैसा एक जगह से दूसरी जगह भेज रहा था. इसी के तहत एजेंसी ने 110 फर्जी बैंक खातों को फ्रीज किया है. इनमें से 73 खाते UPI आईडी और डिजिटल वॉलेट से जुड़े हुए थे, जिनका इस्तेमाल अवैध लेनदेन में किया जा रहा था.
दुबई के क्रिप्टो वॉलेट का इस्तेमाल
जांच में यह भी पता चला कि इस पूरे नेटवर्क में दुबई के क्रिप्टो वॉलेट्स का उपयोग किया जा रहा था. इसका उद्देश्य यह था कि पैसे को देश से बाहर भेजना आसान हो जाए और धन-शोधन के इस पूरे सिस्टम का पता न चल सके. एजेंसी इस रैकेट की पूरी फाइनेंशल चैन को तोड़ने की कोशिश कर रही है. इसका मतलब है कि ED उन सभी तरीकों और रास्तों को खत्म करना चाहती है जिनके जरिए ड्रग कार्टेल और ऑनलाइन जुआ सिंडिकेट पैसा कमाते हैं और उसे छिपाते हैं.
ED अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क के असली मास्टरमाइंड कौन हैं. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन लोगों ने देश और विदेश में कितनी संपत्ति जमा की है.
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