7 करोड़ का फंड बनाना है तो कितनी SIP करनी होगी? समझें 15 साल का पूरा गणित
क्या SIP के जरिए 15 साल में 7 करोड़ रुपये का फंड बनाया जा सकता है? सुनने में ये रकम काफी बड़ी लगती है, लेकिन सही इन्वेस्टमेंट और लंबे समय के साथ ये मकसद हासिल करना मुमकिन हो सकता है. लेकिन, इसके लिए हर महीने कितनी रकम लगानी होगी और कितना रिटर्न चाहिए, इसका हिसाब समझना जरूरी है. अगर किसी पैसा लगाने वाले को आम तौर पर 12% साल का रिटर्न मिलता है और वो 15 साल तक SIP जारी रखता है, तो करीब 7 करोड़ रुपये का फंड बनाया जा सकता है. इसके लिए हर महीने लगभग 1.5 लाख रुपये इन्वेस्टमेंट करने होंगे. इस हिसाब से इन्वेस्टर 15 साल में कुल 2.7 करोड़ रुपये अपनी जेब से लगाएगा. अगर इन्वेस्ट पर आम तौर पर 12% रिटर्न मिलता है, तो उसके हिसाब से करीब 4.44 करोड़ रुपये का फायदा हो सकता है. इस तरह 15 साल के आखिर में कुल रकम लगभग 7.14 करोड़ रुपये पहुंच सकती है. यह भी पढ़ें- जुकरबर्ग बने किले के मालिक, आयरलैंड में खरीदा 200 साल पुराना आलीशान महल कंपाउंडिंग कैसे करेगी काम इसमें सबसे अहम जिम्मेदारी कंपाउंडिंग की होती है. शुरुआती सालों में मिलने वाला रिटर्न आगे चलकर दोबारा रिटर्न कमाने में मदद करता है. जैसे जैसे इन्वेस्टमेंट का समय ज्यादा होता है, फंड की रकम भी तेजी से ज्यादा हो सकती है. हर महीने 1.5 लाख रुपये की SIP शुरू करना हर इनवेस्टर्स के लिए आसान नहीं हो सकता. ऐसे में स्टेप-अप SIP का ऑप्शन अपनाया जा सकता है. इसमें शुरुआत में कम पैसे से शुरू करके कमाई ज्यादा होने के साथ SIP की रकम भी ज्यादा की जाती है. इससे शुरुआत के सालों में इन्वेस्टमेंट का बोझ कम रहता है और समय के साथ इन्वेस्टमेंट ज्यादा किया जा सकता है. रिटर्न की गारंटी नहीं ये पूरा हिसाब 12% औसत साल का रिटर्न मानकर लगाया गया है. असल में म्यूचुअल फंड का रिटर्न फिक्स नहीं होता और बाजार के अनुसार इसमें उतार चढ़ाव हो सकता है. इसलिए 7 करोड़ रुपये का मकसद मुमकिन तो है, लेकिन इसके लिए बड़ा इन्वेस्टमेंट, लंबा समय और बाजार में अच्छा काम जरूरी होगा. ज्यादातर मिडिल क्लास इनवेस्टर्स के लिए ये एक बड़ा फाइनेंसियल मकसद है, SIP में फिक्स रिटर्न नहीं मिलता. यह भी पढ़ें- महंगी चीनी का कारण क्या एथेनॉल है? सरकार ने बताई सच्चाई
क्या SIP के जरिए 15 साल में 7 करोड़ रुपये का फंड बनाया जा सकता है? सुनने में ये रकम काफी बड़ी लगती है, लेकिन सही इन्वेस्टमेंट और लंबे समय के साथ ये मकसद हासिल करना मुमकिन हो सकता है. लेकिन, इसके लिए हर महीने कितनी रकम लगानी होगी और कितना रिटर्न चाहिए, इसका हिसाब समझना जरूरी है.
अगर किसी पैसा लगाने वाले को आम तौर पर 12% साल का रिटर्न मिलता है और वो 15 साल तक SIP जारी रखता है, तो करीब 7 करोड़ रुपये का फंड बनाया जा सकता है. इसके लिए हर महीने लगभग 1.5 लाख रुपये इन्वेस्टमेंट करने होंगे.
इस हिसाब से इन्वेस्टर 15 साल में कुल 2.7 करोड़ रुपये अपनी जेब से लगाएगा. अगर इन्वेस्ट पर आम तौर पर 12% रिटर्न मिलता है, तो उसके हिसाब से करीब 4.44 करोड़ रुपये का फायदा हो सकता है. इस तरह 15 साल के आखिर में कुल रकम लगभग 7.14 करोड़ रुपये पहुंच सकती है.
यह भी पढ़ें- जुकरबर्ग बने किले के मालिक, आयरलैंड में खरीदा 200 साल पुराना आलीशान महल
कंपाउंडिंग कैसे करेगी काम
इसमें सबसे अहम जिम्मेदारी कंपाउंडिंग की होती है. शुरुआती सालों में मिलने वाला रिटर्न आगे चलकर दोबारा रिटर्न कमाने में मदद करता है. जैसे जैसे इन्वेस्टमेंट का समय ज्यादा होता है, फंड की रकम भी तेजी से ज्यादा हो सकती है.
हर महीने 1.5 लाख रुपये की SIP शुरू करना हर इनवेस्टर्स के लिए आसान नहीं हो सकता. ऐसे में स्टेप-अप SIP का ऑप्शन अपनाया जा सकता है. इसमें शुरुआत में कम पैसे से शुरू करके कमाई ज्यादा होने के साथ SIP की रकम भी ज्यादा की जाती है. इससे शुरुआत के सालों में इन्वेस्टमेंट का बोझ कम रहता है और समय के साथ इन्वेस्टमेंट ज्यादा किया जा सकता है.
रिटर्न की गारंटी नहीं
ये पूरा हिसाब 12% औसत साल का रिटर्न मानकर लगाया गया है. असल में म्यूचुअल फंड का रिटर्न फिक्स नहीं होता और बाजार के अनुसार इसमें उतार चढ़ाव हो सकता है. इसलिए 7 करोड़ रुपये का मकसद मुमकिन तो है, लेकिन इसके लिए बड़ा इन्वेस्टमेंट, लंबा समय और बाजार में अच्छा काम जरूरी होगा. ज्यादातर मिडिल क्लास इनवेस्टर्स के लिए ये एक बड़ा फाइनेंसियल मकसद है, SIP में फिक्स रिटर्न नहीं मिलता.
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