55 परसेंट तक चढ़ने का दम रखता है यह एनर्जी स्टॉक, मोतीलाल ओसवाल ने दी 'खरीदने' की सलाह

Suzlon Energy: घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज एनर्जी स्टॉक सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) को लेकर पॉजिटिव बनी हुई है. ब्रोकरेज का मानना है कि इसके रिस्क रिवॉर्ड रेश्यो से निवेशकों को फायदा होने के संकेत मिल रहे हैं. रिस्क रिवॉर्ड रेश्यो एक ऐसा मीट्रिक है, जो यह मापता है कि आप कितना जोखिम लेकर दांव लगा रहे हैं और इस पर आपको कितना मुनाफा कमाने की उम्मीद है. हालांकि, हाल के दिनों में यह एनर्जी स्टॉक दबाव में नजर आया. कारोबारी साल 2026 में इसमें अब तक 26 परसेंट तक की गिरावट आ चुकी है.  क्यों मोतीलाल को है स्टॉक से उम्मीद?  मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि निवेशक खासतौर पर सोलर + BESS सेगमेंट से टेंडर में विंड शेयर के कम होने, विंड इंस्टॉलेशन की धीमी गति और विंड सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा से परेशान हैं. बावजूद इसके, मोतीलाल ने स्टॉक पर अपनी 'Buy' रेटिंग को बरकरार रखा. इससे शेयरों में 55 परसेंट तक की उछाल आने की तेज संभावनाएं बनी हुई हैं. ब्रोकरेज का कहना है कि हम आने वाले समय में 20-24GW की अतिरिक्त मांग का अनुमान लगा रहे हैं. हमारा अनुमान है कि डेटा सेंटर, C&I उपभोक्ता और PSU मिलकर 2030 तक 20-24GW तक अतिरिक्त विंड एनर्जी की डिमांड (इसमें 20 परसेंट डेटा सेंटर से, 45 परसेंट C&I उपभोक्ताओं से और 35 PSU से शामिल हैं) बढ़ सकती है. यह FY30 तक भारत की  100GW तक विंड एनर्जी कैपेसिटी हासिल करने के टारगेट से अधिक है. क्या है कंपनी की EPC स्ट्रैटेजी? कंपनी की EPC रणनीति इसके शेयरों को लेकर ब्रोकरेज के पॉजिटिव रूख की एक बड़ी वजह है. कंपनी अपने ऑर्डर बुक में  EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) हिस्सेदारी को 50 परसेंट तक बढ़ाने का टारगेट लेकर चल रही है. इसके EPC सेगमेंट में चीनी OEM (ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर) की भी भागीदारी सीमित है. ब्रोकरेज का कहना है कि दूसरी घरेलू कंपनियों के मुकाबले समय पर ऑर्डर निपटाने का कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड भी इसे जटिल और बड़े प्रोजेक्ट्स हासिल करने के लिए अनुकूल स्थिति में रखती है.                                                                                                                                                    सुजलॉन के शेयरों का हाल मंगलवार को सुजलॉन एनर्जी के शेयर में 2 परसेंट की गिरावट आई, जिससे यह 47.17 रुपये पर आ गया और इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 65,000 करोड़ रुपये से नीचे चला गया. पिछले एक महीने में स्टॉक में 11 परसेंट और छह महीनों में लगभग 30 परसेंट की गिरावट आई है.           डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.) ये भी पढ़ें: पैसा रखे हैं न तैयार? जानें कब लॉन्च होने जा रहा 'मदर ऑफ आईपीओ', सरकारी नोटिफिकेशन के मिलने का इंतजार 

Jan 20, 2026 - 16:30
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55 परसेंट तक चढ़ने का दम रखता है यह एनर्जी स्टॉक, मोतीलाल ओसवाल ने दी 'खरीदने' की सलाह

Suzlon Energy: घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज एनर्जी स्टॉक सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) को लेकर पॉजिटिव बनी हुई है. ब्रोकरेज का मानना है कि इसके रिस्क रिवॉर्ड रेश्यो से निवेशकों को फायदा होने के संकेत मिल रहे हैं.

रिस्क रिवॉर्ड रेश्यो एक ऐसा मीट्रिक है, जो यह मापता है कि आप कितना जोखिम लेकर दांव लगा रहे हैं और इस पर आपको कितना मुनाफा कमाने की उम्मीद है. हालांकि, हाल के दिनों में यह एनर्जी स्टॉक दबाव में नजर आया. कारोबारी साल 2026 में इसमें अब तक 26 परसेंट तक की गिरावट आ चुकी है. 

क्यों मोतीलाल को है स्टॉक से उम्मीद? 

मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि निवेशक खासतौर पर सोलर + BESS सेगमेंट से टेंडर में विंड शेयर के कम होने, विंड इंस्टॉलेशन की धीमी गति और विंड सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा से परेशान हैं. बावजूद इसके, मोतीलाल ने स्टॉक पर अपनी 'Buy' रेटिंग को बरकरार रखा. इससे शेयरों में 55 परसेंट तक की उछाल आने की तेज संभावनाएं बनी हुई हैं.

ब्रोकरेज का कहना है कि हम आने वाले समय में 20-24GW की अतिरिक्त मांग का अनुमान लगा रहे हैं. हमारा अनुमान है कि डेटा सेंटर, C&I उपभोक्ता और PSU मिलकर 2030 तक 20-24GW तक अतिरिक्त विंड एनर्जी की डिमांड (इसमें 20 परसेंट डेटा सेंटर से, 45 परसेंट C&I उपभोक्ताओं से और 35 PSU से शामिल हैं) बढ़ सकती है. यह FY30 तक भारत की  100GW तक विंड एनर्जी कैपेसिटी हासिल करने के टारगेट से अधिक है.

क्या है कंपनी की EPC स्ट्रैटेजी?

कंपनी की EPC रणनीति इसके शेयरों को लेकर ब्रोकरेज के पॉजिटिव रूख की एक बड़ी वजह है. कंपनी अपने ऑर्डर बुक में  EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) हिस्सेदारी को 50 परसेंट तक बढ़ाने का टारगेट लेकर चल रही है. इसके EPC सेगमेंट में चीनी OEM (ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर) की भी भागीदारी सीमित है. ब्रोकरेज का कहना है कि दूसरी घरेलू कंपनियों के मुकाबले समय पर ऑर्डर निपटाने का कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड भी इसे जटिल और बड़े प्रोजेक्ट्स हासिल करने के लिए अनुकूल स्थिति में रखती है.                                                                                                                                                   

सुजलॉन के शेयरों का हाल

मंगलवार को सुजलॉन एनर्जी के शेयर में 2 परसेंट की गिरावट आई, जिससे यह 47.17 रुपये पर आ गया और इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 65,000 करोड़ रुपये से नीचे चला गया. पिछले एक महीने में स्टॉक में 11 परसेंट और छह महीनों में लगभग 30 परसेंट की गिरावट आई है.          

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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