हार नहीं मानी, चौथे प्रयास में UPSC में जम्मू-कश्मीर की डॉ. इरम चौधरी ने लहराया परचम

UPSC Success Story: जब हौसले बुलंद हों और इरादे मजबूत, तो हर असफलता सिर्फ एक सीख बन जाती है. जम्मू-कश्मीर की डॉ. इरम चौधरी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. तीन बार असफलता का सामना करने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और चौथे प्रयास में UPSC CSE 2024 में देशभर में 40वीं रैंक हासिल कर दिखाया. उनकी यह सफलता उन लाखों युवाओं को प्रेरणा देती है जो कभी न कभी हताशा से गुजरते हैं. डॉ. इरम चौधरी का ताल्लुक जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले से हैं. वहां से निकलकर देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षा में टॉप रैंक लाना आसान नहीं था. लेकिन डॉ. इरम ने न मुश्किलों को देखा, न हालातों का रोना रोया. उन्होंने सिर्फ अपने लक्ष्य को देखा और उस पर मेहनत की. यह भी पढे़ं: सड़क किनारे बैठकर पंक्चर लगाते थे पिता, अब बेटे ने पास की UPSC परीक्षा- ऐसा रहा पूरा सफर लगातार तीन प्रयासों में असफल डॉ. इरम ने 2018 में MBBS की डिग्री हासिल की थी. इसके बाद उन्होंने तय किया कि अब देश की सेवा का रास्ता सिविल सेवा से होगा. लगातार तीन प्रयासों में असफल होने के बाद भी उन्होंने न हिम्मत हारी और न उम्मीद छोड़ी. बिना किसी कोचिंग क्लास के, केवल खुद की रणनीति और आत्मविश्वास के साथ UPSC की तैयारी की और चौथे प्रयास में बाजी मार ली. यह भी पढे़ं: सिलाई मशीन की आवाज में पले बेटे ने रच दिया इतिहास, पहली बार में ही क्रैक किया UPSC 2023 में भी दिया था एग्जाम, 906 अंक मिले थे UPSC 2023 की परीक्षा में इरम ने लिखित में 724 और इंटरव्यू में 182 अंक हासिल किए थे. कुल मिलाकर उन्हें 906 अंक मिले, जो उनकी मेहनत और तैयारी का साफ सबूत हैं और अब 2024 में उन्होंने देशभर में 40वीं रैंक हासिल कर ली है. डॉ. इरम लाखों यूपीएससी की तैयारी करने वाले कैंडिडेट्स के लिए प्रेरणा हैं जो पहले प्रयास में ही नाकाम होने के बाद हार मान लेते हैं. यह भी पढे़ं: UPSC क्लियर करने के कितने दिन बाद कैंडिडेट्स को मिलती है सैलरी, कितनी होती है पहली तनख्वाह?

Apr 26, 2025 - 19:07
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हार नहीं मानी, चौथे प्रयास में UPSC में जम्मू-कश्मीर की डॉ. इरम चौधरी ने लहराया परचम

UPSC Success Story: जब हौसले बुलंद हों और इरादे मजबूत, तो हर असफलता सिर्फ एक सीख बन जाती है. जम्मू-कश्मीर की डॉ. इरम चौधरी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. तीन बार असफलता का सामना करने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और चौथे प्रयास में UPSC CSE 2024 में देशभर में 40वीं रैंक हासिल कर दिखाया. उनकी यह सफलता उन लाखों युवाओं को प्रेरणा देती है जो कभी न कभी हताशा से गुजरते हैं.

डॉ. इरम चौधरी का ताल्लुक जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले से हैं. वहां से निकलकर देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षा में टॉप रैंक लाना आसान नहीं था. लेकिन डॉ. इरम ने न मुश्किलों को देखा, न हालातों का रोना रोया. उन्होंने सिर्फ अपने लक्ष्य को देखा और उस पर मेहनत की.

यह भी पढे़ं: सड़क किनारे बैठकर पंक्चर लगाते थे पिता, अब बेटे ने पास की UPSC परीक्षा- ऐसा रहा पूरा सफर

लगातार तीन प्रयासों में असफल

डॉ. इरम ने 2018 में MBBS की डिग्री हासिल की थी. इसके बाद उन्होंने तय किया कि अब देश की सेवा का रास्ता सिविल सेवा से होगा. लगातार तीन प्रयासों में असफल होने के बाद भी उन्होंने न हिम्मत हारी और न उम्मीद छोड़ी. बिना किसी कोचिंग क्लास के, केवल खुद की रणनीति और आत्मविश्वास के साथ UPSC की तैयारी की और चौथे प्रयास में बाजी मार ली.

यह भी पढे़ं: सिलाई मशीन की आवाज में पले बेटे ने रच दिया इतिहास, पहली बार में ही क्रैक किया UPSC

2023 में भी दिया था एग्जाम, 906 अंक मिले थे

UPSC 2023 की परीक्षा में इरम ने लिखित में 724 और इंटरव्यू में 182 अंक हासिल किए थे. कुल मिलाकर उन्हें 906 अंक मिले, जो उनकी मेहनत और तैयारी का साफ सबूत हैं और अब 2024 में उन्होंने देशभर में 40वीं रैंक हासिल कर ली है. डॉ. इरम लाखों यूपीएससी की तैयारी करने वाले कैंडिडेट्स के लिए प्रेरणा हैं जो पहले प्रयास में ही नाकाम होने के बाद हार मान लेते हैं.

यह भी पढे़ं: UPSC क्लियर करने के कितने दिन बाद कैंडिडेट्स को मिलती है सैलरी, कितनी होती है पहली तनख्वाह?

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