हाय रे गर्मी! उत्तर भारत में बड़ा हिस्सा Heat Stress की चपेट में; कई राज्यों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंचा

अभी मई का महीना भी शुरू नहीं हुआ और देश के बड़े हिस्से में हालात जून जैसी चिलचिलाती गर्मी वाले हो गए हैं. उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा ऊपर चला गया है, जबकि कई शहरों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के आज अप्रैल 2026 के आंकड़े साफ इशारा कर रहे हैं कि इस बार गर्मी ने समय से पहले ही आक्रामक रुख अपना लिया है. मौसम विभाग के द्वारा सांझा किए गए मैप में दिख रही तस्वीर बताती है कि उत्तर भारत का बड़ा हिस्सा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली गंभीर हीट स्ट्रेस की चपेट में है, जहां का तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर दर्ज किया गया. कई राज्यों में पड़ रही भीषण गर्मी, पारा 45 के पारपूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में भी हालात कुछ अलग से नहीं हैं. यहां न सिर्फ तापमान तेजी से बढ़ा है, बल्कि लू ने भी अब दस्तक दे दी है. हरियाणा,चंडीगढ़,दिल्ली राज्यों में तो कई जगहों पर हीटवेव दर्ज की गई है, और उत्तर प्रदेश और उत्तर राजस्थान में भी इसका असर दिखा है.  कई शहरों में लगातार 42 डिग्री से ऊपर तापमान दर्ज हो रहा है, जो इस बात का संकेत है कि गर्मी अब पूरे इलाके में फैल चुकी है. वहीं उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 45.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया. नॉर्थ ईस्ट में भी राहत नहीं, अरुणाचल में भी सामान्य से ज्यादा पारा पूर्वोत्तर भारत में भी राहत नहीं है. अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर तापमान सामान्य से काफी ज्यादा दर्ज हुआ है, जबकि असम और मेघालय में भी गर्मी का असर बढ़ रहा है. हालांकि दक्षिण भारत और पश्चिमी तट के कुछ हिस्से जैसे केरल और तटीय कर्नाटक में तापमान फिलहाल सामान्य के आसपास ही बना हुआ है, लेकिन यहां भी धीरे-धीरे गर्मी का असर बढ़ने के संकेत मौसम विभाग की तरफ से जताए गए हैं. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में गर्मी का दबाव और बढ़ सकता है. ऐसे में साफ है कि अप्रैल के आखिरी हफ्ते में ही देश के बड़े हिस्से को अभी से ही लू जैसे हालात का सामना करना पड़ रहा है यानी साफ है कि अगर गर्मी का प्रकोप ऐसा ही बना रहा तो मई-जून में तो स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है. ये भी पढ़ें : राज्यसभा में बीजेपी की ताकत बढ़ी, आम आदमी पार्टी के बागियों से समीकरण बदले,  113 पहुंचा आंकड़ा

Apr 25, 2026 - 10:30
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हाय रे गर्मी! उत्तर भारत में बड़ा हिस्सा Heat Stress की चपेट में; कई राज्यों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंचा

अभी मई का महीना भी शुरू नहीं हुआ और देश के बड़े हिस्से में हालात जून जैसी चिलचिलाती गर्मी वाले हो गए हैं. उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा ऊपर चला गया है, जबकि कई शहरों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग के आज अप्रैल 2026 के आंकड़े साफ इशारा कर रहे हैं कि इस बार गर्मी ने समय से पहले ही आक्रामक रुख अपना लिया है. मौसम विभाग के द्वारा सांझा किए गए मैप में दिख रही तस्वीर बताती है कि उत्तर भारत का बड़ा हिस्सा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली गंभीर हीट स्ट्रेस की चपेट में है, जहां का तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर दर्ज किया गया.

कई राज्यों में पड़ रही भीषण गर्मी, पारा 45 के पार
पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में भी हालात कुछ अलग से नहीं हैं. यहां न सिर्फ तापमान तेजी से बढ़ा है, बल्कि लू ने भी अब दस्तक दे दी है. हरियाणा,चंडीगढ़,दिल्ली राज्यों में तो कई जगहों पर हीटवेव दर्ज की गई है, और उत्तर प्रदेश और उत्तर राजस्थान में भी इसका असर दिखा है.  कई शहरों में लगातार 42 डिग्री से ऊपर तापमान दर्ज हो रहा है, जो इस बात का संकेत है कि गर्मी अब पूरे इलाके में फैल चुकी है. वहीं उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 45.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया.

नॉर्थ ईस्ट में भी राहत नहीं, अरुणाचल में भी सामान्य से ज्यादा पारा

पूर्वोत्तर भारत में भी राहत नहीं है. अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर तापमान सामान्य से काफी ज्यादा दर्ज हुआ है, जबकि असम और मेघालय में भी गर्मी का असर बढ़ रहा है. हालांकि दक्षिण भारत और पश्चिमी तट के कुछ हिस्से जैसे केरल और तटीय कर्नाटक में तापमान फिलहाल सामान्य के आसपास ही बना हुआ है, लेकिन यहां भी धीरे-धीरे गर्मी का असर बढ़ने के संकेत मौसम विभाग की तरफ से जताए गए हैं.

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में गर्मी का दबाव और बढ़ सकता है. ऐसे में साफ है कि अप्रैल के आखिरी हफ्ते में ही देश के बड़े हिस्से को अभी से ही लू जैसे हालात का सामना करना पड़ रहा है यानी साफ है कि अगर गर्मी का प्रकोप ऐसा ही बना रहा तो मई-जून में तो स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है.

ये भी पढ़ें : राज्यसभा में बीजेपी की ताकत बढ़ी, आम आदमी पार्टी के बागियों से समीकरण बदले,  113 पहुंचा आंकड़ा

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