‘हम किसानों की आय बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे’, MSP वृद्धि पर बोले PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (30 सितंबर, 2026) को केंद्रीय कैबिनेट की तरफ से रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में की गई बढ़ोत्तरी को लेकर बड़ी बात कही है. उन्होंने X प्लेटफॉर्म पर शेयर किए गए पोस्ट में कहा कि देश भर में किसानों के हितों की रक्षा के साथ ही उनकी आय में बढ़ोत्तरी के लिए हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसी दिशा में हमारी सरकार ने 2027-28 के मार्केटिंग सीजन के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) में वृद्धि को मंजूरी दी है. पीएम मोदी ने कहा कि इससे देश के करोड़ों किसान भाई-बहनों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलना सुनिश्चित होगा. केंद्र सरकार ने किन-किन रबी फसलों पर बढ़ाई MSP? देशभर के किसानों के हितों की रक्षा के साथ ही उनकी आय में बढ़ोतरी के लिए हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसी दिशा में हमारी सरकार ने 2027-28 के मार्केटिंग सीजन के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि एमएसपी में वृद्धि को मंजूरी दी है। इससे देश के करोड़ों किसान भाई-बहनों को… — Narendra Modi (@narendramodi) September 30, 2026 केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक बयान के मुताबिक, पीएम मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए सभी अधिसूचित फसलों, जिसमें गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और कुसुम शामिल है, के MSP में बढ़ोत्तरी को मंजूरी दी है, ताकि किसानों को उनकी उपज का फायदेमंद कीमत मिल सके. किस फसल पर कितना बढ़ा MSP? MSP में सबसे ज्यादा 675 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी कुसुम (Safflower) के लिए की गई है. इसके बाद सरसों और रेपसीड के लिए MSP में 413 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है. वहीं, मसूर में 390 रुपये प्रति क्विंटल, जौ में 136 रुपये प्रति क्विंटल, चना में 83 रुपये प्रति क्विंटल और सबसे कम गेहूं में 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है. किसानों में उनकी उपज पर मिलेगा फायदेमंद लाभ- सरकार केंद्र सरकार ने कहा, ‘अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत पर अनुमानित मार्जिन गेंहू के लिए 106 प्रतिशत, रेपसीड और सरसों के लिए 96 प्रतिशत, मसूर के लिए 92 प्रतिशत, चना के लिए 59 प्रतिशत, जौ के लिए 58 प्रतिशत और कुसुम के लिए 50 प्रतिशत है. रबी फसलों के MSP में इस बढ़ोत्तरी से किसानों को उनकी उपज का फायदेमंद कीमत मिलना सुनिश्चित होगा और क्रॉप डाइवरसिफिकेशन को भी बढ़ावा मिलेगा.’ यह भी पढ़ेंः दिल्ली को 1941 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात, बारापुला कॉरिडोर करेगा सफर आसान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (30 सितंबर, 2026) को केंद्रीय कैबिनेट की तरफ से रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में की गई बढ़ोत्तरी को लेकर बड़ी बात कही है. उन्होंने X प्लेटफॉर्म पर शेयर किए गए पोस्ट में कहा कि देश भर में किसानों के हितों की रक्षा के साथ ही उनकी आय में बढ़ोत्तरी के लिए हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि इसी दिशा में हमारी सरकार ने 2027-28 के मार्केटिंग सीजन के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) में वृद्धि को मंजूरी दी है. पीएम मोदी ने कहा कि इससे देश के करोड़ों किसान भाई-बहनों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलना सुनिश्चित होगा.
केंद्र सरकार ने किन-किन रबी फसलों पर बढ़ाई MSP?
देशभर के किसानों के हितों की रक्षा के साथ ही उनकी आय में बढ़ोतरी के लिए हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसी दिशा में हमारी सरकार ने 2027-28 के मार्केटिंग सीजन के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि एमएसपी में वृद्धि को मंजूरी दी है। इससे देश के करोड़ों किसान भाई-बहनों को… — Narendra Modi (@narendramodi) September 30, 2026
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक बयान के मुताबिक, पीएम मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए सभी अधिसूचित फसलों, जिसमें गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और कुसुम शामिल है, के MSP में बढ़ोत्तरी को मंजूरी दी है, ताकि किसानों को उनकी उपज का फायदेमंद कीमत मिल सके.
किस फसल पर कितना बढ़ा MSP?
MSP में सबसे ज्यादा 675 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी कुसुम (Safflower) के लिए की गई है. इसके बाद सरसों और रेपसीड के लिए MSP में 413 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है. वहीं, मसूर में 390 रुपये प्रति क्विंटल, जौ में 136 रुपये प्रति क्विंटल, चना में 83 रुपये प्रति क्विंटल और सबसे कम गेहूं में 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है.
किसानों में उनकी उपज पर मिलेगा फायदेमंद लाभ- सरकार
केंद्र सरकार ने कहा, ‘अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत पर अनुमानित मार्जिन गेंहू के लिए 106 प्रतिशत, रेपसीड और सरसों के लिए 96 प्रतिशत, मसूर के लिए 92 प्रतिशत, चना के लिए 59 प्रतिशत, जौ के लिए 58 प्रतिशत और कुसुम के लिए 50 प्रतिशत है. रबी फसलों के MSP में इस बढ़ोत्तरी से किसानों को उनकी उपज का फायदेमंद कीमत मिलना सुनिश्चित होगा और क्रॉप डाइवरसिफिकेशन को भी बढ़ावा मिलेगा.’
यह भी पढ़ेंः दिल्ली को 1941 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात, बारापुला कॉरिडोर करेगा सफर आसान
What's Your Reaction?