सुबह उठते ही आंखों में रहता है भारीपन, हो सकती है यह वजह
सुबह सोकर उठने के बाद यदि आपकी आंखों में लगातार भारीपन, थकान या हल्की सूजन महसूस होती है, तो इसे केवल सामान्य थकान मानकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. डिजिटल युग में खराब लाइफस्टाइल से लेकर स्वास्थ्य से जुड़ी कई आंतरिक समस्याएं इसका मुख्य कारण हो सकती हैं. मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सुबह के समय आंखों में भारीपन महसूस होना किसी बड़ी बीमारी का संकेत भी हो सकता है, जिसकी सही वजह जानना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं कि सुबह उठते ही आंखों में भारीपन रहने के पीछे क्या मुख्य वजहें हो सकती हैं. देर रात तक स्क्रीन देखना आजकल लोगों में देर रात तक स्मार्टफोन, लैपटॉप या टीवी देखने की आदत बहुत आम हो गई है. गैजेट्स से निकलने वाली ब्लू लाइट आंखों की फोकस करने वाली मांसपेशियों पर अत्यधिक दबाव डालती है. जब आप स्क्रीन देखने के तुरंत बाद सोते हैं, तो आंखों को पूरी तरह आराम नहीं मिल पाता. इसके अलावा 7 से 9 घंटे की गहरी नींद न लेने के कारण पलकें भारी हो जाती हैं और सुबह उठने पर आंखों में जलन और खिंचाव महसूस होता है. आंखों का सूखापन जब हमारी आंखें पर्याप्त मात्रा में आंसुओं का निर्माण नहीं कर पातीं या आंसू बहुत तेजी से सूख जाते हैं, तो उसे ड्राय आई डिजीज कहा जाता है. रात में सोते समय यदि पलकें पूरी तरह बंद न हों या कमरे की हवा ठंडी हो, तो आंखों का सूखापन बढ़ जाता है. इसके कारण सुबह सोकर उठते ही आंखों में किरकिरापन, हल्की चुभन और भारीपन हा अहसास होता है. लगातार स्क्रीन देखने वाले लोगों में ड्राय आई की समस्या सबसे ज्यादा पाई जाती है. ब्लेफेराइटिस और आंखों की एलर्जी सुबह उठने पर यदि आंखों में भारीपन के साथ-साथ पलकों के किनारों पर पपड़ी जमी हुई दिखाई दे, तो यह ब्लेफेराइटिस का लक्षण हो सकता है. यह पलकों की तेल ग्रंथियों में रुकावट या बैक्टीरिया के कारण होने वाली सूजन है. इसके अलावा, बिस्तर या तकिए में मौजूद धूल-मिट्टी और पेट डैंडर से होने वाली एलर्जी भी रात भर आंखों मे फ्लूइड रिटेंशन बढ़ा देती है, जिससे सुबह आंखें सूजी और भारी लगती हैं. यह भी पढ़ें: सुबह उठकर अपनी गर्लफ्रेंड को कभी न करें ऐसे मैसेज, बिगड़ सकता है रिश्ता किडनी या थायराइड से जुड़ी बीमारियां यदि लाइफस्टाइल में सुधार करने और पूरी नींद लेने के बावजूद सुबह की यह समस्या ठीक नहीं हो रही है, तो यह किसी गंभीर बीमारी का प्रारंभिक लक्षण हो सकता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, सुबह के शुरुआती घंटों में लगातार आंखों के नीचे सूजन और भारीपन रहना गुर्दे पर अत्यधिक दबाव या थायराइड के असंतुलन का संकेत हो सकता है. किडनी सही तरीके से काम न करने पर शरीर के वेस्ट फ्लूइड को बाहर नहीं निकाल पाती, जिसका असर सबसे पहले आंखों के आसपास दिखाई देता है. बचाव के लिए क्या करें? इस समस्या से राहत पाने के लिए सूबह उठकर आंखों पर ठंडे पानी के छपाके मारें या आइस कंप्रेस करें. रात को सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दें. दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और नमक का सेवन सीमित करें. यदि आंखों में भारीपन के साथ धुंधलापन, तेज दर्द बना रहता है, तो खुद से कोई आई ड्ऱॉप डालने के बजाय तुरंत किसी नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर अपनी जांच करवाएं. यह भी पढ़ें: गले में जमा है कफ? इन आसान तरीकों से मिल सकती है राहत
सुबह सोकर उठने के बाद यदि आपकी आंखों में लगातार भारीपन, थकान या हल्की सूजन महसूस होती है, तो इसे केवल सामान्य थकान मानकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. डिजिटल युग में खराब लाइफस्टाइल से लेकर स्वास्थ्य से जुड़ी कई आंतरिक समस्याएं इसका मुख्य कारण हो सकती हैं. मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सुबह के समय आंखों में भारीपन महसूस होना किसी बड़ी बीमारी का संकेत भी हो सकता है, जिसकी सही वजह जानना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं कि सुबह उठते ही आंखों में भारीपन रहने के पीछे क्या मुख्य वजहें हो सकती हैं.
देर रात तक स्क्रीन देखना
आजकल लोगों में देर रात तक स्मार्टफोन, लैपटॉप या टीवी देखने की आदत बहुत आम हो गई है. गैजेट्स से निकलने वाली ब्लू लाइट आंखों की फोकस करने वाली मांसपेशियों पर अत्यधिक दबाव डालती है. जब आप स्क्रीन देखने के तुरंत बाद सोते हैं, तो आंखों को पूरी तरह आराम नहीं मिल पाता. इसके अलावा 7 से 9 घंटे की गहरी नींद न लेने के कारण पलकें भारी हो जाती हैं और सुबह उठने पर आंखों में जलन और खिंचाव महसूस होता है.
आंखों का सूखापन
जब हमारी आंखें पर्याप्त मात्रा में आंसुओं का निर्माण नहीं कर पातीं या आंसू बहुत तेजी से सूख जाते हैं, तो उसे ड्राय आई डिजीज कहा जाता है. रात में सोते समय यदि पलकें पूरी तरह बंद न हों या कमरे की हवा ठंडी हो, तो आंखों का सूखापन बढ़ जाता है. इसके कारण सुबह सोकर उठते ही आंखों में किरकिरापन, हल्की चुभन और भारीपन हा अहसास होता है. लगातार स्क्रीन देखने वाले लोगों में ड्राय आई की समस्या सबसे ज्यादा पाई जाती है.
ब्लेफेराइटिस और आंखों की एलर्जी
सुबह उठने पर यदि आंखों में भारीपन के साथ-साथ पलकों के किनारों पर पपड़ी जमी हुई दिखाई दे, तो यह ब्लेफेराइटिस का लक्षण हो सकता है. यह पलकों की तेल ग्रंथियों में रुकावट या बैक्टीरिया के कारण होने वाली सूजन है. इसके अलावा, बिस्तर या तकिए में मौजूद धूल-मिट्टी और पेट डैंडर से होने वाली एलर्जी भी रात भर आंखों मे फ्लूइड रिटेंशन बढ़ा देती है, जिससे सुबह आंखें सूजी और भारी लगती हैं.
यह भी पढ़ें: सुबह उठकर अपनी गर्लफ्रेंड को कभी न करें ऐसे मैसेज, बिगड़ सकता है रिश्ता
किडनी या थायराइड से जुड़ी बीमारियां
यदि लाइफस्टाइल में सुधार करने और पूरी नींद लेने के बावजूद सुबह की यह समस्या ठीक नहीं हो रही है, तो यह किसी गंभीर बीमारी का प्रारंभिक लक्षण हो सकता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, सुबह के शुरुआती घंटों में लगातार आंखों के नीचे सूजन और भारीपन रहना गुर्दे पर अत्यधिक दबाव या थायराइड के असंतुलन का संकेत हो सकता है. किडनी सही तरीके से काम न करने पर शरीर के वेस्ट फ्लूइड को बाहर नहीं निकाल पाती, जिसका असर सबसे पहले आंखों के आसपास दिखाई देता है.
बचाव के लिए क्या करें?
इस समस्या से राहत पाने के लिए सूबह उठकर आंखों पर ठंडे पानी के छपाके मारें या आइस कंप्रेस करें. रात को सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दें. दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और नमक का सेवन सीमित करें. यदि आंखों में भारीपन के साथ धुंधलापन, तेज दर्द बना रहता है, तो खुद से कोई आई ड्ऱॉप डालने के बजाय तुरंत किसी नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर अपनी जांच करवाएं.
यह भी पढ़ें: गले में जमा है कफ? इन आसान तरीकों से मिल सकती है राहत
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