सिर्फ 2 लाइन के बायोडाटा वाली महिला को मिली नौकरी, इंटरव्यू में ईमानदारी बनी सफलता की कुंजी

Steven Bartlett: एक कारोबारी शख्स ने हाल ही में बताया कि किस तरह उसने एक ऐसी महिला उम्मीदवार को नौकरी पर रखा, जिसे पहले से कोई काम करने का तजुर्बा नहीं था, सिर्फ इसलिए कि वह सामाजिक कौशल और व्यवहार में माहिर थी. 'द डायरी ऑफ अ सीईओ' पॉडकास्ट के संस्थापक और होस्ट स्टीवन बार्टलेट ने बताया कि उस महिला का बायोडाटा सिर्फ दो लाइन का था, लेकिन वह जल्द ही उनकी सबसे बेहतरीन नियुक्तियों में से एक साबित हुई. इंटरव्यू में छोटे व्यवहार ने बदली किस्मत बार्टलेट ने बताया कि महिला को नौकरी पर रखने की एक बड़ी वजह यह थी कि उसने इंटरव्यू से पहले सुरक्षा गार्ड का नाम लेकर शुक्रिया अदा किया था. उन्होंने यह भी कहा कि उसने यह साबित कर दिया कि वह एक काबिल और जल्द सीखने वाली छात्रा है. इंटरव्यू के दौरान जब उसे किसी सवाल का जवाब नहीं पता होता था तो वह बड़े ईमानदारी से इसे स्वीकार किया और बताया कि वह उसका जवाब कैसे तलाश करेगी. इसके बाद उसने उन तमाम सवालों के जवाब सीखे जिनके बारे में इंटरव्यू के दौरान नहीं जानती थी और उन्हें बार्टलेट को ईमेल कर दिया. मेहनती और सच्ची लगन वाले लोगों की कदर इंटरव्यू के बाद उन्होंने सभी को धन्यवाद पत्र भी भेजे. बार्टलेट ने कहा कि उनकी कंपनी उन लोगों की कदर करती है जो हौसलामंद, मेहनती और काम के प्रति सच्ची लगन रखते हैं. महिला में ये सभी खूबियां मौजूद थी. उसे नौकरी मिल गई और वह बार्टलेट की सबसे बेहतरीन मुलाजिमों में से एक बन गईं. कौशल से ज्यादा मायने रखता है किरदार बार्टलेट ने कहा कि भर्ती करते समय उन खूबियों पर ध्यान देना चाहिए, जिन्हें सिखाना सबसे मुश्किल होता है. तकनीकी कौशल, उपकरण और ज्ञान तो जल्दी सिखाए जा सकते हैं, लेकिन किरदार, भावनात्मक समझ, महत्वाकांक्षा और काम के प्रति सच्ची लगन नहीं सिखाई जा सकती. अपने तजुर्बा के बुनियाद पर, बार्टलेट ने कहा कि रवैया और कंपनी की संस्कृति के साथ फिट होना तजुर्बा या पढ़ाई से कहीं ज्यादा अहम है. किसी को सिस्टम और हूनर सिखाना आसान है, लेकिन उन्हें खुद से हौसला अफजाई करना या कंपनी के मूल्यों के साथ तालमेल बैठना मुश्किल है.

Aug 22, 2026 - 06:30
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सिर्फ 2 लाइन के बायोडाटा वाली महिला को मिली नौकरी, इंटरव्यू में ईमानदारी बनी सफलता की कुंजी
Steven Bartlett: एक कारोबारी शख्स ने हाल ही में बताया कि किस तरह उसने एक ऐसी महिला उम्मीदवार को नौकरी पर रखा, जिसे पहले से कोई काम करने का तजुर्बा नहीं था, सिर्फ इसलिए कि वह सामाजिक कौशल और व्यवहार में माहिर थी. 'द डायरी ऑफ अ सीईओ' पॉडकास्ट के संस्थापक और होस्ट स्टीवन बार्टलेट ने बताया कि उस महिला का बायोडाटा सिर्फ दो लाइन का था, लेकिन वह जल्द ही उनकी सबसे बेहतरीन नियुक्तियों में से एक साबित हुई.

इंटरव्यू में छोटे व्यवहार ने बदली किस्मत

बार्टलेट ने बताया कि महिला को नौकरी पर रखने की एक बड़ी वजह यह थी कि उसने इंटरव्यू से पहले सुरक्षा गार्ड का नाम लेकर शुक्रिया अदा किया था. उन्होंने यह भी कहा कि उसने यह साबित कर दिया कि वह एक काबिल और जल्द सीखने वाली छात्रा है.

इंटरव्यू के दौरान जब उसे किसी सवाल का जवाब नहीं पता होता था तो वह बड़े ईमानदारी से इसे स्वीकार किया और बताया कि वह उसका जवाब कैसे तलाश करेगी. इसके बाद उसने उन तमाम सवालों के जवाब सीखे जिनके बारे में इंटरव्यू के दौरान नहीं जानती थी और उन्हें बार्टलेट को ईमेल कर दिया.

मेहनती और सच्ची लगन वाले लोगों की कदर

इंटरव्यू के बाद उन्होंने सभी को धन्यवाद पत्र भी भेजे. बार्टलेट ने कहा कि उनकी कंपनी उन लोगों की कदर करती है जो हौसलामंद, मेहनती और काम के प्रति सच्ची लगन रखते हैं. महिला में ये सभी खूबियां मौजूद थी. उसे नौकरी मिल गई और वह बार्टलेट की सबसे बेहतरीन मुलाजिमों में से एक बन गईं.

कौशल से ज्यादा मायने रखता है किरदार

बार्टलेट ने कहा कि भर्ती करते समय उन खूबियों पर ध्यान देना चाहिए, जिन्हें सिखाना सबसे मुश्किल होता है. तकनीकी कौशल, उपकरण और ज्ञान तो जल्दी सिखाए जा सकते हैं, लेकिन किरदार, भावनात्मक समझ, महत्वाकांक्षा और काम के प्रति सच्ची लगन नहीं सिखाई जा सकती.

अपने तजुर्बा के बुनियाद पर, बार्टलेट ने कहा कि रवैया और कंपनी की संस्कृति के साथ फिट होना तजुर्बा या पढ़ाई से कहीं ज्यादा अहम है. किसी को सिस्टम और हूनर सिखाना आसान है, लेकिन उन्हें खुद से हौसला अफजाई करना या कंपनी के मूल्यों के साथ तालमेल बैठना मुश्किल है.

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