साइलेंट किलर... हाॅ​स्पिटल के बेड पर ही लगता है इस बीमारी का पता, जानें कैसे कर सकते हैं बचाव

शरीर में कोई दिक्कत होगी तो कुछ लक्षण नजर आएंगे जैसे चक्कर आना, दर्द या फिर कोई अन्य डिसम्फर्ट, लोगों के मन में ये धारणा आम है. कई हेल्थ प्राॅब्लम में शरीर में लक्षण दिखते भी हैं. लेकिन ब्लड प्रेशर के मामले में ये सोच मुसीबत में डाल सकती है. साइलेंट किलर कहा जाने वाला हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) इस कदर घातक हो सकता है कि हाॅ​स्पिटल के इमरजेंसी रूम में जाने के बाद पता लगे कि आप काफी समय से इस प्राॅब्लम से सफर कर रहे थे. ये ब्रेन, हार्ट और किडनी जैसे शरीर के महत्वपूर्ण ऑर्गन को नुकसान पहुंचा सकता है. कितना खतरनाक हो सकता है? हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर हमेशा शुरुआती संकेत नहीं देता. यह चुपचाप बाॅडी में बढ़ सकता है. शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है. जब इसके बारे पता लगता है तो हालत चिंताजनक हो चुकी होती है जैसे स्ट्रोक या ब्रेन हेमरेज की प्राॅब्लम. ऐसे में अगर शरीर गुड फील भी कर रहा हो तो इस 'साइलेंट किलर' पर नजर रखना जरूरी है. साइलेंट किलर क्यों है? हाई ब्लड प्रेशर धीरे-धीरे ब्लड वेसल्स  (रक्त वाहिकाओं) की वाॅल पर दबाव डालता है, जिसमें ब्रेन की नाजुक ब्लड वेसल्स भी होती हैं. लगातार प्रेशर से  ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचता है. जिससे हेमरेज या क्लाॅट होने का खतरा बन जाता है. इस खतरनाक परि​स्थिति से पहले दर्द, चक्कर आना या शरीर में कुछ भी असामान्य महसूस नहीं होता.  हर मरीज में अगर बिहेव करता है ब्लड प्रेशर हर किसी का शरीर एक जैसा बिहेव नहीं करता. कुछ लोगों में थोड़ा सा ब्लड प्रेशर बढ़ने से सिरदर्द हो सकता है, वहीं कई केसेज में हाई ब्लड प्रेशर होने पर भी बाॅडी नाॅर्मल फील करती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार हर मरीज अलग होता है. ब्लड प्रेशर के लिए कोई निश्चित पैटर्न नहीं है. ऐसे में सिर्फ बुजुर्गों या बीमार लोगों के लिए ही नहीं, ब​ल्कि हर किसी के लिए ब्लड प्रेशर की रेग्यूलर माॅनिटरिंग जरूरी है. कैसे लक्षण देख हो जाएं अलर्ट? इसके लक्षण अलार्मिंग सिचुएशन हो सकते हैं. कई लोगों में ये संकेत नुकसान के रूप में सामने आ सकते है. लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर से सफर करने से अचानक धुंधला दिखना, बोलने में कठिनाई, बेहोशी, हेमरेज स्ट्रोक या इस्केमिक स्ट्रोक हो सकता है. हाई बीपी से बचाव के लिए क्या करें? घर पर ब्लड प्रेशर की रेग्यूलर माॅनिटरिंग करें. डेली डाइट में नमक की मात्रा कम करें. नमक में सोडियम पाया जाता है, जिसका अ​धिक सेवन बाॅडी में ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है. फिजिकल ए​क्टिविटी पर ध्यान दें. डेली 30 मिनट तेज कदमों के साथ चलें. अपना वजन कंट्रोल करें. वजन और पेट पर फैट अ​धिक है तो उसे कम करें. स्मोकिंग और शराब से दूर रहें, ये दोनों हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को बढ़ा सकते हैं. ये भी पढ़ें: इन पांच वजहों से लिवर में पनपने लगता है कैंसर, भूलकर भी न करना ये गलतियां Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

May 29, 2025 - 20:30
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साइलेंट किलर... हाॅ​स्पिटल के बेड पर ही लगता है इस बीमारी का पता, जानें कैसे कर सकते हैं बचाव

शरीर में कोई दिक्कत होगी तो कुछ लक्षण नजर आएंगे जैसे चक्कर आना, दर्द या फिर कोई अन्य डिसम्फर्ट, लोगों के मन में ये धारणा आम है. कई हेल्थ प्राॅब्लम में शरीर में लक्षण दिखते भी हैं. लेकिन ब्लड प्रेशर के मामले में ये सोच मुसीबत में डाल सकती है. साइलेंट किलर कहा जाने वाला हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) इस कदर घातक हो सकता है कि हाॅ​स्पिटल के इमरजेंसी रूम में जाने के बाद पता लगे कि आप काफी समय से इस प्राॅब्लम से सफर कर रहे थे. ये ब्रेन, हार्ट और किडनी जैसे शरीर के महत्वपूर्ण ऑर्गन को नुकसान पहुंचा सकता है.

कितना खतरनाक हो सकता है?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर हमेशा शुरुआती संकेत नहीं देता. यह चुपचाप बाॅडी में बढ़ सकता है. शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है. जब इसके बारे पता लगता है तो हालत चिंताजनक हो चुकी होती है जैसे स्ट्रोक या ब्रेन हेमरेज की प्राॅब्लम. ऐसे में अगर शरीर गुड फील भी कर रहा हो तो इस 'साइलेंट किलर' पर नजर रखना जरूरी है.

साइलेंट किलर क्यों है?

हाई ब्लड प्रेशर धीरे-धीरे ब्लड वेसल्स  (रक्त वाहिकाओं) की वाॅल पर दबाव डालता है, जिसमें ब्रेन की नाजुक ब्लड वेसल्स भी होती हैं. लगातार प्रेशर से  ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचता है. जिससे हेमरेज या क्लाॅट होने का खतरा बन जाता है. इस खतरनाक परि​स्थिति से पहले दर्द, चक्कर आना या शरीर में कुछ भी असामान्य महसूस नहीं होता. 

हर मरीज में अगर बिहेव करता है ब्लड प्रेशर

हर किसी का शरीर एक जैसा बिहेव नहीं करता. कुछ लोगों में थोड़ा सा ब्लड प्रेशर बढ़ने से सिरदर्द हो सकता है, वहीं कई केसेज में हाई ब्लड प्रेशर होने पर भी बाॅडी नाॅर्मल फील करती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार हर मरीज अलग होता है. ब्लड प्रेशर के लिए कोई निश्चित पैटर्न नहीं है. ऐसे में सिर्फ बुजुर्गों या बीमार लोगों के लिए ही नहीं, ब​ल्कि हर किसी के लिए ब्लड प्रेशर की रेग्यूलर माॅनिटरिंग जरूरी है.

कैसे लक्षण देख हो जाएं अलर्ट?

इसके लक्षण अलार्मिंग सिचुएशन हो सकते हैं. कई लोगों में ये संकेत नुकसान के रूप में सामने आ सकते है. लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर से सफर करने से अचानक धुंधला दिखना, बोलने में कठिनाई, बेहोशी, हेमरेज स्ट्रोक या इस्केमिक स्ट्रोक हो सकता है.

हाई बीपी से बचाव के लिए क्या करें?

  • घर पर ब्लड प्रेशर की रेग्यूलर माॅनिटरिंग करें.
  • डेली डाइट में नमक की मात्रा कम करें. नमक में सोडियम पाया जाता है, जिसका अ​धिक सेवन बाॅडी में ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है.
  • फिजिकल ए​क्टिविटी पर ध्यान दें. डेली 30 मिनट तेज कदमों के साथ चलें.
  • अपना वजन कंट्रोल करें. वजन और पेट पर फैट अ​धिक है तो उसे कम करें.
  • स्मोकिंग और शराब से दूर रहें, ये दोनों हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को बढ़ा सकते हैं.

ये भी पढ़ें: इन पांच वजहों से लिवर में पनपने लगता है कैंसर, भूलकर भी न करना ये गलतियां

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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