सपनों को सच करने का सफर, मनीष बंसल की IIT से IAS तक की कहानी; पत्नी भी हैं IAS
हर साल लाखों छात्र बड़े सपने लेकर पढ़ाई करते हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही अपने लक्ष्य तक पहुंच पाते हैं. मनीष बंसल उन्हीं चुनिंदा लोगों में से एक हैं, जिन्होंने मेहनत और लगन के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई. उनका सफर बताता है कि अगर इरादा मजबूत हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती. छोटे शहर से बड़े सपनेमनीष बंसल का जन्म पंजाब के संगरूर में हुआ.एक सामान्य परिवार में पले-बढ़े मनीष के पिता बैंक में काम करते थे और मां गृहिणी हैं. बचपन से ही उनके घर में पढ़ाई को बहुत महत्व दिया जाता था, जिसने उनकी सोच और लक्ष्य को मजबूत बनाया. पढ़ाई में हमेशा रहे आगेमनीष बंसल शुरू से ही पढ़ाई में तेज थे. स्कूल के दिनों में उन्होंने लगातार अच्छे अंक हासिल किए. उनका फोकस साफ था कुछ बड़ा करना है. यही वजह रही कि उन्होंने अपनी पढ़ाई को हमेशा प्राथमिकता दी और हर क्लास में बेहतर प्रदर्शन किया.यह भी पढ़ें - UP Board Result 2026: यूपी बोर्ड 10वीं 12वीं के रिजल्ट पर आया बड़ा अपडेट, 25 अप्रैल के बाद कभी भी हो सकता है जारी IIT दिल्ली तक का सफरअपनी मेहनत के दम पर मनीष बंसल ने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली में दाखिला हासिल किया. यहां से उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की. IIT का माहौल और पढ़ाई ने उनके सोचने का तरीका और भी मजबूत बना दिया IAS बनने का सपना और मेहनतIIT से पढ़ाई पूरी करने के बाद मनीष बंसल ने सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की. UPSC जैसी कठिन परीक्षा को पास करना आसान नहीं होता, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी₹ लगातार मेहनत, अनुशासन और सही रणनीति के साथ उन्होंने 2014 में IAS बनकर अपना सपना पूरा किया. परिवार से मिली प्रेरणामनीष बंसल का परिवार भी उन्हें लगातार सपोर्ट करता रहा. उनके ससुर ज्ञानेश कुमार देश के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं, जबकि उनकी पत्नी भी एक IAS अधिकारी हैं. परिवार का यह माहौल उन्हें और बेहतर करने की प्रेरणा देता है. प्रशासनिक सफरIAS बनने के बाद मनीष बंसल ने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं. उन्होंने अलग-अलग जिलों में काम करते हुए अपनी पहचान एक मेहनती और ईमानदार अधिकारी के रूप में बनाई.उनका काम करने का तरीका लोगों के बीच सकारात्मक छवि बनाता है.हाल ही में मनीष को आगरा का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है. यह नियुक्ति उत्तर प्रदेश सरकार के बड़े प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा है, जिसमें कई आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए.इससे पहले वे सहारनपुर में डीएम के पद पर कार्य कर चुके हैं और अब आगरा में नई जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. उनकी नियुक्ति को उनके अब तक के अनुभव और कार्यशैली के आधार पर एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे जिले के प्रशासन और विकास कार्यों को और गति मिलने की उम्मीद है.यह ही पढ़ें - कौन थीं देश की पहली महिला आईएएस, जानें उस समय उन्हें कितनी मिलती थी सैलरी?
हर साल लाखों छात्र बड़े सपने लेकर पढ़ाई करते हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही अपने लक्ष्य तक पहुंच पाते हैं. मनीष बंसल उन्हीं चुनिंदा लोगों में से एक हैं, जिन्होंने मेहनत और लगन के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई. उनका सफर बताता है कि अगर इरादा मजबूत हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती.
छोटे शहर से बड़े सपने
मनीष बंसल का जन्म पंजाब के संगरूर में हुआ.एक सामान्य परिवार में पले-बढ़े मनीष के पिता बैंक में काम करते थे और मां गृहिणी हैं. बचपन से ही उनके घर में पढ़ाई को बहुत महत्व दिया जाता था, जिसने उनकी सोच और लक्ष्य को मजबूत बनाया.
पढ़ाई में हमेशा रहे आगे
मनीष बंसल शुरू से ही पढ़ाई में तेज थे. स्कूल के दिनों में उन्होंने लगातार अच्छे अंक हासिल किए. उनका फोकस साफ था कुछ बड़ा करना है. यही वजह रही कि उन्होंने अपनी पढ़ाई को हमेशा प्राथमिकता दी और हर क्लास में बेहतर प्रदर्शन किया.
यह भी पढ़ें - UP Board Result 2026: यूपी बोर्ड 10वीं 12वीं के रिजल्ट पर आया बड़ा अपडेट, 25 अप्रैल के बाद कभी भी हो सकता है जारी
IIT दिल्ली तक का सफर
अपनी मेहनत के दम पर मनीष बंसल ने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली में दाखिला हासिल किया. यहां से उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की. IIT का माहौल और पढ़ाई ने उनके सोचने का तरीका और भी मजबूत बना दिया
IAS बनने का सपना और मेहनत
IIT से पढ़ाई पूरी करने के बाद मनीष बंसल ने सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की. UPSC जैसी कठिन परीक्षा को पास करना आसान नहीं होता, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी₹ लगातार मेहनत, अनुशासन और सही रणनीति के साथ उन्होंने 2014 में IAS बनकर अपना सपना पूरा किया.
परिवार से मिली प्रेरणा
मनीष बंसल का परिवार भी उन्हें लगातार सपोर्ट करता रहा. उनके ससुर ज्ञानेश कुमार देश के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं, जबकि उनकी पत्नी भी एक IAS अधिकारी हैं. परिवार का यह माहौल उन्हें और बेहतर करने की प्रेरणा देता है.
प्रशासनिक सफर
IAS बनने के बाद मनीष बंसल ने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं. उन्होंने अलग-अलग जिलों में काम करते हुए अपनी पहचान एक मेहनती और ईमानदार अधिकारी के रूप में बनाई.उनका काम करने का तरीका लोगों के बीच सकारात्मक छवि बनाता है.हाल ही में मनीष को आगरा का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है. यह नियुक्ति उत्तर प्रदेश सरकार के बड़े प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा है, जिसमें कई आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए.इससे पहले वे सहारनपुर में डीएम के पद पर कार्य कर चुके हैं और अब आगरा में नई जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. उनकी नियुक्ति को उनके अब तक के अनुभव और कार्यशैली के आधार पर एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे जिले के प्रशासन और विकास कार्यों को और गति मिलने की उम्मीद है.
यह ही पढ़ें - कौन थीं देश की पहली महिला आईएएस, जानें उस समय उन्हें कितनी मिलती थी सैलरी?
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