'राष्ट्रीय सरेंडर संघ...', राम माधव के बहाने राहुल गांधी ने RSS पर कसा तंज, लगाया ये गंभीर आरोप
Rahul Gandhi on Ram Madhav Comment: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को आरएसएस के नेता राम माधव को आड़े हाथों लिया है. राहुल गांधी ने यह प्रतिक्रिया माधव के हालिया रूसी तेल आयात को लेकर दिए एक बयान पर दी है. राहुल गांधी ने उनकी टिप्पणी को संघ के असली चरित्र से जोड़कर तंज कसा है. गांधी ने संघ पर सरेंडर का आरोप लगाया. साथ ही संगठन को फर्जी करार दिया है. राहुल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि राष्ट्रीय सरेंडर संघ, नागपुर में फर्जी राष्ट्रवाद और अमेरिका में पूरी तरह से चाटुकारिता. राम माधव ने तो बस संघ के असली चरित्र को ही उजागर किया है. राहुल गांधी ने ये कमेंट क्यों किया है? राहुल गांधी का यह बयान राम माधव की उस टिप्पणी पर आया है, जब उन्होंने अमेरिका में एक पैनल पर चर्चा के दौरान कहा कि नई दिल्ली ने अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के लिए काफी कुछ किया है. कुछ उदाहरणों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने विपक्ष की आलोचना के बावजूद रूस और ईरान से तेल खरीदना बंद करने पर सहमति दी थी. उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिका की तरफ से लगाए 50 प्रतिशत टैरिफ को भी बिना ज्यादा कुछ कहे स्वीकार कर लिया था. हालांकि, इस बयान के बाद उन्होंने प्रतिक्रिया दी. इसमें कहा कि भारत ने मॉस्को से तेल का आयाद बंद करने पर सहमति नहीं दी थी. उन्होंने कहा कि अपने पैनलिस्टों की बात का जवाब देने की कोशिश में उन्होंने कुछ ऐसी बातें कह दीं, जो तथ्यों के हिसाब से गलत थीं. राम माधव बोले- मैंने जो कहा था, वो गलत था उन्होंने कहा कि मैंने जो कहा था, वो गलत था. भारत ने रूस से तेल का आयात बंद करने पर कभी सहमति नहीं दी. साथ ही उसने 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने का विरोध भी किया. मैं दूसरे पैनलिस्ट की बात का एक सीमित जवाब देने की कोशिश कर रहा था. लेकिन तथ्यों के हिसाब से गलत था. मैं माफी चाहता हूं. हाल ही में अमेरिका ने रूसी तेल के आयात पर छूट को फिर से बढ़ा दिया है. दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतों को कम करने के लिए हॉर्मुज में रुकावट के कारण कीमतों में इजाफा बना हुआ था. अब अमेरिका ने 30 दिन की छूट दे दी है. हॉर्मुज से दुनिया का 25 से 30 प्रतिशत एलएनजी का व्यापार होता है. इससे पहले अमेरिका ने यह छूट मार्च में जारी की थी. भारत ने रूस से लगभग 30 मिलियन बैरल तेल के ऑर्डर दिए थे. यह भी पढ़ें: AAP में बड़ी टूट, तीनों राज्यसभा सांसद ज्वाइन करेंगे BJP, राघव चड्ढा बोले- दो तिहाई सांसदों के साथ विलय
Rahul Gandhi on Ram Madhav Comment: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को आरएसएस के नेता राम माधव को आड़े हाथों लिया है. राहुल गांधी ने यह प्रतिक्रिया माधव के हालिया रूसी तेल आयात को लेकर दिए एक बयान पर दी है. राहुल गांधी ने उनकी टिप्पणी को संघ के असली चरित्र से जोड़कर तंज कसा है.
गांधी ने संघ पर सरेंडर का आरोप लगाया. साथ ही संगठन को फर्जी करार दिया है. राहुल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि राष्ट्रीय सरेंडर संघ, नागपुर में फर्जी राष्ट्रवाद और अमेरिका में पूरी तरह से चाटुकारिता. राम माधव ने तो बस संघ के असली चरित्र को ही उजागर किया है.
राहुल गांधी ने ये कमेंट क्यों किया है?
राहुल गांधी का यह बयान राम माधव की उस टिप्पणी पर आया है, जब उन्होंने अमेरिका में एक पैनल पर चर्चा के दौरान कहा कि नई दिल्ली ने अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के लिए काफी कुछ किया है. कुछ उदाहरणों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने विपक्ष की आलोचना के बावजूद रूस और ईरान से तेल खरीदना बंद करने पर सहमति दी थी. उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिका की तरफ से लगाए 50 प्रतिशत टैरिफ को भी बिना ज्यादा कुछ कहे स्वीकार कर लिया था.
हालांकि, इस बयान के बाद उन्होंने प्रतिक्रिया दी. इसमें कहा कि भारत ने मॉस्को से तेल का आयाद बंद करने पर सहमति नहीं दी थी. उन्होंने कहा कि अपने पैनलिस्टों की बात का जवाब देने की कोशिश में उन्होंने कुछ ऐसी बातें कह दीं, जो तथ्यों के हिसाब से गलत थीं.
राम माधव बोले- मैंने जो कहा था, वो गलत था
उन्होंने कहा कि मैंने जो कहा था, वो गलत था. भारत ने रूस से तेल का आयात बंद करने पर कभी सहमति नहीं दी. साथ ही उसने 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने का विरोध भी किया. मैं दूसरे पैनलिस्ट की बात का एक सीमित जवाब देने की कोशिश कर रहा था. लेकिन तथ्यों के हिसाब से गलत था. मैं माफी चाहता हूं.
हाल ही में अमेरिका ने रूसी तेल के आयात पर छूट को फिर से बढ़ा दिया है. दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतों को कम करने के लिए हॉर्मुज में रुकावट के कारण कीमतों में इजाफा बना हुआ था. अब अमेरिका ने 30 दिन की छूट दे दी है. हॉर्मुज से दुनिया का 25 से 30 प्रतिशत एलएनजी का व्यापार होता है. इससे पहले अमेरिका ने यह छूट मार्च में जारी की थी. भारत ने रूस से लगभग 30 मिलियन बैरल तेल के ऑर्डर दिए थे.
यह भी पढ़ें: AAP में बड़ी टूट, तीनों राज्यसभा सांसद ज्वाइन करेंगे BJP, राघव चड्ढा बोले- दो तिहाई सांसदों के साथ विलय
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