भारत के इस पड़ोसी देश में हाहाकार, पहले महंगाई ने तोड़ी कमर; अब ईरान में जंग के बीच लगा एक और झटका
Air fare Surges: ईरान-इजरायल में जंग का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है. खासतौर पर, विकासशील देशों पर मानों आफत सी आ पड़ी है. अब आप पाकिस्तान को ही ले लीजिए. पहले से ही जिस देश की अर्थव्यवस्था कर्ज के भरोसे चल रही है, महंगाई चरम पर है, वहां अभी युद्ध के चलते घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का किराया बढ़ा दिया गया है. यानी कि पाकिस्तान में हवाईयात्रा महंगी हो गई है. कितना बढ़ गया किराया? इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान में एयरलाइन कंपनियों ने कराची, लाहौर और इस्लामाबाद जैसे बड़े शहरों को जोड़ने वाले कई खास घरेलू रूट पर किराए बढ़ा दिए हैं. कराची, लाहौर, इस्लामाबाद जैसे शहरों में घरेलू उड़ानों का किराया प्रति यात्री 2800-5000 PKR बढ़ा है. जहां पहले रूट के हिसाब से किराया आमतौर पर 10000-15000 PKR हुआ करता है. वह अब बढ़कर 17000–20000 PKR या उससे भी ज्यादा बढ़ गया है. वहीं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर किराये में 10000-28000 PKR का उछाल आया है. टोरंटो और मैनचेस्टर जैसी लंबी दूरी की हवाई सफर का किराया इकोनॉमी क्लास में सिर्फ एक तरफ का अब 2.5 लाख PKR तक पहुंच चुका है. क्यों बढ़ी एयर टिकट की कीमत? मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच पाकिस्तान में जेट फ्यूल की कीमतें 154 PKR प्रति लीटर से बढ़कर 342 PKR प्रति लीटर हो गई है. हवाई ईंधन में लगभग 82 परसेंट की इस भारी उछाल से कीमतें बढ़ी हैं? ऊपर से रमजान के महीने में डिमांड भी काफी ज्यादा है. हालांकि, एयरलाइन कंपनियों ने सीधे तौर पर बेस फेयर नहीं बढ़ाया है, बल्कि 20-100 डॉलर तक फ्यूल सरचार्ज लगाया है. पाकिस्तान के लोग हुए खफा हवाई किराए में अचानक हुई इस बढ़ोतरी से पाकिस्तान में लोग खफा हैं. सोशल मीडिया पर इसकी खूब आलोचनाएं भी की जा रही हैं. कई यात्रियों का कहना है कि अब हवाई सफर आम लोगों के लिए अफोर्डेबल नहीं रह गया है. इस बढ़ोतरी का असर खास तौर पर बिजनेस के लिए सफर करने वाले लोगों, विदेश में काम करने वाले कर्मचारियों और विदेश यात्रा करने वाले छात्रों पर पड़ा है. एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि हवाई किराए में बढ़ोतरी पाकिस्तान के टूरिज्म सेक्टर पर भी असर डाल सकती है. टिकट की ज्यादा कीमतें घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों तरह के यात्रियों को हतोत्साहित कर सकती हैं, जिससे यात्रा की मांग कम हो सकती है. कुछ यात्री पहले से ही घरेलू यात्राओं के लिए ट्रेन और बस जैसे सस्ते विकल्प देख रहे हैं. ये भी पढ़ें: Crude Oil Price Today: तेल बाजार में कोहराम! 100 डॉलर के पार गया भाव, अब ईरान ने दे दी यह चेतावनी
Air fare Surges: ईरान-इजरायल में जंग का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है. खासतौर पर, विकासशील देशों पर मानों आफत सी आ पड़ी है. अब आप पाकिस्तान को ही ले लीजिए. पहले से ही जिस देश की अर्थव्यवस्था कर्ज के भरोसे चल रही है, महंगाई चरम पर है, वहां अभी युद्ध के चलते घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का किराया बढ़ा दिया गया है. यानी कि पाकिस्तान में हवाईयात्रा महंगी हो गई है.
कितना बढ़ गया किराया?
इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान में एयरलाइन कंपनियों ने कराची, लाहौर और इस्लामाबाद जैसे बड़े शहरों को जोड़ने वाले कई खास घरेलू रूट पर किराए बढ़ा दिए हैं. कराची, लाहौर, इस्लामाबाद जैसे शहरों में घरेलू उड़ानों का किराया प्रति यात्री 2800-5000 PKR बढ़ा है.
जहां पहले रूट के हिसाब से किराया आमतौर पर 10000-15000 PKR हुआ करता है. वह अब बढ़कर 17000–20000 PKR या उससे भी ज्यादा बढ़ गया है. वहीं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर किराये में 10000-28000 PKR का उछाल आया है. टोरंटो और मैनचेस्टर जैसी लंबी दूरी की हवाई सफर का किराया इकोनॉमी क्लास में सिर्फ एक तरफ का अब 2.5 लाख PKR तक पहुंच चुका है.
क्यों बढ़ी एयर टिकट की कीमत?
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच पाकिस्तान में जेट फ्यूल की कीमतें 154 PKR प्रति लीटर से बढ़कर 342 PKR प्रति लीटर हो गई है. हवाई ईंधन में लगभग 82 परसेंट की इस भारी उछाल से कीमतें बढ़ी हैं? ऊपर से रमजान के महीने में डिमांड भी काफी ज्यादा है. हालांकि, एयरलाइन कंपनियों ने सीधे तौर पर बेस फेयर नहीं बढ़ाया है, बल्कि 20-100 डॉलर तक फ्यूल सरचार्ज लगाया है.
पाकिस्तान के लोग हुए खफा
हवाई किराए में अचानक हुई इस बढ़ोतरी से पाकिस्तान में लोग खफा हैं. सोशल मीडिया पर इसकी खूब आलोचनाएं भी की जा रही हैं. कई यात्रियों का कहना है कि अब हवाई सफर आम लोगों के लिए अफोर्डेबल नहीं रह गया है. इस बढ़ोतरी का असर खास तौर पर बिजनेस के लिए सफर करने वाले लोगों, विदेश में काम करने वाले कर्मचारियों और विदेश यात्रा करने वाले छात्रों पर पड़ा है.
एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि हवाई किराए में बढ़ोतरी पाकिस्तान के टूरिज्म सेक्टर पर भी असर डाल सकती है. टिकट की ज्यादा कीमतें घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों तरह के यात्रियों को हतोत्साहित कर सकती हैं, जिससे यात्रा की मांग कम हो सकती है. कुछ यात्री पहले से ही घरेलू यात्राओं के लिए ट्रेन और बस जैसे सस्ते विकल्प देख रहे हैं.
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Crude Oil Price Today: तेल बाजार में कोहराम! 100 डॉलर के पार गया भाव, अब ईरान ने दे दी यह चेतावनी
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