बूंदी रायता या फ्रूट रायता, किसमें ज्यादा होते हैं हेल्दी गुण?

खाने के साथ रायता मिल जाए, तो स्वाद और बढ़ जाता है. गर्मियों में तो लोग खास तौर पर दही से बनी चीजें खाना पसंद करते हैं. बूंदी रायता और फ्रूट रायता भी ऐसे ही विकल्प हैं, जिन्हें घरों में खूब पसंद किया जाता है. बूंदी रायते में दही के साथ बेसन से बनी बूंदी मिलाई जाती है, जबकि फ्रूट रायते में सेब, केला, अनार और दूसरे फलों का इस्तेमाल होता है. दोनों में दही होने के कारण प्रोटीन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व मिलते हैं. लेकिन फलों और तली हुई बूंदी की वजह से दोनों के पोषण में अंतर होता है. ऐसे में सवाल है कि सेहत के लिहाज से कौन-सा रायता खाना बेहतर है. फ्रूट रायता खाने से क्या फायदे मिलते हैं? फ्रूट रायते में दही के साथ अलग-अलग फल मिलाए जाते हैं. सेब, केला और अनार जैसे फलों से शरीर को विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स मिलते हैं. फलों में मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाए रखने और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर करते हैं. दही से प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है, जो मांसपेशियों और हड्डियों के लिए जरूरी हैं. दही में हेल्थी बैक्टीरिया मौजूद होते हैं , जो पाचन स्वास्थ्य में मदद करते हैं. फ्रूट रायते में ज्यादा चीनी या मीठे सिरप का इस्तेमाल करने से इसकी कैलोरी बढ़ जाती है. इसलिए इसे बनाते समय ताजे फल और बिना चीनी वाला दही इस्तेमाल करना बेहतर होता है. यह भी पढ़ें : नेस्ले और HUL पर FSSAI का बड़ा एक्शन, भ्रामक दावों पर थमाया कारण बताओ नोटिस बूंदी रायता कितना हेल्दी ? बूंदी रायता बनाने के लिए दही में बेसन से बनी बूंदी मिलाई जाती है. बेसन से कुछ प्रोटीन मिलता है, जबकि दही से कैल्शियम और प्रोटीन की मात्रा बढ़ती है. इसलिए बूंदी रायते को पूरी तरह अनहेल्दी कहना सही नहीं होगा.पर बाजार में मिलने वाली ज्यादातर बूंदी तेल में तली जाती है. इस वजह से उसमें फैट और कैलोरी बढ़ती है. अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो ज्यादा मात्रा में तली हुई बूंदी खाने से रोजाना की कैलोरी बढ़ती है. ऐसे में कम बूंदी डालकर और ताजे दही का इस्तेमाल करके रायता बनाया जा सकता है.  वजन और सेहत के लिए कौन-सा रायता चुनें? अगर आप ज्यादा फाइबर और फलों से मिलने वाले पोषक तत्व चाहते हैं, तो बिना चीनी वाला फ्रूट रायता अच्छा विकल्प  है. वहीं, अगर आपको बूंदी रायता पसंद है, तो इसे भी सीमित मात्रा में खाया जा सकता है. दोनों में से चुनाव आपकी जरूरत, खाने की मात्रा और बनाने के तरीके पर निर्भर करता है. रायता बनाते समय कम फैट वाला सादा दही इस्तेमाल करें. फ्रूट रायते में अतिरिक्त चीनी डालने से बचें और बूंदी रायते में बूंदी की मात्रा सीमित रखें. अगर आपको दूध या दही से परेशानी होती है, तो अपनी  अनुसार विकल्प चुनें. संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी और नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ दोनों तरह के रायते खाने में शामिल किए जा सकते हैं. यह भी पढ़ें : बार-बार टूट रहे नाखून? शरीर में इस चीज की हो गई कमी Disclaimer : दोनों तरह के रायते का पोषण उनकी सामग्री और मात्रा पर निर्भर करता है. किसी बीमारी या विशेष डाइट की स्थिति में अपने खानपान को लेकर डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन से सलाह लें.

Oct 21, 2026 - 13:30
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बूंदी रायता या फ्रूट रायता, किसमें ज्यादा होते हैं हेल्दी गुण?

खाने के साथ रायता मिल जाए, तो स्वाद और बढ़ जाता है. गर्मियों में तो लोग खास तौर पर दही से बनी चीजें खाना पसंद करते हैं. बूंदी रायता और फ्रूट रायता भी ऐसे ही विकल्प हैं, जिन्हें घरों में खूब पसंद किया जाता है. बूंदी रायते में दही के साथ बेसन से बनी बूंदी मिलाई जाती है, जबकि फ्रूट रायते में सेब, केला, अनार और दूसरे फलों का इस्तेमाल होता है. दोनों में दही होने के कारण प्रोटीन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व मिलते हैं. लेकिन फलों और तली हुई बूंदी की वजह से दोनों के पोषण में अंतर होता है. ऐसे में सवाल है कि सेहत के लिहाज से कौन-सा रायता खाना बेहतर है.

फ्रूट रायता खाने से क्या फायदे मिलते हैं?

फ्रूट रायते में दही के साथ अलग-अलग फल मिलाए जाते हैं. सेब, केला और अनार जैसे फलों से शरीर को विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स मिलते हैं. फलों में मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाए रखने और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर करते हैं.

दही से प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है, जो मांसपेशियों और हड्डियों के लिए जरूरी हैं. दही में हेल्थी बैक्टीरिया मौजूद होते हैं , जो पाचन स्वास्थ्य में मदद करते हैं. फ्रूट रायते में ज्यादा चीनी या मीठे सिरप का इस्तेमाल करने से इसकी कैलोरी बढ़ जाती है. इसलिए इसे बनाते समय ताजे फल और बिना चीनी वाला दही इस्तेमाल करना बेहतर होता है.

यह भी पढ़ें : नेस्ले और HUL पर FSSAI का बड़ा एक्शन, भ्रामक दावों पर थमाया कारण बताओ नोटिस

बूंदी रायता कितना हेल्दी ?

बूंदी रायता बनाने के लिए दही में बेसन से बनी बूंदी मिलाई जाती है. बेसन से कुछ प्रोटीन मिलता है, जबकि दही से कैल्शियम और प्रोटीन की मात्रा बढ़ती है. इसलिए बूंदी रायते को पूरी तरह अनहेल्दी कहना सही नहीं होगा.पर बाजार में मिलने वाली ज्यादातर बूंदी तेल में तली जाती है. इस वजह से उसमें फैट और कैलोरी बढ़ती है. अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो ज्यादा मात्रा में तली हुई बूंदी खाने से रोजाना की कैलोरी बढ़ती है. ऐसे में कम बूंदी डालकर और ताजे दही का इस्तेमाल करके रायता बनाया जा सकता है. 

वजन और सेहत के लिए कौन-सा रायता चुनें?

अगर आप ज्यादा फाइबर और फलों से मिलने वाले पोषक तत्व चाहते हैं, तो बिना चीनी वाला फ्रूट रायता अच्छा विकल्प  है. वहीं, अगर आपको बूंदी रायता पसंद है, तो इसे भी सीमित मात्रा में खाया जा सकता है. दोनों में से चुनाव आपकी जरूरत, खाने की मात्रा और बनाने के तरीके पर निर्भर करता है.

रायता बनाते समय कम फैट वाला सादा दही इस्तेमाल करें. फ्रूट रायते में अतिरिक्त चीनी डालने से बचें और बूंदी रायते में बूंदी की मात्रा सीमित रखें. अगर आपको दूध या दही से परेशानी होती है, तो अपनी  अनुसार विकल्प चुनें. संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी और नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ दोनों तरह के रायते खाने में शामिल किए जा सकते हैं.

यह भी पढ़ें : बार-बार टूट रहे नाखून? शरीर में इस चीज की हो गई कमी

Disclaimer : दोनों तरह के रायते का पोषण उनकी सामग्री और मात्रा पर निर्भर करता है. किसी बीमारी या विशेष डाइट की स्थिति में अपने खानपान को लेकर डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन से सलाह लें.

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