बांके बिहारी मंदिर में बड़ा बदलाव! भीड़ से राहत पाने का नया तरीका, भक्तों को मिला सुकून, जानें कैसे?

Banke Bihari Mandir: वृंदावन स्थित विश्व प्रसिद्ध ठाकुर जी के बांके बिहारी मंदिर में आज यानी शनिवार के दिन बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित दर्शन कराने के लिए एक अहम बदलाव किया है. लंबे समय से भक्तों को जिस अव्यवस्था और भीड़ से जूझना पड़ता था, उसे कंट्रोल करने के लिए मंदिर प्रबंधन ने अब एक नई व्यवस्था लागू की है.  शनिवार जैसे ही मंदिर के पट खुले, श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रांगण में लगाई गई विशेष रेलिंग के जरिए से अपने आराध्य ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन किए. दर्शन से जुड़ा ये बदलाव भक्तों के लिए न केवल सुविधाजनक रहा, बल्कि इससे दर्शन प्रक्रिया भी कहीं अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित नजर आई.  वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में आरती के दौरान घंटी क्यों नहीं बजती? इंद्रेश महाराज से जानिए इसका रहस्य? रेलिंग लगाकर नियंत्रित मार्ग तैयार किया गया अभी तक हालत ये थी कि, मंदिर में घुसते ही श्रद्धालुओं को भारी भीड़ के बीच खड़े होकर ठाकुर जी के दर्शन करने पड़ते थे. खासकर त्योहारों और साप्ताहांत पर यह भीड़ कई बार अव्यवस्था और धक्का-मुक्की का कारण बन जाती थी, जिससे वृद्धों, महिलाओं और बच्चों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था.  इस समस्या को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन ने मंदिर के अंदर रेलिंग लगाकर एक नियंत्रित मार्ग तैयार किया है, जिसके जरिए भक्त कतारबद्ध होकर दर्शन कर पा रहे हैं. इस दौरान किसी भी तरह का धक्का-मुक्की और न ही अफरा-तफरी की स्थिति देखने को मिली. भक्तों ने कहा कि, इस नई व्यवस्था से उन्होंने ने न केवल व्यवस्थित ढंग से ठाकुर जी के दर्शन करने का अवसर मिला, बल्कि मानसिक रूप से भी राहत महसूस हुई.  बांके बिहारी और प्रेम मंदिर तो सब जाते हैं, लेकिन ये 5 मंदिर वृंदावन की असली आत्मा हैं! परीक्षण सफल रहा तो भविष्य में स्थायी रूप से होगा लागू मंदिर प्रबंधन के मुताबिक, यह फिलहाल एक परीक्षण व्यवस्था है. यदि यह व्यवस्था सफल रहती है और भीड़ नियंत्रण में प्रभावी साबित होती है, तो भविष्य में इसे स्थायी रूप से लागू किया जाएगा. प्रबंधन का उद्देश्य यही है कि, प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुचारू और सहज ढंग से दर्शन का मौका मिला.  भक्तों ने इस पहल का स्वागत करते हुए बिना धक्का-मुक्की के ठाकुर जी के दर्शन किए. कुल मिलाकर यह नई व्यवस्था वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में दर्शन अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है. यदि प्रयोग सफल होता है, तो आने वाले दिनों में लाखों श्रद्धालुओं को इसका सीधा लाभ होगा. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Feb 14, 2026 - 17:30
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बांके बिहारी मंदिर में बड़ा बदलाव! भीड़ से राहत पाने का नया तरीका, भक्तों को मिला सुकून, जानें कैसे?

Banke Bihari Mandir: वृंदावन स्थित विश्व प्रसिद्ध ठाकुर जी के बांके बिहारी मंदिर में आज यानी शनिवार के दिन बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित दर्शन कराने के लिए एक अहम बदलाव किया है. लंबे समय से भक्तों को जिस अव्यवस्था और भीड़ से जूझना पड़ता था, उसे कंट्रोल करने के लिए मंदिर प्रबंधन ने अब एक नई व्यवस्था लागू की है. 

शनिवार जैसे ही मंदिर के पट खुले, श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रांगण में लगाई गई विशेष रेलिंग के जरिए से अपने आराध्य ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन किए. दर्शन से जुड़ा ये बदलाव भक्तों के लिए न केवल सुविधाजनक रहा, बल्कि इससे दर्शन प्रक्रिया भी कहीं अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित नजर आई. 

वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में आरती के दौरान घंटी क्यों नहीं बजती? इंद्रेश महाराज से जानिए इसका रहस्य?

रेलिंग लगाकर नियंत्रित मार्ग तैयार किया गया

अभी तक हालत ये थी कि, मंदिर में घुसते ही श्रद्धालुओं को भारी भीड़ के बीच खड़े होकर ठाकुर जी के दर्शन करने पड़ते थे. खासकर त्योहारों और साप्ताहांत पर यह भीड़ कई बार अव्यवस्था और धक्का-मुक्की का कारण बन जाती थी, जिससे वृद्धों, महिलाओं और बच्चों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था. 

इस समस्या को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन ने मंदिर के अंदर रेलिंग लगाकर एक नियंत्रित मार्ग तैयार किया है, जिसके जरिए भक्त कतारबद्ध होकर दर्शन कर पा रहे हैं. इस दौरान किसी भी तरह का धक्का-मुक्की और न ही अफरा-तफरी की स्थिति देखने को मिली. भक्तों ने कहा कि, इस नई व्यवस्था से उन्होंने ने न केवल व्यवस्थित ढंग से ठाकुर जी के दर्शन करने का अवसर मिला, बल्कि मानसिक रूप से भी राहत महसूस हुई. 

बांके बिहारी और प्रेम मंदिर तो सब जाते हैं, लेकिन ये 5 मंदिर वृंदावन की असली आत्मा हैं!

परीक्षण सफल रहा तो भविष्य में स्थायी रूप से होगा लागू

मंदिर प्रबंधन के मुताबिक, यह फिलहाल एक परीक्षण व्यवस्था है. यदि यह व्यवस्था सफल रहती है और भीड़ नियंत्रण में प्रभावी साबित होती है, तो भविष्य में इसे स्थायी रूप से लागू किया जाएगा. प्रबंधन का उद्देश्य यही है कि, प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुचारू और सहज ढंग से दर्शन का मौका मिला. 

भक्तों ने इस पहल का स्वागत करते हुए बिना धक्का-मुक्की के ठाकुर जी के दर्शन किए. कुल मिलाकर यह नई व्यवस्था वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में दर्शन अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है. यदि प्रयोग सफल होता है, तो आने वाले दिनों में लाखों श्रद्धालुओं को इसका सीधा लाभ होगा.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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